विदेशी नंबर से काल करके वाइन-शॉप के मालिक से फिरौती मांगने वाले नाबालिक सहित 2 आरोपी गिरफ्तार।
गुरुग्राम, गौरव गर्ग, 29 अक्टूबर । 28 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने पुलिस थाना फरुखनगर, गुरुग्राम की पुलिस टीम को एक लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि यह शराब की दुकानों का लाइसेंस धारक है। 25 अक्टूबर को समय दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर इसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अमेरिका से बात करने व अपना परिचय अपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए इससे पैसों की माँग की तथा पैसे न देने पर इसे गंभीर परिणाम भुगतने और नुकसान पहुँचाने की धमकी दी। प्राप्त शिकायत पर 28 अक्टूबर को पुलिस थाना फरुखनगर, गुरुग्राम में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 308(2) के तहत अभियोग अंकित किया गया।
उप-निरीक्षक लोकेश कुमार, अपराध शाखा फरुखनगर, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने पुलिस प्रणाली का प्रभावी प्रयोग करते हुए तथा पुलिस तकनीकी की सहायता से उपरोक्त अभियोग में घटित वारदात से सम्बन्धित जानकारी एकत्रित को गई। पुलिस टीम द्वारा एकत्रित को गई जानकारी व सूचना को आधार बनाकर पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त अभियोग में त्वरित व प्रभावी कार्यवाही की गई, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस टीम द्वारा अभियोग अंकित होने के कुछ ही घण्टों में आज को 1 नाबालिक सहित कुल 2 आरोपियों को काबू करके अभियोग में नियमानुसार गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान सुमित व एक 15 वर्षीय नाबालिक के रूप में हुई।
आरोपियों का विस्तृत विवरण
सुमित (उम्र: 25 वर्ष, शिक्षा: 10वीं पास) निवासी गाँव सिकन्दरपुर बढ़ा, थाना खेड़की दौला, जिला गुरुग्राम यह गुरुग्राम कोर्ट में एक वकील के पास मुंशी का काम करता है।
उक्त आरोपी का एक अन्य 15 वर्षीय नाबालिक साथी यह 8वीं कक्षा में पढ़ता है।
पुलिस टीम द्वारा आरोपियों से की गई प्रारम्भिक पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपी सुमित ने इंटरनेट से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसने एक वर्चुअल विदेशी नम्बर प्राप्त किया और अपने नाबालिक साथी के साथ मिलकर उस नम्बर का प्रयोग करके वाइन-शॉप के मालिक को फोन करके फिरौती मांगने की योजना बनाई तथा योजनानुसार नाबालिक ने उपरोक्त अभियोग की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि यदि अभियोग में पीड़ित/शिकायतकर्ता इन्हें फिरौती के लिए राजी हो जाता तो फिरौती के रुपए आरोपी सुमित द्वारा प्राप्त करने की भी योजना थी।
पुलिस टीम द्वारा आरोपियों से उपरोक्त अभियोग से सम्बन्धित तथा अन्य वारदातों के बारे में गहनता से पूछताछ करते हुए उपरोक्त अभियोग की वारदात को अंजाम देने में प्रयोग किए गए मोबाइल फोन इत्यादि बरामद करने के प्रयास किए जा रहे है। अभियोग का अनुसंधान जारी है।
गुरुग्राम पुलिस आमजन को सूचित करती है कि इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त किए जाने वाले वर्चुअल विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके अपराध करने वाले व्यक्ति यह गलतफहमी न पालें कि ऐसे नंबरों के माध्यम से उनकी पहचान छिपी रहेगी और पुलिस उन तक नहीं पहुँच पाएगी। वर्चुअल नंबर नॉन-ट्रेसेबल (जिसका पता न लगाया जा सके) नहीं होते। पुलिस आधुनिक तकनीक, साइबर जांच, डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य तकनीकी माध्यमों की सहायता से ऐसे नंबरों के इस्तेमाल से जुड़े व्यक्तियों और उनकी गतिविधियों की जांच कर सकती है। तकनीक के दुरुपयोग से अपराधियों की पहचान नही छिप सकती। पुलिस अपराध करने वालों को कानून के दायरे में लाकर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने में सक्षम है। अतः तकनीक का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें और अपराध से दूर रहें।
Jhajjar, Jhajjar | Oct 29, 2026