फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार; छह आरोपी चिन्हित
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जालौन। जालौन पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने खुद को बिहार पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो की-पैड मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि 8 जुलाई 2026 को प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर साइबर थाना उरई में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C एवं 66D के तहत सिरसाकलार थाना क्षेत्र के मानपुर निवासी दीपेंद्र कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में दो विशेष टीमों का गठन किया गया।
जांच के दौरान कुल छह आरोपियों के नाम सामने आए। शुक्रवार को साइबर पुलिस ने दीपेंद्र कुमार को उरई के इकलाशपुरा चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गिरोह के सदस्य बिहार पुलिस के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की प्रतियां और स्टेट क्राइम ब्यूरो की वेबसाइट से जानकारी डाउनलोड करते थे। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने वालों को बिहार पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते और कार्रवाई का भय दिखाकर या केस निपटाने का झांसा देकर ऑनलाइन रुपये वसूलते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था तथा उन्हीं खातों में ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। आरोपी ने स्वीकार किया कि गिरोह में कई सदस्य शामिल हैं और प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
Orai, Jalaun | Jul 18, 2026