Public App Logo
Profile Picture

News himachal

@newshimachalweb
24544Followers
4Following
*राज्यपाल ने लोकभवन बुलाकर किया चंद्रनाहन रंगमंच, रोहडू के कलाकारों को सम्मानित*

चंद्रनाहन रंगमंच, रोहडू के सभी कलाकारों के लिए वह क्षण भावुक करने वाले थे, जब राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता ने उन्हें लोकभवन में चाय पर बुलाकर उनसे बातचीत की और उन्हें सम्मानित किया। 

शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में गत 12 अक्तूबर को वरिष्ठ रचनाकार श्री एस. आर. हरनोट के चर्चित उपन्यास ‘‘हिडिंबा’’ पर आधारित ‘‘मुखौटासुर’’ का मंचन किया गया। चंद्रनाहन रंगमंच, रोहडू के कलाकारों ने नाटक के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि राज्यपाल भी देर रात तक नाटक को छोडकर जा न सके और कई बार भावुक भी हुए। उन्होंने आज इन कलाकारों के साथ बातचीत में यह स्वीकार किया कि वे उनके मंचन से भावुक भी हुए और प्रभावित भी। उन्होंने कहा कि वे कॉलेज के दिनों में ‘वन एक्ट प्ले’ भी किया करते थे और जानते हैं कि एक कलाकार को अपनी प्रस्तुति के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है।

नाटक के निर्देशक श्री कृष भारती ने राज्यपाल को नाटक को तैयार करने तथा अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। कलाकारों ने राज्यपाल के साथ अपने अनुभव साझा किए।
बाद में, उन्होंने ऐतिहासिक लोकभवन का भ्रमण भी किया।
राज्यपाल के सचिव श्री संदीप भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
.0.
मुख्यमंत्री ने रंगरिक में बालिका छात्रावास के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की 
स्वास्थ्य उपकेन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में किया जाएगा स्तरोन्नत
‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने रंगरिक में रात्रि प्रवास किया 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार के ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत स्पीति घाटी के रंगरिक में रात्रि प्रवास किया। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने मंजुश्री में जनसमस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 
मुख्यमंत्री ने रंगरिक स्थित स्वास्थ्य उपकेन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दुर्गम गांवों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को करीब से समझने के लिए वह इन गांवों में रात्रि प्रवास कर रहे हैं। इस दौरान वह संवाद के माध्यम से जनसमस्याओं से अवगत होते हैं और उनके समाधान को केन्द्र में रखकर विभिन्न योजनाओं को प्रदेश के बजट में शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के महत्त्वाकांक्षी ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत जनसमस्याओं के समाधान को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। विकास की मुख्यधारा से वंचित समाज के संवेदनशील वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वह प्रदेश के कई दुर्गम क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं, जहां उन्होंने लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाए हैं।
रंगरिक प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने सोनम फुंसुक के आवास पर रात्रि विश्राम किया। स्थानीय निवासियों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और उन्हें स्थानीय व्यंजन परोसे।
मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, रंगरिक, के बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने छात्रावास में रह रही छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। छात्राओं द्वारा बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने नए बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त किया कि उनकी अन्य समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। इनमें छात्रावास की चारदीवारी का निर्माण, दो मल्टी-टास्क वर्करों और एक महिला वार्डन की नियुक्ति तथा छात्रावास में पानी की कमी की समस्या का समाधान शामिल है।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने की स्थित वृद्धाश्रम का दौरा किया और वहां रह रहे वृद्धजनों से संवाद कर उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
इस अवसर पर विधायक अनुराधा राणा भी उपस्थित रहीं। 
-0-
माइनस 5 डिग्री में भी दिखा सीएम सुक्खू का जलवा

 जमीन पर बैठकर लोगों से किया संवाद

मुख्यमंत्री की सादगी और अपनत्व ने जीता स्थानीय लोगों का दिल
-----
स्पीति घाटी के रंगरिक में रात्रि प्रवास के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्थानीय लोगों के प्रति अपनत्व और सादगी भरा अंदाज देखने को मिला। रात करीब नौ बजे जब मुख्यमंत्री लोगों से संवाद करने के लिए मंजुश्री पहुंचे, तब तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे था। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
सीएम सुक्खू का सहज और आत्मीय व्यवहार स्थानीय लोगों को खूब भाया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के लोगों के बीच ज़मीन पर बैठकर उनसे सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय वेशभूषा में लोगों के साथ पारंपरिक नृत्य में भी शामिल हुए। कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना लोग करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री के साथ बैठे रहे।
मुख्यमंत्री काफी देर तक जमीन पर बैठकर लोगों की बातें सुनते रहे। इस दौरान एक छोटी बच्ची उनके पास आई और उनकी गोद में बैठ गई। कुछ ही देर में बच्ची मुख्यमंत्री की गोद में ही सो गई। मुख्यमंत्री ने भी सहज भाव से उसे अपनी गोद में सुलाए रखा। बच्ची के जागने पर उन्होंने उसे उसकी माता को सौंप दिया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
स्थानीय निवासी पद्मा ने कहा, “मुख्यमंत्री सुक्खू बेहद साधारण और सहज व्यक्तित्व के धनी हैं। न कोई प्रोटोकॉल और न ही कोई तामझाम। हमें बिल्कुल ऐसा नहीं लगा कि कोई मुख्यमंत्री हमारे बीच आया है, बल्कि ऐसा महसूस हुआ जैसे हमारे परिवार का ही कोई सदस्य हमसे मिलने आया हो। उन्हें जनजातीय क्षेत्र के लोगों से विशेष लगाव है। यही कारण है कि सरकार बनने के बाद पहला राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह मनाने के लिए भी वह स्पीति घाटी आए थे।”
उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड के बीच मुख्यमंत्री का लोगों के साथ जमीन पर बैठना, उनकी बातें सुनना और परिवार के सदस्य की तरह घुल-मिल जाना उनके सहज व्यक्तित्व और जनजातीय क्षेत्रों के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है।
शिमला में अवारा कुत्तों का आतंक, टूटीकंडी में स्कूल जाती बच्ची पर किया हमला, बच्ची को बुरी तरह से नोचा, शहर में कुत्तों के हमलों से लोगों में रोष
नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’

जनता का ध्यान भटकाने का शगूफा छोड़ रही सरकार: सुधीर शर्मा

कहा— नई प्रशासनिक इकाइयों के बजाय स्मार्ट वर्किंग की जरूरत, नए जिलों से प्रदेश पर पड़ेगा कई सौ करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ; 

सड़कों के गड्ढे भरने के पैसे नहीं, नए जिले बनाने की बात कर रही सरकार

शिमला। हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश सरकार की ओर से नए जिलों के गठन के लिए आयोग बनाने की चर्चा के बीच भाजपा नेता ओर धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने सरकार की मंशा, आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं।शिमला विश्वविद्यालय में हमीरपुर छात्र एसोसिएशन के हमीर संगम में पहुचे सुधीर शर्मा ने नए जिलों के गठन की कवायद को चुनावी शगूफा करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए नए जिलों के गठन जैसे फैसले पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने।” उनका कहना है कि जब प्रदेश पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तो ऐसे में नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन से पैदा होने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को उठाना आसान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत नए जिले बनाने की नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और आम जनता के काम समय पर पूरा करने की है। सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते इस्तेमाल के साथ स्मार्ट वर्किंग पर जोर देना चाहिए, ताकि लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
सुधीर शर्मा ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनियाभर में तेजी से तरक्की हुई है। ऐसे में उनका व्यक्तिगत मानना है कि नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने के बजाय मौजूदा व्यवस्था को मजबूत और तकनीक आधारित बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चाहे नए जिले बनाने की बात हो या अन्य प्रशासनिक इकाइयों के गठन की, सरकार को पहले यह देखना चाहिए कि इससे आम जनता को वास्तव में कितना लाभ मिलेगा। प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य केवल जिलों की संख्या बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करना होना चाहिए।
सुधीर ने कहा  प्रदेश में ऐसे कई रोजमर्रा के मुद्दे हैं, जिनके लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों के काम जल्द से जल्द हों और सरकारी फाइलों का निपटारा समयबद्ध तरीके से किया जाए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था में ही लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो नई इकाइयां बनाने से पहले इन समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है?

‘छह महीने तक लोग इसी चर्चा में उलझे रहेंगे’

नए जिलों के गठन को लेकर सुधीर शर्मा ने सरकार पर जनता का ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नए जिलों की चर्चा शुरू होने के बाद लोग इसी बहस में उलझे रहेंगे कि कौन-सा नया जिला बनेगा, उनका क्षेत्र किस जिले में आएगा और उन्हें किस जिला मुख्यालय में जाना पड़ेगा।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने लगभग छह महीने तक जनता को इस चर्चा में उलझाए रखने का रास्ता तलाश लिया है।  इस दौरान प्रदेश के दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दे पीछे छूट सकते हैं, लेकिन वास्तविक समस्याएं अपनी जगह बनी रहेंगी।
सुधीर शर्मा ने कहा कि नए जिलों के गठन की चर्चा से प्रदेश की आर्थिक चुनौतियां, विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं और आम जनता की परेशानियां खत्म नहीं होने वाली हैं। सरकार को उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, जिनका सीधा संबंध प्रदेश के विकास और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से है।

नए जिलों पर कई सौ करोड़ का खर्च, पैसा कहां से आएगा?

सुधीर शर्मा ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में नए जिलों का गठन करने से राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
उन्होंने दावा किया कि नए जिलों के गठन पर प्रदेश को कई सौ करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण है, तो इस अतिरिक्त खर्च के लिए धन कहां से आएगा?
सुधीर शर्मा ने कहा कि नए जिलों के गठन के लिए केवल घोषणा करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए प्रशासनिक ढांचे का विस्तार करना पड़ेगा और विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था करनी होगी। ऐसे में सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि नए जिलों के गठन पर कितना खर्च आएगा और उसके लिए वित्तीय संसाधन कहां से जुटाए जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार कर्ज लेकर राज्य का संचालन कर रही है। ऐसे हालात में किसी भी नई प्रशासनिक व्यवस्था को लागू करने से पहले उसके आर्थिक परिणामों का आकलन करना जरूरी है।
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार को यह भी देखना चाहिए कि नए जिलों पर होने वाले खर्च का प्रदेश की दूसरी विकासात्मक जरूरतों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उनके अनुसार, आर्थिक संसाधनों का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

‘सड़कों के गड्ढे भरने के पैसे नहीं, नए जिले बनाने की बात’

सुधीर शर्मा ने  कहा कि जब सड़कों के गड्ढे भरने जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करवाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो ऐसे में नए जिलों के गठन पर खर्च करने की योजना पर भी विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को सबसे पहले सड़कों की मरम्मत, विकास कार्यों और आम जनता को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर ध्यान देना चाहिए। लोगों को बेहतर सड़कें, प्रभावी प्रशासन और समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे मौजूद हैं, तो सरकार नए जिलों के गठन को प्राथमिकता क्यों दे रही है?

10 गारंटियों को लेकर भी सरकार पर निशाना

भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार की चुनावी गारंटियों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति और चुनावी गारंटियों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नए जिलों के गठन की चर्चा शुरू करना जनता का ध्यान दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश है।
उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार के सामने पहले से वित्तीय चुनौतियां हैं, तो नए जिलों के गठन के लिए अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था कैसे की जाएगी?
सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार को चुनाव के दौरान किए गए वादों और प्रदेश की मौजूदा जरूरतों पर जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।

सुधीर शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों और आईएएस अधिकारियों की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ अधिकारियों की संख्या और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चा होती है, वहीं दूसरी तरफ नए जिलों के गठन की बात की जा रही है।
उन्होंने आशंका जताई कि नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने से सरकारी कामकाज की प्रक्रिया और जटिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि कई बार एक अधिकारी से फाइल दूसरे अधिकारी के पास और फिर तीसरे तथा चौथे अधिकारी के पास जाती रहती है। इससे कामकाज में देरी होती है और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

संस्कृति और भाषा को ध्यान में रखकर बने थे जिले

सुधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में पहले हुए जिलों के गठन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में जिलों की प्रशासनिक इकाइयां बनाते समय स्थानीय संस्कृति, भाषा और क्षेत्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया था।
उन्होंने कहा कि जिलों का गठन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय होता है। इसलिए इस तरह के फैसले लेते समय केवल राजनीतिक या प्रशासनिक पहलुओं को ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।
उनके अनुसार, नए जिलों के गठन पर चर्चा करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसकी वास्तविक जरूरत क्या है, इससे जनता को क्या लाभ मिलेगा और इसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था कैसे होगी।
सीएम सुक्खू ने थपथपाई जाइका स्वयं सहायता समूहों की पीठ
- मुख्यमंत्री ने की लादरचा मैदान काजा में लगे रसायन मुक्त उत्पादों की सराहना
- छरमा और गलीचा तैयार करने वाली महिलाओं की मेहनत पर उन्हें दी शाबाशी

काजा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने काजा दौरे के दौरान जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की पीठ थपथपाई। बुधवार देर सायं लादरचा मैदान में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जाइका वानिकी परियोजना द्वारा लगाए गए स्टाल पर पहुंचे, तो परियोजना से जुड़ी 6 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं काफी उत्साहित दिखी। मुख्यमंत्री ने यहां बिक्री और प्रदर्शनी के लिए लगाए गए प्राकृतिक एवं रसायन मुक्त उत्पादों की सराहना की। खासकर विटामिन सी यानी छरमा के उत्पादों और हस्त निर्मित गलीचे तैयार करने वाली महिलाओं की मेहनत को देख सीएम सुक्खू ने उन्हें शाबाशी भी दी। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज आत्मनिर्भता से आजीविका सुधार के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, एसीएफ वाइल्ड लाइफ स्पीति चमन लाल ठाकुर, विषय वस्तु विशेषज्ञ जाइका वानिकी परियोजना वाइल्ड लाइफ स्पीति आशुतोष पाठक, एफटीयू को-ऑर्डिनेटर काजा मिनाक्षी बोद्ध समेत वन विभाग और वानिकी परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
एमसी पार्किंग से विकासनगर तक का रास्ता सार्वजनिक मार्ग घोषित
नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने जारी किया आदेश, आपत्तियों के निपटारे के बाद लिया फैसला
शिमला। नगर निगम शिमला ने एमसी पार्किंग से विकासनगर तक जाने वाले रास्ते को सार्वजनिक मार्ग घोषित कर दिया है। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 226 (1) के तहत इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह आदेश 12 अक्तूबर, 2026 को जारी किया गया।
आदेश के अनुसार, मौहाल विकासनगर, तहसील शिमला ग्रामीण के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग की कुल लंबाई 150 मीटर है, जबकि इसकी चौड़ाई अलग-अलग स्थानों पर 2 से 3 मीटर तक है। सार्वजनिक मार्ग के दायरे में खसरा नंबर 776 की 144.18 वर्ग मीटर, खसरा नंबर 788/2 की 21.52 वर्ग मीटर, खसरा नंबर 790 की 60.30 वर्ग मीटर और खसरा नंबर 795 की 15.54 वर्ग मीटर भूमि शामिल है।
पहले मांगी गई थीं आपत्तियां
नगर निगम ने इस मार्ग को सार्वजनिक घोषित करने की प्रक्रिया के तहत 23 जुलाई, 2025 को सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 226 (2) के तहत संबंधित भूमि और भवन स्वामियों से आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था।
निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद मार्ग के अंतर्गत आने वाली भूमि को लेकर प्राप्त आपत्तियों का नियमानुसार समाधान कर दिया गया। इसके बाद नगर निगम ने इस रास्ते को सार्वजनिक मार्ग घोषित करने का अंतिम निर्णय लिया।
आयुक्त की ओर से जारी आदेश में संबंधित खसरा नंबरों के तहत आने वाली भूमि को एमसी पार्किंग से विकासनगर तक के सार्वजनिक मार्ग का हिस्सा घोषित किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि सूचना के लिए प्रदेश सरकार के सचिव, शहरी विकास विभाग को भी भेजी गई है।
16 अक्टूबर को न्यू शिमला में जाने किन क्षेत्रों में रहेगी बिजली गुल
अधीक्षक पर होटलों में साथ चलने का दवाब बनाने का आरोप..
कुंजुंम टनल बनाएगी सरकार, पहले होगा सर्वेः मुख्यमंत्री
--स्पीति के विकास पर खर्च होंगे 500 करोड़ रुपये
---स्पीति को प्राकृतिक खेती क्षेत्र बनाने, हेलिपोर्ट के सर्वे और कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशने की घोषणा 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कुंजुम पास के नीचे टनल निर्माण के लिए सर्वे करवाने तथा इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस टनल के निर्माण के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है और इसके निर्माण से क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों को वर्षभर बेहतर सड़क संपर्क सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र घोषित करने की घोषणा करते हुए कहा कि काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, काजा में स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने काजा में हेलिपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे करवाने का आश्वासन भी दिया, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। 
मुख्यमंत्री ने अपने दो दिवसीय प्रवास पर स्पीति घाटी के काजा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में स्पीति के विकास पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन का कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिस पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्पीति के लोगों की आय दोगुनी करने की दिशा में प्रयासरत है। 
श्री सुक्खू ने कहा कि जब वह पहली बार 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस कार्यक्रम के दौरान इस क्षेत्र में आए थे, तब स्थानीय लोगों ने बिजली की समस्या उनके समक्ष रखी थी। अब इस दिशा में किए गए प्रयास धरातल पर उतरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का लगभग 42 प्रतिशत भू-भाग शीत मरुस्थलीय क्षेत्र में आता है और इन क्षेत्रों में रहने वाली आबादी के विकास के लिए सरकार विशेष ध्यान दे रही है तथा अधिक धनराशि खर्च की जा रही है। 
कर्मचारियों के कल्याण और पुरानी पेंशन योजना पर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने दिवाली के अवसर पर महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को आत्मसम्मान के साथ वृद्धावस्था में जीवन-यापन करने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई है तथा आने वाले समय में और कर्मचारियों को इसके दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओपीएस लागू करने के कारण केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष मिलने वाले 1,600 करोड़ रुपये रोक दिए हैं। 
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रतिबिंबित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा प्रदेश सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए धन खर्च करने को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में केवल 35 प्रतिशत कर्मचारी उपलब्ध थे। वर्तमान सरकार के प्रयासों से यह संख्या बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद क्रिटिकल केयर ब्लॉक का कार्य शुरू करवाया। 
आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना में वर्ष 2023-27 के बीच प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 26 करोड़ रुपये हैं लेकिन इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य ने लगभग 204 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के लोगों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का इलाज करवाने के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता था। वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से धनराशि खर्च की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद करके राज्य सरकार ने 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने में किया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वह क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के राजनीतिक भविष्य को प्रदेश की जनता तय करेगी। उन्होंने उप-चुनाव में लाहौल-स्पीति की जनता द्वारा महिला विधायक को चुनने का उल्लेख करते हुए कहा कि वह आज क्षेत्र के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में वोट चोरी के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कहा कि नौ विधायकों को अपने पक्ष में करके हिमाचल प्रदेश की सरकार गिराने का प्रयास किया गया था, लेकिन भगवान, जनता और प्रदेश के देवी-देवताओं के आशीर्वाद से राज्य सरकार सफलतापूर्वक कार्य कर रही है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की शुरुआत भी स्पीति की महिलाओं से की थी। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन, 300 यूनिट मुफ्त बिजली तथा प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का बीमा उपलब्ध करवाने का प्रावधान होगा। 
विधायक अनुराधा राणा ने क्षेत्र में क्रियान्वित किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि 15 अप्रैल, 2023 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई सभी घोषणाओं को पूरा कर दिया गया है। बौद्ध संस्कृति की यह धरती करुणा और प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आम आदमी की समस्याओं को समझते हैं, क्योंकि वह स्वयं संघर्ष के रास्ते से आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री क्षेत्र में अगले दो-तीन वर्षों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत हैं। पहले क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी थी, लेकिन अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और क्षेत्र को 12 वर्षों बाद खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) मिला है। विधायक ने नौतोड़ के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रही है और राज्य सरकार लगातार राज्यपाल के समक्ष इस विषय को उठा रही है। 
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्पीति में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास कर रही है। क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये की लागत से आइस हॉकी ग्राउंड तथा आठ करोड़ रुपये की लागत से क्रिकेट ग्राउंड स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, स्टार गेजिंग की शुरुआत की गई है और शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। 
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दोरजे लारजे, पंचायत समिति अध्यक्ष छेरिंग डोलमा, उपाध्यक्ष महिंद्र, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष छेरिंग और अन्य गणमान्य उपस्थित थे। 
.0.
काजा में उत्सव सा माहौल

रंगरिक में  रुकेंगे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू । स्थानीय महिलाएं मुख्यमंत्री जी को रात्रि भोज में परोसे जाने वाले व्यंजन तैयार करने में जुटी। महिलाएं और स्थानीय लोग मुख्यमंत्री जी के दूसरी बार काजा दौरे पर पहुंचने व रात्रि ठहराव करने से खुश हैं।
हिमाचल प्रदेश में नए जिले बनाने की कवायद तेज। 4 सदस्यीय आयोग गठित। रिटायर्ड जस्टिस धर्म चंद चौधरी जी होंगे आयोग के अध्यक्ष।
काजा में उत्सव सा माहौल

रंगरिक में  रुकेंगे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू । स्थानीय महिलाएं मुख्यमंत्री जी को रात्रि भोज में परोसे जाने वाले व्यंजन तैयार करने में जुटी। महिलाएं और स्थानीय लोग मुख्यमंत्री जी के दूसरी बार काजा दौरे पर पहुंचने व रात्रि ठहराव करने से खुश हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का काजा पहुंचने पर शहनाई, ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच जोरदार स्वागत।
शिमला के टूटू में रामलीला कुछ इस अंदाज में हुई...
काजा.. सरकार गांव के द्वार..
रोहड़ू के मैंदली में 195 ग्राम चरस बरामद, 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

*FIR No. 113/2026 dated 13.10.2026, U/S 20 ND&PS Act, PS Rohru*

शिमला पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत उपमंडल रोहरू, डिटेक्शन सेल की टीम ने मैंदली क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति के कब्जे से लगभग 195 ग्राम चरस/भांग बरामद की है।

दिनांक 13.10.2026 को पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि ओनिक नेगी पुत्र श्री जोगिंदर नेगी, आयु 19 वर्ष, तहसील टिक्कर, जिला शिमला, मैंदली क्षेत्र में भांग बेचने का अवैध कारोबार कर रहा है। सूचना के आधार पर नियमानुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी के पास मौजूद कैरी बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कैरी बैग से कुल लगभग 195 ग्राम चरस/भांग बरामद हुई।

इस संबंध में FIR No. 113/2026 दिनांक 13.10.2026, धारा 20 ND&PS Act के तहत पुलिस थाना रोहड़ू में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

मामले में जांच जारी है।
देखते ही देखते बह गया हज़ारों टन भारी पुल, नेपाल की इन तस्वीरों ने फिर झंजोड़ा।
संविधान और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की उठाई मांग, लोकतंत्र की रक्षा का दिया संदेश
नई दिल्ली, 12 अक्तूबर। संविधान की रक्षा, मतदान के अधिकार की सुरक्षा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला गया। इस मार्च के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और मतदाताओं के अधिकारों को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया।मार्च में शामिल हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु भी शामिल हुए। वहीँ लोगों ने संविधान की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
मार्च का उद्देश्य संविधान की रक्षा, मतदान के अधिकारों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को प्रमुखता से उठाना रहा। इस कार्यक्रम के जरिए लोकतंत्र की रक्षा का संदेश दिया गया।
सरकारी कर्मचारियों को 3 दिन की छुट्टी.....18 को रविवार ,19 को नवमी और 20 को दशहरा।
सात अजूबों में एक अजूबा ये भी! 😂

जनाब ऐसे मुँह फेरे खड़े हैं, मानो सोच रहे हों— या तो यहाँ से उठा दो, या फिर थोड़ा घुमा दो… सीधा ही कर दो जनाब! 🤣

<nis:link nis:type=tag nis:id=shimla nis:value=Shimla nis:enabled=true nis:link/>  <nis:link nis:type=tag nis:id=funnycaption nis:value=FunnyCaption nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=shimladiaries nis:value=ShimlaDiaries nis:enabled=true nis:link/>
हिमाचल प्रदेश में दो IAS अधिकारियों की तैनाती, दिव्या यादव निचार और डॉ. मनु वर्मा कोटखाई के SDM होंगे
*11 से 14 नवंबर तक आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026*

*चार सांस्कृतिक संध्याओं के साथ मिस्टर-मिस बुशहर प्रतियोगिता, लेजर शो और पारंपरिक स्वाद महोत्सव होंगे मुख्य आकर्षण*

अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 के आयोजन को लेकर मेला आयोजन समिति की बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में रामपुर में आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का आयोजन 11 से 14 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। मेले के दौरान चार सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा, जिनमें दो संध्याएं पहाड़ी संस्कृति, एक बॉलीवुड तथा एक पंजाबी संगीत पर आधारित होगी। इसके अतिरिक्त खेलकूद प्रतियोगिताएं, लेजर शो, पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रतियोगिता, कवि सम्मेलन, पारंपरिक स्वाद महोत्सव, वॉल आर्ट प्रतियोगिता तथा मिस्टर एवं मिस बुशहर प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएंगी।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि लवी मेला ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और हमारी सभ्यता का अभिन्न अंग है। इस मेले के माध्यम से वर्षों से चली आ रही व्यापारिक परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने के साथ-साथ विलुप्त हो रही पारंपरिक वस्तुओं, कलाओं एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

*बुशहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा बढ़ावा*

लवी मेले में बुशहर रियासत के इतिहास, संस्कृति एवं समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अंतर्गत ऐतिहासिक एवं विरासत प्रदर्शनी, पुराने छायाचित्रों और दस्तावेजों का प्रदर्शन, पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, ऊनी उत्पादों, पारंपरिक आभूषणों तथा स्थानीय कृषि एवं बागवानी उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

इसके अतिरिक्त सेब एवं अन्य बागवानी उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों, स्वयं सहायता समूहों (SHG), किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। पारंपरिक शिल्प का सजीव प्रदर्शन, स्थानीय वास्तुकला एवं विरासत का प्रदर्शन, रामपुर हेरिटेज वॉक और पारंपरिक लवी बाजार भी मेले के प्रमुख आकर्षण होंगे। मेले में बुशहर और तिब्बत के ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

*शहर में होगी विशेष लाइटिंग और सजावट*

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि लवी मेले के दौरान रामपुर शहर में विशेष लाइटिंग एवं सजावट की जाएगी, ताकि पूरे शहर को आकर्षक एवं एकरूप स्वरूप प्रदान किया जा सके। विभिन्न स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। मेले की स्मारिका के लिए स्कूली बच्चों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी लेख आमंत्रित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक अस्थायी पेयजल कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।

*सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात होंगे 300 पुलिस कर्मी*

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि लवी मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 300 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरवजीत सिंह को सुरक्षा व्यवस्था का प्रभारी बनाया जाएगा। शहर में यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान जुआ खेलने जैसी अवैध गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

*अश्व प्रदर्शनी में प्रदर्शित होंगे चामुर्थी घोड़े*

अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के मैदान में विशेष अश्व प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिसमें हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध चामुर्थी नस्ल के घोड़े प्रमुख आकर्षण होंगे। स्पीति नस्ल के नाम से पहचाने जाने वाले ये घोड़े अपनी छोटी कद-काठी, सुडौल शरीर तथा कठिन पहाड़ी रास्तों और बर्फीले क्षेत्रों में चलने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं।

इस बार अन्य राज्यों की घोड़ों की नस्लों को भी प्रदर्शनी में शामिल करने की योजना है, ताकि विभिन्न नस्लों के बीच व्यापार एवं पशुपालन को बढ़ावा मिल सके। इस संबंध में अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों को भी प्रदर्शनी में आमंत्रित किया जाएगा। घोड़ों के लिए 400 और 800 मीटर की दौड़ तथा गुब्बारा फोड़ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

*किसान गोष्ठी में पशुपालकों को मिलेगा प्रशिक्षण*

मेले के दौरान किसान गोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें पशुओं के स्वास्थ्य, देखरेख, खान-पान एवं बेहतर पशुपालन संबंधी जानकारी दी जाएगी। अन्य राज्यों से आने वाले प्रतिनिधि भी अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके अतिरिक्त अश्व पालकों की समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा।

*किन्नौरी मार्केट को मिलेगा एक स्वरूप*

इस वर्ष किन्नौरी मार्केट में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए आयोजन समिति की ओर से एक ही शैली की कैनोपी उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे बाजार की सुंदरता एवं व्यवस्थित स्वरूप को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इस बाजार में पारंपरिक सूखे मेवे, दालें, कपड़े और अन्य स्थानीय वस्तुओं का व्यापार किया जाता है।

*विभागीय उपलब्धियों की लगेगी प्रदर्शनी*

लवी मेले में विभिन्न सरकारी विभागों की प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। इनमें पिछले तीन वर्षों के दौरान विभागों द्वारा किए गए प्रमुख कार्यों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी मिल सके। इस बार पिछले वर्ष प्रदर्शित की जा चुकी उपलब्धियों को दोहराने के बजाय नई उपलब्धियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

*स्कूली बच्चों के लिए होगी निबंध लेखन प्रतियोगिता*

लवी मेले में पहली बार रामपुर शहर एवं आसपास के स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता के प्रारंभिक चरण में प्रत्येक स्कूल से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का चयन अंतिम प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा। अंतिम चरण में भी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ अन्य प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

स्कूल स्तर की प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को लवी मेले के इतिहास पर निबंध लिखना होगा। प्रतियोगिता के नियम एवं शर्तें जल्द ही जारी की जाएंगी।

*जन-जागरूकता गतिविधियों पर भी रहेगा विशेष ध्यान*

मेले के दौरान नशामुक्त हिमाचल अभियान, सड़क सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, स्वच्छ एवं हरित लवी अभियान, प्लास्टिक मुक्त मेला, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा पौधरोपण जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल मेले को प्रोत्साहित करना है।
*बैठक में ये रहे मौजूद*
बैठक में एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र नेगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरवजीत सिंह, डीएसपी सिद्धार्थ शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष कर्ण शर्मा, उपाध्यक्ष रोहित नेगी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, कैलाश फेडरेशन के निदेशक त्रिलोक बलूनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
.0.
दिल्ली : वोट चोरी तो करते ही है, साथ में सरकार गिराने के लिए एमएलए भी चोरी करते है: ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री (हिमाचल प्रदेश )
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू जी ने रविवार देर शाम मॉल रोड पर चहलकदमी की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और पर्यटक के साथ बातचीत भी की..