नवजात की देखभाल में छोटी-सी लापरवाही भी पड़ सकती है भारी
श्री कृष्णा मिशन मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ सिंह ने अभिभावकों को बताए जरूरी उपाय
बस्ती। नवजात शिशु बेहद नाजुक होते हैं और जन्म के बाद शुरुआती दिनों में उनकी विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। नवजात की सही देखभाल, समय पर स्तनपान और बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान को लेकर श्री कृष्णा मिशन मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ सिंह ने अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि जन्म के बाद बच्चे को मां का पहला गाढ़ा पीला दूध यानी कोलोस्ट्रम जरूर दिया जाना चाहिए। यह नवजात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और उसे संक्रमण से बचाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि नवजात को जन्म के शुरुआती छह माह तक केवल मां का दूध देना चाहिए तथा चिकित्सकीय सलाह के बिना बच्चे को कोई दवा या अन्य खाद्य पदार्थ नहीं देना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि नवजात को पर्याप्त गर्माहट दें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और बच्चे को अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ या संक्रमण के संपर्क में आने से बचाएं। बच्चे के दूध न पीने, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक सुस्ती, तेज बुखार या शरीर का तापमान असामान्य रूप से कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
डॉ. सिंह ने कहा कि नवजात शिशु की सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। समय पर चिकित्सकीय जांच और सही सलाह से कई गंभीर परिस्थितियों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चे में किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
श्री कृष्णा मिशन मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
Basti, Basti | Oct 1, 2026