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फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार; छह आरोपी चिन्हित #जालौन #उरई #कोंच जालौन। जालौन पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने खुद को बिहार पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो की-पैड मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया है। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि 8 जुलाई 2026 को प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर साइबर थाना उरई में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C एवं 66D के तहत सिरसाकलार थाना क्षेत्र के मानपुर निवासी दीपेंद्र कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में दो विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान कुल छह आरोपियों के नाम सामने आए। शुक्रवार को साइबर पुलिस ने दीपेंद्र कुमार को उरई के इकलाशपुरा चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गिरोह के सदस्य बिहार पुलिस के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की प्रतियां और स्टेट क्राइम ब्यूरो की वेबसाइट से जानकारी डाउनलोड करते थे। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने वालों को बिहार पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते और कार्रवाई का भय दिखाकर या केस निपटाने का झांसा देकर ऑनलाइन रुपये वसूलते थे। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था तथा उन्हीं खातों में ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। आरोपी ने स्वीकार किया कि गिरोह में कई सदस्य शामिल हैं और प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

Orai, Jalaun | Jul 18, 2026

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श्मशान नहीं मिला तो सड़क किनारे जली चिता, बारिश के पानी में खड़े होकर निभानी पड़ी अंतिम रस्में

कोंच। किसी इंसान की जिंदगी का आखिरी पड़ाव भी अगर सम्मानजनक न हो, तो यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। कोंच तहसील के नदीगांव ब्लॉक के गिदवासा गांव में शुक्रवार को ऐसा ही मंजर सामने आया, जिसने ग्रामीण व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी।

गांव की 63 वर्षीय रामश्री के निधन के बाद परिजनों के सामने अंतिम संस्कार के लिए जगह तक नहीं थी। गांव में श्मशान की व्यवस्था न होने के कारण मजबूर होकर परिजनों और ग्रामीणों को कोंच-रावतपुरा मार्ग के किनारे पानी से भरे स्थान पर ही अंतिम संस्कार करना पड़ा।

बारिश के बीच ग्रामीण पानी में खड़े होकर अंतिम संस्कार की रस्में निभाते रहे। एक ओर अपनों को खोने का गम था, तो दूसरी ओर व्यवस्था की बेरुखी का दर्द। जिस वक्त परिवार को सहारे और संवेदना की जरूरत थी, उस वक्त उन्हें श्मशान की जगह सड़क का किनारा तलाशना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि उरई दर्शन इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में श्मशान की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। श्मसान के न होने का मुख्य कारण क्षेत्र में चकबंदी न होना बताया जा रहा है। जिस कारण कुछ गांव श्मसान, खेल मैदान जैसी सुविधाओं से वंचित हैं।

आज एक वृद्धा की अंतिम यात्रा सड़क किनारे पूरी हुई है। कल फिर किसी परिवार को इसी पीड़ा से गुजरना पड़े, उससे पहले प्रशासन को जागना होगा। क्या किसी गांव को अपने मृतकों को अंतिम सम्मान देने के लिए भी सड़क किनारे जगह तलाशनी पड़ेगी?

गिदवासा की यह तस्वीर सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि उन दावों पर भी सवाल है जिनमें गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। अब जरूरत है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर स्थायी श्मशान स्थल की व्यवस्था करे, ताकि किसी परिवार को दोबारा ऐसी बेबसी न झेलनी पड़े।

#orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

श्मशान नहीं मिला तो सड़क किनारे जली चिता, बारिश के पानी में खड़े होकर निभानी पड़ी अंतिम रस्में कोंच। किसी इंसान की जिंदगी का आखिरी पड़ाव भी अगर सम्मानजनक न हो, तो यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। कोंच तहसील के नदीगांव ब्लॉक के गिदवासा गांव में शुक्रवार को ऐसा ही मंजर सामने आया, जिसने ग्रामीण व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। गांव की 63 वर्षीय रामश्री के निधन के बाद परिजनों के सामने अंतिम संस्कार के लिए जगह तक नहीं थी। गांव में श्मशान की व्यवस्था न होने के कारण मजबूर होकर परिजनों और ग्रामीणों को कोंच-रावतपुरा मार्ग के किनारे पानी से भरे स्थान पर ही अंतिम संस्कार करना पड़ा। बारिश के बीच ग्रामीण पानी में खड़े होकर अंतिम संस्कार की रस्में निभाते रहे। एक ओर अपनों को खोने का गम था, तो दूसरी ओर व्यवस्था की बेरुखी का दर्द। जिस वक्त परिवार को सहारे और संवेदना की जरूरत थी, उस वक्त उन्हें श्मशान की जगह सड़क का किनारा तलाशना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि उरई दर्शन इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में श्मशान की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। श्मसान के न होने का मुख्य कारण क्षेत्र में चकबंदी न होना बताया जा रहा है। जिस कारण कुछ गांव श्मसान, खेल मैदान जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। आज एक वृद्धा की अंतिम यात्रा सड़क किनारे पूरी हुई है। कल फिर किसी परिवार को इसी पीड़ा से गुजरना पड़े, उससे पहले प्रशासन को जागना होगा। क्या किसी गांव को अपने मृतकों को अंतिम सम्मान देने के लिए भी सड़क किनारे जगह तलाशनी पड़ेगी? गिदवासा की यह तस्वीर सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि उन दावों पर भी सवाल है जिनमें गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। अब जरूरत है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर स्थायी श्मशान स्थल की व्यवस्था करे, ताकि किसी परिवार को दोबारा ऐसी बेबसी न झेलनी पड़े। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Aug 8, 2026

पिता अतीक की कब्र के बगल में सुपुर्द-ए-खाक अबान अहमद, कंधा देते ही फूट-फूट कर रो पड़े भाई उमर-अली-अहजम

6 अगस्त को प्रयागराज से झांसी जाते समय एक दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अतीक अहमद के पांचवें बेटे अबान को आज सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है. भारी सुरक्षा के बीच उसे पिता अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में दफनाया गया, जहां अपने छोटे भाई को खोने का दर्द उमर, अली और अहजम के चेहरों पर साफ नजर आया.

आपको बता दें कि प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में पहुंचे माफिया अतीक अहमद के दोनों बेटों, मोहम्मद उमर और अली अहमद को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच प्रिजन वैन से लाया गया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट से सशर्त कस्टडी पैरोल मिलने के बाद दोनों भाई अपने छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने के लिए यहां लाए गए थे.  मोहम्मद उमर लखनऊ जेल में बंद है, जबकि अली अहमद झांसी जेल में बंद है. दोनों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से कस्टडी पैरोल मिली थी. इसी के बाद दोनों अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने प्रयागराज पहुंचे.

#atikahmad #PrayagrajNews #AtiqAhmad #abaanahmed #viral

पिता अतीक की कब्र के बगल में सुपुर्द-ए-खाक अबान अहमद, कंधा देते ही फूट-फूट कर रो पड़े भाई उमर-अली-अहजम 6 अगस्त को प्रयागराज से झांसी जाते समय एक दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अतीक अहमद के पांचवें बेटे अबान को आज सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है. भारी सुरक्षा के बीच उसे पिता अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में दफनाया गया, जहां अपने छोटे भाई को खोने का दर्द उमर, अली और अहजम के चेहरों पर साफ नजर आया. आपको बता दें कि प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में पहुंचे माफिया अतीक अहमद के दोनों बेटों, मोहम्मद उमर और अली अहमद को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच प्रिजन वैन से लाया गया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट से सशर्त कस्टडी पैरोल मिलने के बाद दोनों भाई अपने छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने के लिए यहां लाए गए थे. मोहम्मद उमर लखनऊ जेल में बंद है, जबकि अली अहमद झांसी जेल में बंद है. दोनों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से कस्टडी पैरोल मिली थी. इसी के बाद दोनों अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने प्रयागराज पहुंचे. #atikahmad #PrayagrajNews #AtiqAhmad #abaanahmed #viral

Orai, Jalaun | Aug 8, 2026

थाना समाधान दिवस में डीएम की दो टूक—कागजों में नहीं, मौके पर दिखे शिकायतों का समाधान

जालौन में 69 फरियादियों ने रखीं समस्याएं, 27 मामलों का तत्काल निस्तारण; बाकी शिकायतों के लिए पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीमें गठित

जालौन। थाना समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर मौके पर भी दिखाई देना चाहिए। जालौन कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में डीएम और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनपद के सभी थानों में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 69 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 27 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिन शिकायतों का तत्काल समाधान नहीं हो सका, उनके लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर संबंधित स्थानों पर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जालौन कोतवाली में आईं पांच शिकायतें: जालौन कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में कुल पांच फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें से तीन मामलों का अधिकारियों ने मौके पर ही समाधान करा दिया। यहां चकरोड, नाली निर्माण, जलभराव और बारिश से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि और राजस्व से जुड़े विवादों में केवल दोनों पक्षों की बात सुनना पर्याप्त नहीं है। संबंधित स्थल का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाए और नियमानुसार निष्पक्ष निर्णय लिया जाए।

शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही माना जाए निस्तारण: जिलाधिकारी ने अधिकारियों को खास तौर पर निर्देश दिया कि शिकायत के निस्तारण के बाद संबंधित फरियादी से फीडबैक भी लिया जाए। शिकायतकर्ता की समस्या वास्तव में दूर होने और उसकी संतुष्टि के बाद ही प्रकरण को निस्तारित माना जाए।

उन्होंने कहा कि विरासत, खतौनी में नाम की त्रुटि, हदबंदी और अन्य भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित किया जाए।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई: डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। निष्पक्ष निस्तारण हेतु पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें।

थाना समाधान दिवस में डीएम की दो टूक—कागजों में नहीं, मौके पर दिखे शिकायतों का समाधान जालौन में 69 फरियादियों ने रखीं समस्याएं, 27 मामलों का तत्काल निस्तारण; बाकी शिकायतों के लिए पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीमें गठित जालौन। थाना समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर मौके पर भी दिखाई देना चाहिए। जालौन कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में डीएम और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। जनपद के सभी थानों में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 69 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 27 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिन शिकायतों का तत्काल समाधान नहीं हो सका, उनके लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर संबंधित स्थानों पर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जालौन कोतवाली में आईं पांच शिकायतें: जालौन कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में कुल पांच फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें से तीन मामलों का अधिकारियों ने मौके पर ही समाधान करा दिया। यहां चकरोड, नाली निर्माण, जलभराव और बारिश से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि और राजस्व से जुड़े विवादों में केवल दोनों पक्षों की बात सुनना पर्याप्त नहीं है। संबंधित स्थल का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाए और नियमानुसार निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही माना जाए निस्तारण: जिलाधिकारी ने अधिकारियों को खास तौर पर निर्देश दिया कि शिकायत के निस्तारण के बाद संबंधित फरियादी से फीडबैक भी लिया जाए। शिकायतकर्ता की समस्या वास्तव में दूर होने और उसकी संतुष्टि के बाद ही प्रकरण को निस्तारित माना जाए। उन्होंने कहा कि विरासत, खतौनी में नाम की त्रुटि, हदबंदी और अन्य भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित किया जाए। लापरवाही पर होगी कार्रवाई: डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। निष्पक्ष निस्तारण हेतु पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें।

Orai, Jalaun | Aug 8, 2026

प्रयागराज की कसारी मसारी कब्रिस्तान से अली और उमर रवाना। उमर को लखनऊ जेल के लिए रवाना किया गया। अली को झांसी जेल के लिए रवाना किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों को रवाना किया गया। भाई अबान के जनाजे में शामिल होने आए थे।झांसी में सड़क हादसे में अबान की मौत हुई थी।

#jhansi #AtiqAhmad #PrayagrajNews #atikahmad #अतीकअहमद

प्रयागराज की कसारी मसारी कब्रिस्तान से अली और उमर रवाना। उमर को लखनऊ जेल के लिए रवाना किया गया। अली को झांसी जेल के लिए रवाना किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों को रवाना किया गया। भाई अबान के जनाजे में शामिल होने आए थे।झांसी में सड़क हादसे में अबान की मौत हुई थी। #jhansi #AtiqAhmad #PrayagrajNews #atikahmad #अतीकअहमद

Orai, Jalaun | Aug 8, 2026

अधूरे नाला निर्माण ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत, बारिश में जलभराव से आम रास्ता भी हुआ खतरनाक: वीडियो हुआ वायरल

डकोर (जालौन)। विकासखंड डकोर के ग्राम डकोर में कथित तौर पर अधूरे पड़े नाला निर्माण कार्य के चलते बारिश के दौरान ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नाला निर्माण पूरा न होने से सड़क पर पानी भर रहा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इसी जलभराव वाले रास्ते से होकर श्मशान घाट तक भी जाना पड़ता है। इस जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

बारिश के बाद रास्ते पर पानी भर जाने से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को काफी दिक्कत हो रही है। पानी की गहराई और सड़क की स्थिति का सही अंदाजा न लग पाने के कारण कभी भी कोई हादसा होने की आशंका बनी हुई है। सबसे अधिक चिंता छोटे बच्चों को लेकर है, जो इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। जलभराव के बीच फिसलने या गहरे पानी में गिरने से किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों का आरोप है कि नाला निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी लापरवाही के चलते ग्रामीणों को बारिश के मौसम में इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर जलभराव के कारण रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ श्मशान घाट तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। यदि समय रहते नाला निर्माण पूरा नहीं कराया गया और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा होने का पूरा डर बना है।

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से अधूरे नाला निर्माण को तत्काल पूरा कराने, जल निकासी की व्यवस्था कराने और रास्ते को सुरक्षित बनाने की मांग की है, ताकि किसी बच्चे, बुजुर्ग या राहगीर के साथ कोई अप्रिय घटना न हो।

#orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

अधूरे नाला निर्माण ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत, बारिश में जलभराव से आम रास्ता भी हुआ खतरनाक: वीडियो हुआ वायरल डकोर (जालौन)। विकासखंड डकोर के ग्राम डकोर में कथित तौर पर अधूरे पड़े नाला निर्माण कार्य के चलते बारिश के दौरान ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नाला निर्माण पूरा न होने से सड़क पर पानी भर रहा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इसी जलभराव वाले रास्ते से होकर श्मशान घाट तक भी जाना पड़ता है। इस जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बारिश के बाद रास्ते पर पानी भर जाने से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को काफी दिक्कत हो रही है। पानी की गहराई और सड़क की स्थिति का सही अंदाजा न लग पाने के कारण कभी भी कोई हादसा होने की आशंका बनी हुई है। सबसे अधिक चिंता छोटे बच्चों को लेकर है, जो इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। जलभराव के बीच फिसलने या गहरे पानी में गिरने से किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का आरोप है कि नाला निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी लापरवाही के चलते ग्रामीणों को बारिश के मौसम में इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर जलभराव के कारण रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ श्मशान घाट तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। यदि समय रहते नाला निर्माण पूरा नहीं कराया गया और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा होने का पूरा डर बना है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से अधूरे नाला निर्माण को तत्काल पूरा कराने, जल निकासी की व्यवस्था कराने और रास्ते को सुरक्षित बनाने की मांग की है, ताकि किसी बच्चे, बुजुर्ग या राहगीर के साथ कोई अप्रिय घटना न हो। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Aug 8, 2026

फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार; छह आरोपी चिन्हित #जालौन #उरई #कोंच जालौन। जालौन पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने खुद को बिहार पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो की-पैड मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया है। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि 8 जुलाई 2026 को प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर साइबर थाना उरई में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C एवं 66D के तहत सिरसाकलार थाना क्षेत्र के मानपुर निवासी दीपेंद्र कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में दो विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान कुल छह आरोपियों के नाम सामने आए। शुक्रवार को साइबर पुलिस ने दीपेंद्र कुमार को उरई के इकलाशपुरा चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गिरोह के सदस्य बिहार पुलिस के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की प्रतियां और स्टेट क्राइम ब्यूरो की वेबसाइट से जानकारी डाउनलोड करते थे। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने वालों को बिहार पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते और कार्रवाई का भय दिखाकर या केस निपटाने का झांसा देकर ऑनलाइन रुपये वसूलते थे। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था तथा उन्हीं खातों में ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। आरोपी ने स्वीकार किया कि गिरोह में कई सदस्य शामिल हैं और प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। - Orai News