जब पिता की याद बनी किसी की जिंदगी बचाने की वजह, मीरा सिंह ने तीसरी बार किया रक्तदान
इंदौर। कुछ रिश्ते चले जाने के बाद भी जीवन को दिशा देते रहते हैं और कुछ स्मृतियां दूसरों के जीवन में उजाला करने की प्रेरणा बन जाती हैं। पितृ मोक्ष अमावस्या और शारदेय नवरात्र के शुभारंभ पर ऐसी ही संवेदना देखने को मिली, जब मध्यप्रदेश आबकारी विभाग की उप निरीक्षक मीरा सिंह ने अपने दिवंगत पिता की स्मृति में तीसरी बार रक्तदान कर उनकी याद को जीवनदान की पहल में बदल दिया। उनके लिए यह महज रक्तदान नहीं, बल्कि उस पिता को श्रद्धांजलि थी, जिनकी स्मृतियां आज भी उनके जीवन के संस्कारों और सेवा-भाव में जीवंत हैं।
रक्त की कुछ बूंदें किसी अनजान परिवार के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी उम्मीद बन सकती हैं। इसी विश्वास के साथ मीरा सिंह ने रक्तदान किया। इसके बाद मालवांचल की शान क्लीन सिटी इंदौर स्थित महाराजा यशवंतराव होलकर मेमोरियल हॉस्पिटल के बाहर मरीजों और उनके परिजनों के बीच भोजन
Unchahara, Satna | Oct 12, 2026