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आईजीएमसी... गिरा पेड़.. #IGMCShimla #Shimla #TreeFall #HeavyRain #Monsoon #HimachalPradesh #WeatherAlert #BreakingNews #RainAlert #ShimlaNews

Shimla Urban, Shimla | Jul 11, 2026

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सिरमौर की लोक संस्कृति का देशभर में डंका, डॉ. जोगेंद्र हाब्बी को मिला संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित, 30 से 35 वर्षों की लोक साधना को मिली राष्ट्रीय पहचान

नई दिल्ली। सिरमौर की समृद्ध हाटी लोक संस्कृति और हिमाचल की पारंपरिक लोक कलाओं के संरक्षण की दिशा में लंबे समय से कार्य कर रहे प्रसिद्ध लोक कलाकार डॉ. जोगेंद्र हाब्बी को लोक नृत्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

यह सम्मान डॉ. हाब्बी की तीन से अधिक दशकों की उस सांस्कृतिक साधना की राष्ट्रीय पहचान है, जिसके माध्यम से उन्होंने सिरमौरी नाटी और पारंपरिक लोक विधाओं को देश-विदेश के मंचों तक पहुंचाया।

लोक संस्कृति की शुद्धता को रखा सर्वोपरि

डॉ. जोगेंद्र हाब्बी के नेतृत्व में लोक कलाकारों ने सिरमौरी नाटी सहित अनेक पारंपरिक लोक विधाओं को उनकी मौलिकता के साथ संरक्षित करने का प्रयास किया। लोकवाद्यों, पारंपरिक परिधानों, लोकगीतों और लोकनृत्यों की शुद्धता को बनाए रखते हुए कलाकारों ने हजारों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सिरमौर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत की।

सिरमौरी नाटी को वैश्विक पहचान दिलाने के उनके प्रयासों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड्स में दर्ज उपलब्धियों से भी मान्यता मिली है। उनकी सांस्कृतिक सेवाओं के लिए उन्हें विदेश के एक विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया जा चुका है।

हिमाचल के कलाकारों में खुशी की लहर

पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार एवं लोक संस्कृति के मर्मज्ञ विद्यानन्द सरैक तथा उस्ताद बिस्मिल्लाह खां पुरस्कार से सम्मानित लोक कलाकार गोपाल हाब्बी ने संयुक्त बयान जारी कर डॉ. जोगेंद्र हाब्बी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान डॉ. हाब्बी तक सीमित नहीं है, बल्कि सिरमौर की हाटी संस्कृति, हिमाचल की लोक परंपराओं और उन तमाम लोक कलाकारों का सम्मान है, जो वर्षों से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के लिए प्रयासरत हैं।

इस ऐतिहासिक सम्मान से हिमाचल के लोक कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों में खुशी की लहर है। उम्मीद जताई जा रही है कि डॉ. हाब्बी की यह उपलब्धि प्रदेश की युवा पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।

सिरमौर की लोक संस्कृति का देशभर में डंका, डॉ. जोगेंद्र हाब्बी को मिला संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित, 30 से 35 वर्षों की लोक साधना को मिली राष्ट्रीय पहचान नई दिल्ली। सिरमौर की समृद्ध हाटी लोक संस्कृति और हिमाचल की पारंपरिक लोक कलाओं के संरक्षण की दिशा में लंबे समय से कार्य कर रहे प्रसिद्ध लोक कलाकार डॉ. जोगेंद्र हाब्बी को लोक नृत्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान डॉ. हाब्बी की तीन से अधिक दशकों की उस सांस्कृतिक साधना की राष्ट्रीय पहचान है, जिसके माध्यम से उन्होंने सिरमौरी नाटी और पारंपरिक लोक विधाओं को देश-विदेश के मंचों तक पहुंचाया। लोक संस्कृति की शुद्धता को रखा सर्वोपरि डॉ. जोगेंद्र हाब्बी के नेतृत्व में लोक कलाकारों ने सिरमौरी नाटी सहित अनेक पारंपरिक लोक विधाओं को उनकी मौलिकता के साथ संरक्षित करने का प्रयास किया। लोकवाद्यों, पारंपरिक परिधानों, लोकगीतों और लोकनृत्यों की शुद्धता को बनाए रखते हुए कलाकारों ने हजारों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सिरमौर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत की। सिरमौरी नाटी को वैश्विक पहचान दिलाने के उनके प्रयासों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड्स में दर्ज उपलब्धियों से भी मान्यता मिली है। उनकी सांस्कृतिक सेवाओं के लिए उन्हें विदेश के एक विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया जा चुका है। हिमाचल के कलाकारों में खुशी की लहर पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार एवं लोक संस्कृति के मर्मज्ञ विद्यानन्द सरैक तथा उस्ताद बिस्मिल्लाह खां पुरस्कार से सम्मानित लोक कलाकार गोपाल हाब्बी ने संयुक्त बयान जारी कर डॉ. जोगेंद्र हाब्बी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान डॉ. हाब्बी तक सीमित नहीं है, बल्कि सिरमौर की हाटी संस्कृति, हिमाचल की लोक परंपराओं और उन तमाम लोक कलाकारों का सम्मान है, जो वर्षों से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के लिए प्रयासरत हैं। इस ऐतिहासिक सम्मान से हिमाचल के लोक कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों में खुशी की लहर है। उम्मीद जताई जा रही है कि डॉ. हाब्बी की यह उपलब्धि प्रदेश की युवा पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।

Shimla Urban, Shimla | Aug 13, 2026

भूषण ज्वेलर्स सोलन

भूषण ज्वेलर्स सोलन

Shimla Urban, Shimla | Aug 13, 2026

Big bucks gal rms bakhol hervesting stat in seedling plant good size and colour 2026

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Shimla Urban, Shimla | Aug 13, 2026

क्रमांक 24/08                          शिमला 13 अगस्त, 2026

*जनगणना के दूसरे चरण में 40 प्रश्नों के तहत होगी सूचना एकत्रित - दीपशिखा शर्मा*

*भारतीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण को लेकर दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण के दूसरे बैच का बचत भवन में आयोजन*

भारतीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण को लेकर दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का दूसरा बैच बचत भवन में वीरवार को आरंभ हुआ। इस मौके पर निदेशक जनगणना निदेशालय दीपशिखा शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
इस मौके कर निदेशक दीपशिखा शर्मा ने कहा कि दूसरे चरण में करीब 40 प्रश्नों के तहत सूचना एकत्रित की जाएगी। इसमें प्रश्नों की सूची केवल जनसंख्या की संख्या निर्धारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, रोजगार, प्रवास, पारिवारिक और नागरिक पहचान संबंधी स्थिति का विस्तृत चित्र तैयार करने पर केंद्रित है। ऐसे आंकड़े भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, आवास, कौशल विकास और अन्य सरकारी योजनाओं की बेहतर योजना एवं लक्ष्य निर्धारण में उपयोगी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में पूर्ण रूप से सही जानकारी ही भरें। जिला स्तर पर अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, निर्धारित मानकों और डिजिटल माध्यम से आंकड़े संकलित करने को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिमला में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें जिला, उपमंडल और तहसील स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश के लिए जनगणना-2027 का दूसरा चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक पुनरीक्षण चरण (Revisional Round) होगा। हिमाचल प्रदेश में यह विशेष समय-सारिणी राज्य की भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है। दूसरे चरण में प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित निर्धारित जानकारी संकलित करेंगे। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त से 31 अगस्त तक नागरिकों को ऑनलाइन Self-Enumeration की सुविधा मिलेगी। यानी व्यक्ति/परिवार निर्धारित वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जनगणना संबंधी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।

*जनगणना कर्मियों को उपलब्ध करवाएं सही, पूर्ण एवं आवश्यक जानकारी - अनुपम कश्यप*
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जनगणना ड्यूटी में लगे फील्ड स्टाफ अपने चार्ज ऑफिसर को हर दिन रिपोर्ट देंगे जिसमें क्या चुनौतियां उन्हें आ रही है। इसके बारे में संपूर्ण जानकारी देनी होगी। इसकी एक प्रतिलिपि जिला राजस्व अधिकारी को सौंपनी होगी। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि जनगणना कर्मियों के घर पहुंचने पर उन्हें सही, पूर्ण एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाएं तथा जनगणना से संबंधित प्रक्रिया में सहयोग करें। नागरिक यह सुनिश्चित करें कि उनके परिवार एवं घर से संबंधित जानकारी सही तरीके से दर्ज हो।

*यह भी रहे उपस्थित*
दूसरे बैठक के प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा , जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज, ऑफिस कानूनगो सदर ओम प्रकाश सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

*जनसंख्या गणना में पूछे जाने वाले प्रमुख प्रश्न*
प्रस्तुत दस्तावेज में जनसंख्या गणना (Population Enumeration) के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, पारिवारिक, प्रवास तथा पहचान से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाने के लिए प्रश्नों की सूची दी गई है। प्रश्नों का उद्देश्य आबादी की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का व्यापक डेटाबेस तैयार करना है।

*1. व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जानकारी*
- व्यक्ति का नाम एवं क्रम संख्या
- मुखिया से संबंध
- लिंग
- जन्म तिथि एवं आयु
- वैवाहिक स्थिति
- विवाह के समय आयु
- पति/पत्नी का नाम
- घोषित राष्ट्रीयता
- धर्म
- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/जाति से संबंधित जानकारी
- माता-पिता का विवरण

*2. दिव्यांगता, भाषा एवं शिक्षा*
- दिव्यांगता से संबंधित जानकारी
- मातृभाषा तथा अन्य ज्ञात भाषाएं
- साक्षरता एवं डिजिटल साक्षरता की स्थिति
- शैक्षणिक संस्थान में अध्ययन/उपस्थिति की स्थिति
- प्राप्त उच्चतम शैक्षणिक योग्यता एवं विषय/स्ट्रीम

*3. रोजगार एवं आर्थिक गतिविधि*
व्यक्ति ने पिछले एक वर्ष में किसी समय काम किया या नहीं, इसकी जानकारी के साथ उसकी आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय, उद्योग/व्यापार/सेवा का प्रकार तथा कार्य की श्रेणी दर्ज की जाएगी। गैर-आर्थिक गतिविधियों और रोजगार की तलाश अथवा काम के लिए उपलब्धता से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी।

*4. प्रवास एवं आवागमन*
प्रश्नावली में व्यक्ति के कार्यस्थल तक आने-जाने, जन्म स्थान, अंतिम निवास स्थान, वर्तमान स्थान पर प्रवास का कारण, गांव/शहर में प्रवास के बाद रहने की अवधि तथा स्थाई आवासीय पते से संबंधित जानकारी शामिल है।

*5. महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित जानकारी*
परिवार एवं जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने के लिए:
- वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या
- जीवन में कभी जन्मे बच्चों की संख्या
- पिछले एक वर्ष में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या

जैसी जानकारी भी दर्ज करने का प्रावधान है।

*6. स्वास्थ्य एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़ी जानकारी*
प्रश्नावली में COVID-19 टीकाकरण के स्थान से संबंधित जानकारी भी शामिल है।

*7. बैंकिंग एवं पहचान संबंधी विवरण*
सूची में बैंक खातों की कुल संख्या तथा मोबाइल नंबर के अलावा:
- आधार नंबर
- मतदाता पहचान पत्र नंबर
- भारतीय पासपोर्ट होने पर पासपोर्ट नंबर
- ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी 
-०-

क्रमांक 24/08 शिमला 13 अगस्त, 2026 *जनगणना के दूसरे चरण में 40 प्रश्नों के तहत होगी सूचना एकत्रित - दीपशिखा शर्मा* *भारतीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण को लेकर दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण के दूसरे बैच का बचत भवन में आयोजन* भारतीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण को लेकर दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का दूसरा बैच बचत भवन में वीरवार को आरंभ हुआ। इस मौके पर निदेशक जनगणना निदेशालय दीपशिखा शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके कर निदेशक दीपशिखा शर्मा ने कहा कि दूसरे चरण में करीब 40 प्रश्नों के तहत सूचना एकत्रित की जाएगी। इसमें प्रश्नों की सूची केवल जनसंख्या की संख्या निर्धारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, रोजगार, प्रवास, पारिवारिक और नागरिक पहचान संबंधी स्थिति का विस्तृत चित्र तैयार करने पर केंद्रित है। ऐसे आंकड़े भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, आवास, कौशल विकास और अन्य सरकारी योजनाओं की बेहतर योजना एवं लक्ष्य निर्धारण में उपयोगी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में पूर्ण रूप से सही जानकारी ही भरें। जिला स्तर पर अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, निर्धारित मानकों और डिजिटल माध्यम से आंकड़े संकलित करने को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिमला में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें जिला, उपमंडल और तहसील स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश के लिए जनगणना-2027 का दूसरा चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक पुनरीक्षण चरण (Revisional Round) होगा। हिमाचल प्रदेश में यह विशेष समय-सारिणी राज्य की भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है। दूसरे चरण में प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित निर्धारित जानकारी संकलित करेंगे। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त से 31 अगस्त तक नागरिकों को ऑनलाइन Self-Enumeration की सुविधा मिलेगी। यानी व्यक्ति/परिवार निर्धारित वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जनगणना संबंधी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। *जनगणना कर्मियों को उपलब्ध करवाएं सही, पूर्ण एवं आवश्यक जानकारी - अनुपम कश्यप* उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जनगणना ड्यूटी में लगे फील्ड स्टाफ अपने चार्ज ऑफिसर को हर दिन रिपोर्ट देंगे जिसमें क्या चुनौतियां उन्हें आ रही है। इसके बारे में संपूर्ण जानकारी देनी होगी। इसकी एक प्रतिलिपि जिला राजस्व अधिकारी को सौंपनी होगी। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि जनगणना कर्मियों के घर पहुंचने पर उन्हें सही, पूर्ण एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाएं तथा जनगणना से संबंधित प्रक्रिया में सहयोग करें। नागरिक यह सुनिश्चित करें कि उनके परिवार एवं घर से संबंधित जानकारी सही तरीके से दर्ज हो। *यह भी रहे उपस्थित* दूसरे बैठक के प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा , जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज, ऑफिस कानूनगो सदर ओम प्रकाश सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। *जनसंख्या गणना में पूछे जाने वाले प्रमुख प्रश्न* प्रस्तुत दस्तावेज में जनसंख्या गणना (Population Enumeration) के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, पारिवारिक, प्रवास तथा पहचान से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाने के लिए प्रश्नों की सूची दी गई है। प्रश्नों का उद्देश्य आबादी की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का व्यापक डेटाबेस तैयार करना है। *1. व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जानकारी* - व्यक्ति का नाम एवं क्रम संख्या - मुखिया से संबंध - लिंग - जन्म तिथि एवं आयु - वैवाहिक स्थिति - विवाह के समय आयु - पति/पत्नी का नाम - घोषित राष्ट्रीयता - धर्म - अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/जाति से संबंधित जानकारी - माता-पिता का विवरण *2. दिव्यांगता, भाषा एवं शिक्षा* - दिव्यांगता से संबंधित जानकारी - मातृभाषा तथा अन्य ज्ञात भाषाएं - साक्षरता एवं डिजिटल साक्षरता की स्थिति - शैक्षणिक संस्थान में अध्ययन/उपस्थिति की स्थिति - प्राप्त उच्चतम शैक्षणिक योग्यता एवं विषय/स्ट्रीम *3. रोजगार एवं आर्थिक गतिविधि* व्यक्ति ने पिछले एक वर्ष में किसी समय काम किया या नहीं, इसकी जानकारी के साथ उसकी आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय, उद्योग/व्यापार/सेवा का प्रकार तथा कार्य की श्रेणी दर्ज की जाएगी। गैर-आर्थिक गतिविधियों और रोजगार की तलाश अथवा काम के लिए उपलब्धता से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। *4. प्रवास एवं आवागमन* प्रश्नावली में व्यक्ति के कार्यस्थल तक आने-जाने, जन्म स्थान, अंतिम निवास स्थान, वर्तमान स्थान पर प्रवास का कारण, गांव/शहर में प्रवास के बाद रहने की अवधि तथा स्थाई आवासीय पते से संबंधित जानकारी शामिल है। *5. महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित जानकारी* परिवार एवं जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने के लिए: - वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या - जीवन में कभी जन्मे बच्चों की संख्या - पिछले एक वर्ष में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या जैसी जानकारी भी दर्ज करने का प्रावधान है। *6. स्वास्थ्य एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़ी जानकारी* प्रश्नावली में COVID-19 टीकाकरण के स्थान से संबंधित जानकारी भी शामिल है। *7. बैंकिंग एवं पहचान संबंधी विवरण* सूची में बैंक खातों की कुल संख्या तथा मोबाइल नंबर के अलावा: - आधार नंबर - मतदाता पहचान पत्र नंबर - भारतीय पासपोर्ट होने पर पासपोर्ट नंबर - ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी -०-

Shimla Urban, Shimla | Aug 13, 2026

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