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जिला स्तरीय पर्यटन क्विज़ प्रतियोगिता -2026 07 अगस्त 2026 🗓️07-08-2026, शुक्रवार 📍स्थान : टी.आई.टी. ग्रुप ऑफ इन्टीट्यूट, आनंद नगर, भोपाल बूझो जानो , फिर देखो अपना प्रदेश जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद भोपाल , मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड CM Madhya Pradesh Department of School Education, Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Madhya Pradesh Tourism Zila Panchayat Bhopal #Quiz #bhopal

12 views | Bhopal, Madhya Pradesh | Aug 6, 2026

MORE NEWS

खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: श्रीराम डिस्ट्रीब्यूटर्स, पटेल नगर से 2,095 लीटर/किलोग्राम से अधिक संदिग्ध घी जब्त, सप्लाई चेन भी जांच के दायरे में

माननीय आयुक्त, खाद्य सुरक्षा प्रशासन, मध्यप्रदेश के निर्देशों एवं कलेक्टर, जिला भोपाल के आदेशों के पालन में जिलेभर में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट की रोकथाम हेतु विशेष अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, भोपाल द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर श्रीराम डिस्ट्रीब्यूटर्स, 58 पटेल नगर, हमीदिया रोड, भोपाल पर सघन निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई की गई।

निरीक्षण के दौरान धौलपुर फ्रेश दानेदार देसी घी (निर्माता – Bhole Baba Milk Food Industries (Dholpur) Pvt. Ltd.) तथा गोवर्धन प्योर काउ घी (निर्माता – Parag Milk Foods Ltd.) की 200 मि.ली., 500 मि.ली., 1 लीटर एवं 15 किलोग्राम पैकिंग का भारी मात्रा में भंडारण पाया गया।

प्रथम दृष्टया घी की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत होने तथा मिलावटी घी एवं अन्य वेजिटेबल फैट की उपस्थिति की आशंका के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत संपूर्ण स्टॉक को जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में लिया गया।

कार्रवाई के दौरान लगभग 655 किलोग्राम धौलपुर फ्रेश घी (अनुमानित बाजार मूल्य ₹4,48,000) तथा 1,440 लीटर गोवर्धन घी (अनुमानित बाजार मूल्य ₹8,18,000) जब्त किया गया। इस प्रकार लगभग 2,095 लीटर/किलोग्राम घी, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹12.66 लाख है, विभाग द्वारा जब्त किया गया।

जांच के दौरान प्रस्तुत कर चालानों एवं क्रय-विक्रय अभिलेखों से यह तथ्य सामने आया कि उक्त घी इंदौर स्थित सुपर स्टॉकिस्टों/सी एंड एफ एजेंटों के माध्यम से भोपाल भेजा गया था। अभिलेखों के अनुसार—

धौलपुर फ्रेश घी की आपूर्ति Bhole Baba Milk Food Industries (Dholpur) Pvt. Ltd., इंदौर कार्यालय (सियागंज, इंदौर) के माध्यम से की गई।

गोवर्धन घी की आपूर्ति Parag Milk Foods Ltd. के अधिकृत इंदौर सुपर स्टॉकिस्ट के माध्यम से की गई।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा अब संपूर्ण सप्लाई चेन (Manufacturer – Super Stockist – Distributor – Retailer) की जांच प्रारंभ कर दी गई है। आवश्यक होने पर संबंधित निर्माता, सुपर स्टॉकिस्ट, परिवहनकर्ता, वितरक एवं अन्य जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जब्त घी के विधिक नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में विश्लेषण हेतु भेजे जा रहे हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भोपाल जिले में दूध, घी, पनीर, मावा एवं अन्य दुग्ध उत्पादों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। मिलावट करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

यह कार्रवाई मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शिवराज पावक के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों श्री अरुणेश पटेल, श्री पंकज श्रीवास्तव, श्री अरुणेश पटेल , श्री जे पी लववंशी तथा विभागीय टीम द्वारा संपादित की गई।

CM Madhya Pradesh 
Jansampark Madhya Pradesh 
#bhopal

खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: श्रीराम डिस्ट्रीब्यूटर्स, पटेल नगर से 2,095 लीटर/किलोग्राम से अधिक संदिग्ध घी जब्त, सप्लाई चेन भी जांच के दायरे में माननीय आयुक्त, खाद्य सुरक्षा प्रशासन, मध्यप्रदेश के निर्देशों एवं कलेक्टर, जिला भोपाल के आदेशों के पालन में जिलेभर में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट की रोकथाम हेतु विशेष अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, भोपाल द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर श्रीराम डिस्ट्रीब्यूटर्स, 58 पटेल नगर, हमीदिया रोड, भोपाल पर सघन निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान धौलपुर फ्रेश दानेदार देसी घी (निर्माता – Bhole Baba Milk Food Industries (Dholpur) Pvt. Ltd.) तथा गोवर्धन प्योर काउ घी (निर्माता – Parag Milk Foods Ltd.) की 200 मि.ली., 500 मि.ली., 1 लीटर एवं 15 किलोग्राम पैकिंग का भारी मात्रा में भंडारण पाया गया। प्रथम दृष्टया घी की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत होने तथा मिलावटी घी एवं अन्य वेजिटेबल फैट की उपस्थिति की आशंका के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत संपूर्ण स्टॉक को जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में लिया गया। कार्रवाई के दौरान लगभग 655 किलोग्राम धौलपुर फ्रेश घी (अनुमानित बाजार मूल्य ₹4,48,000) तथा 1,440 लीटर गोवर्धन घी (अनुमानित बाजार मूल्य ₹8,18,000) जब्त किया गया। इस प्रकार लगभग 2,095 लीटर/किलोग्राम घी, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹12.66 लाख है, विभाग द्वारा जब्त किया गया। जांच के दौरान प्रस्तुत कर चालानों एवं क्रय-विक्रय अभिलेखों से यह तथ्य सामने आया कि उक्त घी इंदौर स्थित सुपर स्टॉकिस्टों/सी एंड एफ एजेंटों के माध्यम से भोपाल भेजा गया था। अभिलेखों के अनुसार— धौलपुर फ्रेश घी की आपूर्ति Bhole Baba Milk Food Industries (Dholpur) Pvt. Ltd., इंदौर कार्यालय (सियागंज, इंदौर) के माध्यम से की गई। गोवर्धन घी की आपूर्ति Parag Milk Foods Ltd. के अधिकृत इंदौर सुपर स्टॉकिस्ट के माध्यम से की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा अब संपूर्ण सप्लाई चेन (Manufacturer – Super Stockist – Distributor – Retailer) की जांच प्रारंभ कर दी गई है। आवश्यक होने पर संबंधित निर्माता, सुपर स्टॉकिस्ट, परिवहनकर्ता, वितरक एवं अन्य जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जब्त घी के विधिक नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में विश्लेषण हेतु भेजे जा रहे हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भोपाल जिले में दूध, घी, पनीर, मावा एवं अन्य दुग्ध उत्पादों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। मिलावट करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शिवराज पावक के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों श्री अरुणेश पटेल, श्री पंकज श्रीवास्तव, श्री अरुणेश पटेल , श्री जे पी लववंशी तथा विभागीय टीम द्वारा संपादित की गई। CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh #bhopal

Bhopal, Madhya Pradesh | Aug 6, 2026

सफलता की कहानी

ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के घर तक पहुंची फिजियोथेरेपी सेवा

एआई और आईओटी आधारित ‘रिमोट फिजियोस’ से विशेषज्ञ कर रहे हैं मरीजों की एक्सरसाइज की लाइव निगरानी

मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति ने नवाचार को दी नई उड़ान

भारत सरकार से मिला पेटेंट, देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ

       तकनीक का उपयोग जब मानवीय संवेदनाओं और जनसेवा के उद्देश्य से किया जाता है, तो वह लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। भोपाल के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अनंत सिंह गौर और डॉ.अनुभा सिंघई द्वारा शुरू किया गया स्टार्टअप ‘रिमोट फिजियोस’ इसका प्रेरक उदाहरण है। इस नवाचार से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगजन को घर बैठे क्लीनिक स्तर की फिजियोथेरेपी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

       डॉ. अनंत सिंह गौर और डॉ. अनुभा सिंघई पिछले 18 वर्षों से फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने अनुभव किया कि बड़ी संख्या में मरीज दूरी, आवागमन की कठिनाई और उपचार पर होने वाले खर्च के कारण फिजियोथेरेपी बीच में ही छोड़ देते हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों, बुजुर्गों, दिव्यांगजन तथा सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे लोगों के लिए नियमित रूप से फिजियोथेरेपी सेंटर तक पहुंचना कठिन होता है।

     कोविड काल में यह समस्या और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आई। इसी दौरान डॉ. गौर ने संकल्प लिया कि दूरी अथवा संसाधनों की कमी के कारण कोई भी मरीज आवश्यक फिजियोथेरेपी से वंचित न रहे। इस सोच से ‘रिमोट फिजियोस’ स्टार्टअप की शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीजों को उनके घर पर ही प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    ‘रिमोट फिजियोस’ के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित उपकरण तैयार किए गए हैं। इनकी सहायता से सैकड़ों किलोमीटर दूर मौजूद फिजियोथेरेपिस्ट भी वीडियो माध्यम से मरीज की एक्सरसाइज और उपचार प्रक्रिया की लाइव निगरानी कर सकता है। विशेषज्ञ मरीज की प्रगति को ट्रैक करने के साथ आवश्यकता के अनुसार एक्सरसाइज तथा थेरेपी के संबंध में मार्गदर्शन भी दे सकता है। इससे मरीज को घर पर ही नियमित, सुरक्षित और विशेषज्ञ निगरानी में फिजियोथेरेपी प्राप्त हो रही है।

       डॉ. गौर बताते हैं कि इस अभिनव तकनीक को भारत सरकार से पेटेंट प्राप्त हुआ है। स्टार्टअप को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्टार्टअप हब अभियान से 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आईआईएम इंदौर के माध्यम से 50 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त आदित्य बिड़ला समूह एवं कोटक महिंद्रा बैंक के सीएसआर सहयोग से हैदराबाद स्थित टी-हब के माध्यम से अनुदान और तकनीकी साझेदारी भी मिली है।

      डॉ. गौर और डॉ. सिंघई का कहना है कि भारत सरकार की स्टार्टअप नीति और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नवाचार एवं स्टार्टअप्स को निरंतर दिए जा रहे प्रोत्साहन से उनके विचार को तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवा में बदलने का अवसर मिला। मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति ने उनके नवाचार को विकसित करने और जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

   उन्होंने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार के प्रोत्साहन से युवा उद्यमियों को अपने नवाचारों के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने का अवसर मिल रहा है। ‘रिमोट फिजियोस’ आज इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।

CM Madhya Pradesh 
Department of MSME, Madhya Pradesh 
Startup India #Bhopal

सफलता की कहानी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के घर तक पहुंची फिजियोथेरेपी सेवा एआई और आईओटी आधारित ‘रिमोट फिजियोस’ से विशेषज्ञ कर रहे हैं मरीजों की एक्सरसाइज की लाइव निगरानी मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति ने नवाचार को दी नई उड़ान भारत सरकार से मिला पेटेंट, देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ तकनीक का उपयोग जब मानवीय संवेदनाओं और जनसेवा के उद्देश्य से किया जाता है, तो वह लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। भोपाल के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अनंत सिंह गौर और डॉ.अनुभा सिंघई द्वारा शुरू किया गया स्टार्टअप ‘रिमोट फिजियोस’ इसका प्रेरक उदाहरण है। इस नवाचार से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगजन को घर बैठे क्लीनिक स्तर की फिजियोथेरेपी सेवाओं का लाभ मिल रहा है। डॉ. अनंत सिंह गौर और डॉ. अनुभा सिंघई पिछले 18 वर्षों से फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने अनुभव किया कि बड़ी संख्या में मरीज दूरी, आवागमन की कठिनाई और उपचार पर होने वाले खर्च के कारण फिजियोथेरेपी बीच में ही छोड़ देते हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों, बुजुर्गों, दिव्यांगजन तथा सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे लोगों के लिए नियमित रूप से फिजियोथेरेपी सेंटर तक पहुंचना कठिन होता है। कोविड काल में यह समस्या और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आई। इसी दौरान डॉ. गौर ने संकल्प लिया कि दूरी अथवा संसाधनों की कमी के कारण कोई भी मरीज आवश्यक फिजियोथेरेपी से वंचित न रहे। इस सोच से ‘रिमोट फिजियोस’ स्टार्टअप की शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीजों को उनके घर पर ही प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाएं उपलब्ध कराना है। ‘रिमोट फिजियोस’ के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित उपकरण तैयार किए गए हैं। इनकी सहायता से सैकड़ों किलोमीटर दूर मौजूद फिजियोथेरेपिस्ट भी वीडियो माध्यम से मरीज की एक्सरसाइज और उपचार प्रक्रिया की लाइव निगरानी कर सकता है। विशेषज्ञ मरीज की प्रगति को ट्रैक करने के साथ आवश्यकता के अनुसार एक्सरसाइज तथा थेरेपी के संबंध में मार्गदर्शन भी दे सकता है। इससे मरीज को घर पर ही नियमित, सुरक्षित और विशेषज्ञ निगरानी में फिजियोथेरेपी प्राप्त हो रही है। डॉ. गौर बताते हैं कि इस अभिनव तकनीक को भारत सरकार से पेटेंट प्राप्त हुआ है। स्टार्टअप को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्टार्टअप हब अभियान से 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आईआईएम इंदौर के माध्यम से 50 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त आदित्य बिड़ला समूह एवं कोटक महिंद्रा बैंक के सीएसआर सहयोग से हैदराबाद स्थित टी-हब के माध्यम से अनुदान और तकनीकी साझेदारी भी मिली है। डॉ. गौर और डॉ. सिंघई का कहना है कि भारत सरकार की स्टार्टअप नीति और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नवाचार एवं स्टार्टअप्स को निरंतर दिए जा रहे प्रोत्साहन से उनके विचार को तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवा में बदलने का अवसर मिला। मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति ने उनके नवाचार को विकसित करने और जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार के प्रोत्साहन से युवा उद्यमियों को अपने नवाचारों के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने का अवसर मिल रहा है। ‘रिमोट फिजियोस’ आज इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाया जा सकता है। CM Madhya Pradesh Department of MSME, Madhya Pradesh Startup India #Bhopal

Bhopal, Madhya Pradesh | Aug 6, 2026

#भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन 2026 शुरू 

Dr Mohan Yadav 
Ministry of Culture, Government of India 
BRICS India 
Department of Culture, Madhya Pradesh

#भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन 2026 शुरू Dr Mohan Yadav Ministry of Culture, Government of India BRICS India Department of Culture, Madhya Pradesh

Bhopal, Madhya Pradesh | Aug 6, 2026

ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक 2026 

* आयोजन: 5–8 अगस्त 2026

* स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश

* आयोजक: भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय (भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत)

* उद्देश्य: BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग, विरासत संरक्षण एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।

बैठक का कार्यक्रम

* 5–6 अगस्त: अधिकारियों की बैठक।

* 7–8 अगस्त: संस्कृति मंत्रियों/उपमंत्रियों की बैठक।

* 8 अगस्त:BRICS संस्कृति मंत्रियों की घोषणा को अपनाया जाएगा।

प्रमुख प्रदर्शनियाँ

* ज्ञान भारतम् – पांडुलिपि संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं AI आधारित अध्ययन।

* प्रोजेक्ट मौसम एवं UNESCO बहुराष्ट्रीय नामांकन प्रदर्शनी।
* मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शनी।

ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव

* 6–7 अगस्त: रवींद्र भवन, भोपाल।

* आम नागरिकों के लिए खुला।

* भारत सहित BRICS सदस्य एवं भागीदार देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ।

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ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक 2026 * आयोजन: 5–8 अगस्त 2026 * स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश * आयोजक: भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय (भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत) * उद्देश्य: BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग, विरासत संरक्षण एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना। बैठक का कार्यक्रम * 5–6 अगस्त: अधिकारियों की बैठक। * 7–8 अगस्त: संस्कृति मंत्रियों/उपमंत्रियों की बैठक। * 8 अगस्त:BRICS संस्कृति मंत्रियों की घोषणा को अपनाया जाएगा। प्रमुख प्रदर्शनियाँ * ज्ञान भारतम् – पांडुलिपि संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं AI आधारित अध्ययन। * प्रोजेक्ट मौसम एवं UNESCO बहुराष्ट्रीय नामांकन प्रदर्शनी। * मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शनी। ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव * 6–7 अगस्त: रवींद्र भवन, भोपाल। * आम नागरिकों के लिए खुला। * भारत सहित BRICS सदस्य एवं भागीदार देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ। #BRICS2026 #BRICSCultureMinistersMeeting #BRICSIndia2026 #Bhopal #MadhyaPradesh #India #Culture #CulturalDiplomacy #Heritage #UNESCO #IndianCulture #GlobalCooperation #InternationalRelations #CurrentAffairs #MPPSC #UPSC #SSC #StatePCS #CompetitiveExams #GK #currentaffairs

Bhopal, Madhya Pradesh | Aug 6, 2026