राजकीय महाविद्यालय चम्बा की *राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस)* इकाई द्वारा *केन्द्रीय युव मामले एवं खेल मंत्रालय एवं क्षेत्रीय निदेशालय एन एस एस चंडीगढ़* के आदेश एवं दिशानिर्देशानुसार *नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित युवा के अंतर्गत 100वें सप्ताह* के *संकल्प अभियान* के तहत *युवा संवाद मेले* का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय चम्बा के पूर्व एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य *डॉ. मदन लाल गुलेरिया* ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी *डॉ. करण हितेषी* तथा पुलिस थाना चम्बा के प्रभारी एसएचओ *श्री रमन चौधरी* स्रोत व्यक्ति एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त शिक्षाविद एवं उत्कृष्ट शिक्षक गौरव सम्मान से सम्मानित *श्री जितेश्वर सूर्या, शिक्षाविद एवं रचनाकार श्री अनूप राही, राजकीय महाविद्यालय चम्बा के प्राचार्य प्रो. राकेश राठौर, डॉ. चमन सिंह, मेरा युवा भारत के जिला युवा अधिकारी श्री राहुल गर्ग, जिला खेल अधिकारी श्री रूपेश कुमार, राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी श्री जितेंद्र कुमार, राजकीय महाविद्यालय तेलका के प्राचार्य डॉ. वीरेन्द्र सिंह, डॉ. सुमित तथा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. संतोष देवी* विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. करण हितेषी ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि अपने संबोधन में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. करण हितेषी ने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना वर्तमान समय की महत्त्वपूर्ण आवश्यकता है। युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और उसकी प्रगति के आधार होते हैं। यदि युवाशक्ति स्वस्थ, शिक्षित, अनुशासित और सकारात्मक विचारों से परिपूर्ण होगी, तभी देश विकास के नए आयाम स्थापित कर सकेगा। उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति न केवल व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि उसके पारिवारिक जीवन, शिक्षा, सामाजिक प्रतिष्ठा और भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
डॉ. हितेषी ने कहा कि नशामुक्त भारत का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से प्राप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए युवाओं, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों, प्रशासन और समुदाय की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों की भूमिका को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल शैक्षणिक ज्ञान प्राप्त करने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण विकसित करने के भी महत्त्वपूर्ण माध्यम हैं। एनएसएस जैसी योजनाएं युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं के समाधान में योगदान देने का अवसर प्रदान करती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, रचनात्मक कार्यों और समाजसेवा में करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना, अच्छी संगति अपनाना, समय का सदुपयोग करना और अनुशासित दिनचर्या का पालन करना युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखने में सहायक होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवारों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं। उन्होंने इस प्रकार के युवा संवाद कार्यक्रमों को युवाओं में जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक चेतना विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।।
एस एच ओ श्री रमन चौधरी ने अपने संबोधन में लिस थाना चम्बा के प्रभारी एसएचओ श्री रमन चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि नशे की समस्या आज केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवारों, सामाजिक व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने वाली गंभीर चुनौती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि नशे की शुरुआत कई बार जिज्ञासा, मित्रों के दबाव, गलत संगति अथवा तनाव से बचने के प्रयास में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के जीवन, व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए युवाओं को किसी भी प्रकार के दबाव में आकर नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए तथा अपने जीवन और भविष्य के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने मित्रों और आसपास के वातावरण के प्रति सजग रहना चाहिए। यदि किसी साथी में नशे की ओर बढ़ने के संकेत दिखाई दें, तो उसका उपहास करने अथवा उससे दूरी बनाने के बजाय उसे समझाने, उचित मार्गदर्शन देने और आवश्यकता पड़ने पर परिवार या संबंधित विशेषज्ञों की सहायता लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि नशे से दूर रहना केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भी हिस्सा है। युवाओं की जागरूकता और सकारात्मक सोच नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों को जनआंदोलन का रूप देने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
मुख्य अतिथि डॉ. मदन लाल गुलेरिया ने युवाओं के सर्वांगीण विकास में शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें अपने भविष्य के प्रति सजग रहते हुए स्वस्थ आदतों को अपनाना चाहिए। न्होंने विद्यार्थियों को खेलकूद, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों, पठन-पाठन और समाजसेवा जैसे सकारात्मक विकल्प अपनाने की सलाह दी। उनके अनुसार, खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मनियंत्रण, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करते हैं, जबकि रचनात्मक गतिविधियां उनकी ऊर्जा को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने एनएसएस इकाई द्वारा नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित युवा संवाद मेले की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को सामाजिक समस्याओं को समझने, उनके समाधान के प्रति संवेदनशील बनने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से स्वयं दूर रहने, अपने साथियों को जागरूक करने तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
खेल जगत से जुड़े वक्ताओं ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया। राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी श्री जितेंद्र कुमार ने खेलों को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने युवाओं से खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपनी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एन एस एस गीत के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों को बैज लगाकर सम्मानित किया गया तथा दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अविनाश ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के उद्देश्यों से अवगत करवाया।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पोस्टर निर्माण, नारा लेखन और कोलाज निर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पोस्टरों, नारों और कोलाज की प्रदर्शनी के साथ जागरूकता स्टॉल भी लगाया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने सराहा।
प्रतियोगिताओं के परिणामों में पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में गौरीति ने प्रथम, पवित्रा ने द्वितीय तथा अनीशा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नारा लेखन प्रतियोगिता में गौरीति प्रथम, सन्नी द्वितीय तथा अनीता तृतीय रहे। वहीं, कोलाज निर्माण प्रतियोगिता में गौरीति प्रथम, शीतल द्वितीय तथा सन्नी तृतीय रहे। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश दिया। राहुल और आशीष की जुगलबंदी एवं गीतों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, डिम्पल, अनीशा और भवना ने नृत्य, गायन एवं कविता पाठ के माध्यम से नशामुक्ति जागरूकता अभियान को प्रभावी संदेश दिया। विद्यार्थियों की इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को रोचक बनाने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी प्रसारित किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
युवा संवाद मेले ने युवाओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता, खेल भावना, रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण मंच प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि स्वस्थ, जागरूक और सशक्त युवा ही नशामुक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राजकीय महाविद्यालय चम्बा की एनएसएस इकाई ने युवाओं को जागरूक करने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए अपने प्रयास निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई
Chamba, Chamba | Oct 9, 2026