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नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण पर बड़ा अपडेट!! रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में हुए विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें चल रही हैं, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस ने स्थिति साफ कर दी है। गुरुद्वारे पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं हुआ है!! किसी को बंधक नहीं बनाया गया है!! लंगर, अरदास और धार्मिक गतिविधियां नियमित रूप से जारी हैं। हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा पूरी तरह सुचारू हैं!! सभी सड़क मार्ग और यातायात व्यवस्था सामान्य है!! पुलिस और प्रशासन लगातार संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कई जानकारियां भ्रामक और तथ्यहीन हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और एसपी नीहारिका तोमर ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर कोई असर नहीं!! श्रद्धालु निश्चिंत होकर अपनी यात्रा जारी रखें!! अफवाह नहीं, आधिकारिक जानकारी साझा करें। शांति, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखें। #Rudraprayag #NagrasuGurudwara #HemkundSahibYatra #CharDhamYatra #Uttarakhand #BreakingNews #RudraprayagPolice #OfficialUpdate

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नगरासू प्रकरण पर युवा नेता मोहित डिमरी की अपील!!

पिछले कुछ दिनों से नगरासू क्षेत्र में जो तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी, वह अब शांति, संवाद और प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से सामान्य होने की ओर अग्रसर है। यह हम सभी के लिए राहत और संतोष का विषय है।

मैं पहाड़ के लोगों तथा सिख समाज, दोनों से हाथ जोड़कर विनम्र अपील करना चाहता हूँ कि किसी भी परिस्थिति में हम अपने बीच प्रेम, विश्वास और भाईचारे की उस मजबूत डोर को कमजोर न होने दें, जिसने वर्षों से हमें एक-दूसरे से जोड़े रखा है।
उत्तराखंड और सिख समाज का संबंध केवल आस्था का नहीं, बल्कि सेवा, सम्मान और अपनत्व का भी है। जब-जब देश और समाज को आवश्यकता पड़ी है, सिख समाज ने सेवा, समर्पण और त्याग की अद्वितीय मिसालें प्रस्तुत की हैं। वहीं उत्तराखंड के लोगों ने भी सदैव खुले दिल से सिख भाइयों-बहनों का स्वागत किया है और उन्हें अपने परिवार का हिस्सा माना है।

कुछ घटनाएं, कुछ गलतफहमियां अथवा कुछ व्यक्तियों की प्रतिक्रियाएं कभी भी दो समुदायों के रिश्तों की पहचान नहीं हो सकतीं। किसी एक व्यक्ति की गलती को पूरे समाज से जोड़ना न तो न्यायसंगत है और न ही हमारी संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप।

मैं सोशल मीडिया पर सक्रिय सभी साथियों से भी निवेदन करता हूँ कि ऐसी कोई पोस्ट, वीडियो या टिप्पणी साझा न करें, जिससे किसी धर्म, समुदाय या व्यक्ति की भावनाएं आहत हों। नफरत फैलाने वाले शब्द भले ही एक पल में लिख दिए जाएं, लेकिन उनसे पैदा हुई दूरियों को मिटाने में वर्षों लग जाते हैं।
हमें यह याद रखना होगा कि हमारी आस्थाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी मानवता एक है। हमारी पूजा-पद्धतियां भिन्न हो सकती हैं, लेकिन हमारा देश, हमारी संस्कृति और हमारी साझा विरासत एक है। यदि किसी से कोई गलती हुई है, तो उसका निर्णय कानून और न्याय व्यवस्था करेगी। हमें न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए और इस विषय को समुदायों के बीच संघर्ष का रूप नहीं देने देना चाहिए।

आज आवश्यकता किसी की जीत या हार की नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और सौहार्द को मजबूत करने की है। आवश्यकता आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, बल्कि संवाद और समझदारी की है। आवश्यकता नफरत की नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की है।

आइए, हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि उत्तराखंड की पावन धरती पर प्रेम, शांति, सौहार्द और आपसी सम्मान की परंपरा को कभी कमजोर नहीं होने देंगे।
शांति हमारी शक्ति है, भाईचारा हमारी पहचान है और इंसानियत हमारा सबसे बड़ा धर्म है।

मेरी ओर से सिख समाज के सभी भाइयों और बहनों को सम्मानपूर्वक सत श्री अकाल तथा समस्त उत्तराखंडवासियों को स्नेहपूर्ण प्रणाम।

नगरासू प्रकरण पर युवा नेता मोहित डिमरी की अपील!! पिछले कुछ दिनों से नगरासू क्षेत्र में जो तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी, वह अब शांति, संवाद और प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से सामान्य होने की ओर अग्रसर है। यह हम सभी के लिए राहत और संतोष का विषय है। मैं पहाड़ के लोगों तथा सिख समाज, दोनों से हाथ जोड़कर विनम्र अपील करना चाहता हूँ कि किसी भी परिस्थिति में हम अपने बीच प्रेम, विश्वास और भाईचारे की उस मजबूत डोर को कमजोर न होने दें, जिसने वर्षों से हमें एक-दूसरे से जोड़े रखा है। उत्तराखंड और सिख समाज का संबंध केवल आस्था का नहीं, बल्कि सेवा, सम्मान और अपनत्व का भी है। जब-जब देश और समाज को आवश्यकता पड़ी है, सिख समाज ने सेवा, समर्पण और त्याग की अद्वितीय मिसालें प्रस्तुत की हैं। वहीं उत्तराखंड के लोगों ने भी सदैव खुले दिल से सिख भाइयों-बहनों का स्वागत किया है और उन्हें अपने परिवार का हिस्सा माना है। कुछ घटनाएं, कुछ गलतफहमियां अथवा कुछ व्यक्तियों की प्रतिक्रियाएं कभी भी दो समुदायों के रिश्तों की पहचान नहीं हो सकतीं। किसी एक व्यक्ति की गलती को पूरे समाज से जोड़ना न तो न्यायसंगत है और न ही हमारी संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप। मैं सोशल मीडिया पर सक्रिय सभी साथियों से भी निवेदन करता हूँ कि ऐसी कोई पोस्ट, वीडियो या टिप्पणी साझा न करें, जिससे किसी धर्म, समुदाय या व्यक्ति की भावनाएं आहत हों। नफरत फैलाने वाले शब्द भले ही एक पल में लिख दिए जाएं, लेकिन उनसे पैदा हुई दूरियों को मिटाने में वर्षों लग जाते हैं। हमें यह याद रखना होगा कि हमारी आस्थाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी मानवता एक है। हमारी पूजा-पद्धतियां भिन्न हो सकती हैं, लेकिन हमारा देश, हमारी संस्कृति और हमारी साझा विरासत एक है। यदि किसी से कोई गलती हुई है, तो उसका निर्णय कानून और न्याय व्यवस्था करेगी। हमें न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए और इस विषय को समुदायों के बीच संघर्ष का रूप नहीं देने देना चाहिए। आज आवश्यकता किसी की जीत या हार की नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और सौहार्द को मजबूत करने की है। आवश्यकता आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, बल्कि संवाद और समझदारी की है। आवश्यकता नफरत की नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की है। आइए, हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि उत्तराखंड की पावन धरती पर प्रेम, शांति, सौहार्द और आपसी सम्मान की परंपरा को कभी कमजोर नहीं होने देंगे। शांति हमारी शक्ति है, भाईचारा हमारी पहचान है और इंसानियत हमारा सबसे बड़ा धर्म है। मेरी ओर से सिख समाज के सभी भाइयों और बहनों को सम्मानपूर्वक सत श्री अकाल तथा समस्त उत्तराखंडवासियों को स्नेहपूर्ण प्रणाम।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 21, 2026

अकाल सिंह निहंग ने प्रशासन एवं पुलिस का जताया आभार, स्वयं के सकुशल होने की दी जानकारी!!

रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण के बीच अकाल सिंह निहंग ने प्रशासन और पुलिस का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित एवं सकुशल हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने के प्रयासों की सराहना की तथा सभी से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

अकाल सिंह निहंग ने प्रशासन एवं पुलिस का जताया आभार, स्वयं के सकुशल होने की दी जानकारी!! रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण के बीच अकाल सिंह निहंग ने प्रशासन और पुलिस का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित एवं सकुशल हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने के प्रयासों की सराहना की तथा सभी से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 21, 2026

नगरासू गुरुद्वारा मामला: आखिर शंखनाद का क्या है संदेश? विवाद के बीच गूंजी शंख ध्वनि से बढ़ीं चर्चाएं

रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड।

नगरासू गुरुद्वारा विवाद के बीच एक नया घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है। गुरुद्वारे में चल रहे तनाव और कब्जे के आरोपों के बीच दूसरे दिन सायंकाल अचानक शंखनाद किए जाने से स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुद्वारे परिसर से गूंजी शंख ध्वनि को सुनकर आसपास के लोग हैरान रह गए। लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर इस शंखनाद के पीछे क्या संदेश छिपा है और इसे ऐसे संवेदनशील समय में क्यों किया गया।

पहले से ही विवादों और आरोप-प्रत्यारोपों के केंद्र बने इस मामले में शंखनाद की घटना ने नई बहस को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, जबकि गुरुद्वारा विवाद को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।

नगरासू गुरुद्वारा मामला: आखिर शंखनाद का क्या है संदेश? विवाद के बीच गूंजी शंख ध्वनि से बढ़ीं चर्चाएं रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड। नगरासू गुरुद्वारा विवाद के बीच एक नया घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है। गुरुद्वारे में चल रहे तनाव और कब्जे के आरोपों के बीच दूसरे दिन सायंकाल अचानक शंखनाद किए जाने से स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुद्वारे परिसर से गूंजी शंख ध्वनि को सुनकर आसपास के लोग हैरान रह गए। लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर इस शंखनाद के पीछे क्या संदेश छिपा है और इसे ऐसे संवेदनशील समय में क्यों किया गया। पहले से ही विवादों और आरोप-प्रत्यारोपों के केंद्र बने इस मामले में शंखनाद की घटना ने नई बहस को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, जबकि गुरुद्वारा विवाद को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 21, 2026