सफलता की कहानी
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के घर तक पहुंची फिजियोथेरेपी सेवा
एआई और आईओटी आधारित ‘रिमोट फिजियोस’ से विशेषज्ञ कर रहे हैं मरीजों की एक्सरसाइज की लाइव निगरानी
मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति ने नवाचार को दी नई उड़ान
भारत सरकार से मिला पेटेंट, देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ
तकनीक का उपयोग जब मानवीय संवेदनाओं और जनसेवा के उद्देश्य से किया जाता है, तो वह लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। भोपाल के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अनंत सिंह गौर और डॉ.अनुभा सिंघई द्वारा शुरू किया गया स्टार्टअप ‘रिमोट फिजियोस’ इसका प्रेरक उदाहरण है। इस नवाचार से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगजन को घर बैठे क्लीनिक स्तर की फिजियोथेरेपी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
डॉ. अनंत सिंह गौर और डॉ. अनुभा सिंघई पिछले 18 वर्षों से फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने अनुभव किया कि बड़ी संख्या में मरीज दूरी, आवागमन की कठिनाई और उपचार पर होने वाले खर्च के कारण फिजियोथेरेपी बीच में ही छोड़ देते हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों, बुजुर्गों, दिव्यांगजन तथा सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे लोगों के लिए नियमित रूप से फिजियोथेरेपी सेंटर तक पहुंचना कठिन होता है।
कोविड काल में यह समस्या और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आई। इसी दौरान डॉ. गौर ने संकल्प लिया कि दूरी अथवा संसाधनों की कमी के कारण कोई भी मरीज आवश्यक फिजियोथेरेपी से वंचित न रहे। इस सोच से ‘रिमोट फिजियोस’ स्टार्टअप की शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीजों को उनके घर पर ही प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाएं उपलब्ध कराना है।
‘रिमोट फिजियोस’ के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित उपकरण तैयार किए गए हैं। इनकी सहायता से सैकड़ों किलोमीटर दूर मौजूद फिजियोथेरेपिस्ट भी वीडियो माध्यम से मरीज की एक्सरसाइज और उपचार प्रक्रिया की लाइव निगरानी कर सकता है। विशेषज्ञ मरीज की प्रगति को ट्रैक करने के साथ आवश्यकता के अनुसार एक्सरसाइज तथा थेरेपी के संबंध में मार्गदर्शन भी दे सकता है। इससे मरीज को घर पर ही नियमित, सुरक्षित और विशेषज्ञ निगरानी में फिजियोथेरेपी प्राप्त हो रही है।
डॉ. गौर बताते हैं कि इस अभिनव तकनीक को भारत सरकार से पेटेंट प्राप्त हुआ है। स्टार्टअप को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्टार्टअप हब अभियान से 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आईआईएम इंदौर के माध्यम से 50 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त आदित्य बिड़ला समूह एवं कोटक महिंद्रा बैंक के सीएसआर सहयोग से हैदराबाद स्थित टी-हब के माध्यम से अनुदान और तकनीकी साझेदारी भी मिली है।
डॉ. गौर और डॉ. सिंघई का कहना है कि भारत सरकार की स्टार्टअप नीति और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नवाचार एवं स्टार्टअप्स को निरंतर दिए जा रहे प्रोत्साहन से उनके विचार को तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवा में बदलने का अवसर मिला। मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति ने उनके नवाचार को विकसित करने और जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार के प्रोत्साहन से युवा उद्यमियों को अपने नवाचारों के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने का अवसर मिल रहा है। ‘रिमोट फिजियोस’ आज इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।
CM Madhya Pradesh
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16 views | Bhopal, Madhya Pradesh | Aug 6, 2026