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*युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सभी विभाग मिलकर करेंगे कार्य - उपायुक्त*

*तम्बाकू मुक्त हिमाचल के लिए प्रदेशभर में चलेगा 60 दिवसीय विशेष अभियान*

हिमाचल प्रदेश को तम्बाकू मुक्त बनाने तथा युवा पीढ़ी को तम्बाकू एवं निकोटीन की लत से बचाने के उद्देश्य से प्रदेश में 60 दिवसीय 'तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 4.0' (Tobacco Free Youth Campaign 4.0) प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में जन-जागरूकता गतिविधियों के साथ-साथ तम्बाकू नियंत्रण कानूनों को सख्ती से लागू करने, शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने तथा गांवों और शहरी क्षेत्रों में तम्बाकू सेवन के विरुद्ध व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस सन्दर्भ में आज जिला स्तरीय समन्वयक समिति की बैठक आज यहाँ उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में जिला के सभी एसडीएम, बीडीओ, शहरी निकायों के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े। 
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 28 अक्तूबर, 2026 को शुरू किए गए इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरों और युवाओं को तम्बाकू एवं निकोटीन की लत से बचाना, तम्बाकू सेवन की शुरुआत को रोकना तथा इसकी आदत से जूझ रहे लोगों को इसे छोड़ने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाना है। अभियान को नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों के साथ भी जोड़ा जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान के तहत युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभियान में हर एक अधिकारी की सहभागिता सुनिश्चित की जाये और इसके लिए एक रोस्टर तैयार किया जाए ताकि इन 60 दिनों के दौरान प्रतिदिन एकाधिक गतिविधियां आयोजित हो। हर एक दिन एक अधिकारी गतिविधि को आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। उन्होंने व्यापर मंडल को भी इस अभियान में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी, कर्मचारी, एनजीओ बेहतर कार्य करेंगे उन्हें सम्मानित भी किया जायेगा। 

*जनभागीदारी से बनेगा तम्बाकू मुक्त हिमाचल*
उपायुक्त ने कहा कि अभियान के तहत तम्बाकू नियंत्रण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, महिला एवं बाल विकास, युवा सेवाएं एवं खेल, पर्यटन, परिवहन, जनजातीय विकास तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग सहित सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त कर अभियान के तहत निर्धारित गतिविधियों की नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट सुनिश्चित की जाएगी।

*शिक्षण संस्थानों को बनाया जाएगा तम्बाकू मुक्त*
युवा पीढ़ी को तम्बाकू की बुरी आदत से बचाने के लिए सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा मेडिकल एवं अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान (ToFEI) दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
शिक्षण संस्थानों में तम्बाकू मुक्त क्षेत्र के सूचना पट्ट लगाए जाएंगे तथा परिसर में तम्बाकू उत्पादों के सेवन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा। संस्थानों की बाहरी सीमा से 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर भी सख्ती से रोक लगाई जाएगी। विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए निबंध, भाषण, नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग, चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी।

*तम्बाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर कसेगा शिकंजा*
अभियान के दौरान तम्बाकू नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए राज्य, जिला एवं खंड स्तर पर गठित फ्लाइंग स्क्वॉड नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाएंगे। अभियान अवधि के दौरान प्रत्येक स्तर पर कम से कम 10 प्रवर्तन अभियान आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश तम्बाकू विक्रेता लाइसेंसिंग अधिनियम, 2016, सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 तथा PECA, 2019 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। खुले में सिगरेट एवं बीड़ी की बिक्री, अवैध एवं तस्करी के माध्यम से लाए गए सिगरेट उत्पादों, हुक्का बार तथा तम्बाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त शिक्षण संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए विशेष निरीक्षण किए जाएंगे। गुटखा, खैनी एवं तम्बाकू और निकोटीन युक्त प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों की बिक्री पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*गांवों को तम्बाकू मुक्त बनाने में ग्राम सभाओं की होगी अहम भूमिका*
ग्रामीण क्षेत्रों में तम्बाकू मुक्त गांव पहल को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए ग्राम सभाओं की बैठकों में तम्बाकू नियंत्रण को एजेंडे के रूप में शामिल किया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, युवक मंडलों, किसानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय समुदायों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
गांवों में नुक्कड़ नाटक, स्वास्थ्य वार्ताएं, प्रभात फेरियां, जनसभाएं, माइकिंग एवं दीवार लेखन के माध्यम से लोगों को तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। ग्राम पंचायतों द्वारा प्रस्ताव पारित कर गांवों को तम्बाकू मुक्त घोषित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

*सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर भी लागू होंगे नियम*
अभियान के अंतर्गत सभी सरकारी कार्यालयों, कार्यस्थलों, अस्पतालों तथा अन्य सरकारी संस्थानों को तम्बाकू मुक्त परिसर बनाया जाएगा। प्रत्येक कार्यालय में तम्बाकू मुक्त परिसर के सूचना पट्ट लगाए जाएंगे तथा प्रवेश द्वार पर तम्बाकू उत्पादों को नष्ट करने के लिए निर्धारित डिस्पोजल बॉक्स की व्यवस्था की जाएगी।
सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 'नो टोबैको' शपथ दिलाई जाएगी। सरकारी परिसरों में तम्बाकू सेवन संबंधी निर्देशों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध लागू सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकेगी।
बस अड्डों, बस स्टॉप, परिवहन परिसरों, पर्यटन स्थलों, होटलों, रेस्तरां, सार्वजनिक स्थलों एवं खेल परिसरों में भी धूम्रपान निषेध नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

*युवाओं और सामाजिक संगठनों को बनाया जाएगा अभियान का हिस्सा*
अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक मंडलों, खेल संगठनों, स्वयं सहायता समूहों तथा सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मैराथन, साइक्लोथॉन, जागरूकता रैलियों, खेल गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को तम्बाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों, दूरदराज के गांवों तथा संवेदनशील आबादी तक जागरूकता गतिविधियां पहुंचाने पर बल दिया जाएगा। जनजातीय विद्यालयों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों को भी अभियान के दायरे में लाया जाएगा।

*सोशल मीडिया और जनसंचार माध्यमों से होगा व्यापक प्रचार-प्रसार*
अभियान के संदेश को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए समाचार पत्रों, टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य जनसंचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के माध्यम से जिला स्तर पर मीडिया समन्वय स्थापित कर अभियान की गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रवर्तन कार्रवाई का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा। तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थानों, गांवों तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रमुखता से प्रचारित किया जाएगा।

*तम्बाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को मिलेगी सहायता*
अभियान के तहत तम्बाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोगों को स्वास्थ्य विभाग के तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्रों एवं संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
इसके लिए आमजन को विशेष रूप से यह संदेश दिया जाएगा—
*"तम्बाकू छोड़ो, जिंदगी चुनो!"*
तम्बाकू छोड़ने में सहायता प्राप्त करने के लिए नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2356 पर संपर्क कर सकते हैं।

उपायुक्त ने अभियान के तहत सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने, नियमित निरीक्षण करने तथा अपनी गतिविधियों की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।
तम्बाकू मुक्त हिमाचल केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प है। आज की युवा पीढ़ी को तम्बाकू की लत से बचाना ही आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। इस दिशा में सरकार, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

*'तम्बाकू को न' कहने का दिलाया संकल्प*
बैठक में उपायुक्त ने उपस्थित और ऑनलाइन जुड़े सभी अधिकारियों को 'तम्बाकू को न' कहने का संकल्प दिलाया और उनसे आवाहन किया कि और लोगों को भी तम्बाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करें ताकि समाज को प्रदेश को तम्बाकू मुक्त बनाया जा सके।

*बॉक्स* 
तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 में हिमाचल ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हुआ। अभियान के इंडीकेटर्स में 96 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किये हैं जिसके लिए प्रदेश को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट के ख़िताब से जल्द सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और अभियान 4.0 में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। 

*यह भी रहे उपस्थित*
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ यशपाल रांटा, जिला कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ राखी शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 
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*शिक्षा बच्चों के भविष्य को संवारने में निभाती है अहम भूमिका -  अनिरुद्ध सिंह*

*ग्रामीण विकास मंत्री ने राघव पब्लिक स्कूल बलदेहां के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत* 

*मेधावी छात्र-छात्राओं को पारितोषिक देकर किया सम्मानित* 

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के बलदेहां में आयोजित राघव पब्लिक स्कूल के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर उन्होंने वर्षभर विभिन्न गतिविधियों में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा एक ऐसा क्षेत्र है जो बच्चों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलना भी जरूरी है ताकि उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास संभव हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश के 200 से अधिक स्कूलों को सीबीएसई के अधीन लाया गया है जबकि आवश्यकतानुसार अन्य स्कूलों को भी सीबीएसई के अधीन लाने की प्रक्रिया जारी है। 
उन्होंने स्कूल में पेयजल की कमी को दूर करने के लिए जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता को शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बलदेहां-मशोबरा सहित शिमला क्षेत्र के साथ सट्टी अन्य चार-पांच पंचायतों की पेयजल की कमी को दूर करने तथा छूटी हुई बस्तियों को कवर करने के लिए सुन्नी-शकरोली से शिमला शहर के लिए उठाऊ पेयजल से लिंक किया जाएगा। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा पेयजल भंडारण की व्यवस्था करने के लिए स्कूल प्रबंधन को 50 हजार की राशि देने की घोषणा भी की। 
राघव पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य योगेशवरी वर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी और कुछ मांगे भी मुख्यातिथि के समक्ष रखी। कैबिनेट मंत्री ने स्कूल प्रबंधन तथा स्थानीय पंचायत प्रधान द्वारा रखी गई मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन भी दिया।

*इन्हे किया सम्मानित*
कैबिनेट मंत्री ने पिछले वर्ष विभिन्न  प्रतिस्पर्धाओं में अव्वल रहे बच्चों को पारितोषिक देकर सम्मानित भी किया जिनमें शैक्षणिक वर्ग में प्री-नर्सरी की आरुशी वर्मा व पलवित् प्रथम, वंश ठाकुर व समर कश्यप द्वितीय तथा शिवांशि तृतीय स्थान पर रहे। इसी प्रकार नर्सरी कक्षा की हिमानी कश्यप प्रथम, जीविका द्वितीय, अवनि तृतीय स्थान पर, केजी कक्षा की दीवाशी व वंशिका शर्मा प्रथम, लियांश ठाकुर द्वितीय, विहान ठाकुर व लक्षित तृतीय स्थान पर, पहली कक्षा के ईशान ठाकुर प्रथम, रोहन द्वितीय तथा निशांत तृतीय, दूसरी कक्षा की मानवी प्रथम, अकशित ठाकुर द्वितीय, दयारा कंवर तृतीय, तीसरी कक्षा की दित्या ठाकुर प्रथम, सानवी ठाकुर द्वितीय, नव्या तृत्य, चौथी कक्षा की काशिका कश्यप प्रथम, प्रिया शर्मा द्वितीय, यश वर्मा व मन्नत ठाकुर तृतीय, पांचवी कक्षा की भाविका शर्मा प्रथम, शौर्य पराशर द्वितीय, शुभाग शर्मा तृतीय, छठी कक्षा की सिमरन वर्मा प्रथम, वंश वर्मा व विराज द्वितीय, प्रांजल वर्मा तृतीय, सातवीं कक्षा की मानवी प्रथम, पूर्वीका कश्यप द्वितीय, महक शर्मा तृतीय, आठवीं कक्षा के वंश वर्मा प्रथम, कार्तिक व हिमांशी ठाकुर द्वितीय, विवेक ठाकुर तृतीय, नौवीं कक्षा की कशिश प्रथम, वंशिका द्वितीय, जानवी सूद तृतीय तथा दसवीं कक्षा के आयान प्रथम, कामना द्वितीय तथा उर्वशी तृतीय स्थान पर रही। 

*यह भी रहे उपस्थित*
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश ठाकुर, पूर्व बीडीसी सदस्य निरम सिंह भंडारी, ग्राम पंचायत बलदेहां की प्रधान पूनम गर्ग, उप प्रधान राजेंद्र कुमार, मंडयालू  पंचायत प्रधान दीवान वर्मा, पूर्व प्रधान ज्ञान ठाकुर, सेवक राम ठाकुर एवं सुरेंद्र कंवर, पीटीए प्रधान सीता राम एवं अन्य सदस्यों सहित बीडीओ माशोबरा अंकित कोटिया एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी, आसपास की पंचायत के पंचायत प्रतिनिधि, महिला मंडल एवं  युवक मंडल के प्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, अभिभावकगण तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे। 
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चंबा के करियां हेलिपैड पर उतरा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का हेलीकॉप्टर। स्थानीय कांग्रेसजन ने गर्मजोशी से किया स्वागत। भरमौर के विधायक जनक राज जी भी पहुंचे, मुख्यमंत्री को भेंट किया पुष्पगुच्छ।
चंबा जिला के होली निवासी एवं युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वर्गीय चन्द्रमणि कुलेठी जी के परिवार से मिलकर मन बेहद भावुक है। उनकी पत्नी और माता-पिता का दर्द देखकर मेरे पास कहने के लिए शब्द शेष नहीं रहे। इस कठिन घड़ी में परिवार को ढाँढस बँधाया और अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। हम इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

चन्द्रमणि मेरे होली दौरे को लेकर बेहद उत्साहित थे। उन्होंने मुझे अपने घर आने के लिए आमंत्रित किया था। उनका वह उत्साह और मुझसे मिलने की प्रतीक्षा आज मुझे बार-बार याद आ रही है। 

चन्द्रमणि जी का यूँ चले जाना हमेशा एक कसक बनकर हमारे मन में रहेगा। मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि।
— ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू
मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश
सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत चुराह के देहग्रां पहुंचे ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
निजी भूमि पर सोलर पैनल लगाने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का प्रावधान-मुख्यमंत्री
बैरागढ़ में सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा
बैरागढ़ की 182 पात्र महिलाओं को मिलेगी 1500 प्रतिमाह वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू गत रात चंबा ज़िला के चुराह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बैरागढ़ के देहग्रां पहुंचे। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों की वास्तविक समस्याओं और वहां की भौगोलिक परिस्थितियों को करीब से समझना है। इन्हीं जानकारियों के आधार पर बजट में आवश्यक बदलाव कर विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और गांवों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा को सतत् आजीविका के प्रमुख साधन के रूप में भी चिन्हित किया है। होम-स्टे स्थापित करने, उनका विस्तार अथवा उन्नयन के लिए 5 करोड़ रुपये तक के निवेश पर प्रदेश सरकार द्वारा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जा रहा है। 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोज़गार सौर ऊर्जा योजना के तहत निजी भूमि पर 100 किलोवाट से 2 मेगावाट तक के सोलर पैनल लगाने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत और गैर-जनजातीय क्षेत्रों में 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में 250 किलोवाट से 1 मेगावाट तक का सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए बैंक से ऋण लेता है, तो उस पर लगने वाले 9 प्रतिशत ब्याज में से 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार अगले माह से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करेगी। इस योजना के तहत गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 300 यूनिट निःशुल्क बिजली तथा स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस योजना से बैरागढ़ की 182 महिलाओ को 1500-1500 प्रतिमाह वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके साथ ही बैरागढ़ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला को अगले सत्र से सीबीएसई सम्बद्ध करने की घोषणा भी की।
 कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांग पत्र लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त सभी जायज़ जन-शिकायतों का निपटारा त्वरित और समयबद्ध तरीके से किया जाए। दुर्गम और पिछड़े माने-जाने वाले चुराह क्षेत्र के देहग्रां में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर स्थानीय जनता, महिलाओं और युवाओं में भारी उत्साह देखा गया और पारंपरिक तरीके से मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व विधायक सुरेन्द्र भारद्वाज, कांग्रेस के महासचिव यशवंत खन्ना, हज कमेटी के चेयरमैन दिलदार अली भटट, कांग्रेस नेता प्रकाश बटाली, ब्लाक कांग्रेस प्रधान भूपिंदर ठाकुर और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
आम जनता के बीच अपनों की तरह पहुंचे मुख्यमंत्री, देहग्रां के राम कृष्ण तिवारी के घर गुजारी रात, चखा पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद

चंबा ज़िला के दुर्गम क्षेत्र चुराह के देहग्रां में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आम जनता के बीच अपनों की तरह पहुंचकर लोगों का दिल जीत लिया। गत रात्रि ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने देहग्रां के राम कृष्ण तिवारी के घर न केवल रात गुजारी, बल्कि पारंपरिक पहाड़ी भोजन का लुत्फ भी उठाया।
राम कृष्ण तिवारी के परिवार ने मुख्यमंत्री के लिए खास तौर पर मक्की की रोटी, सरसों का साग और स्थानीय पारंपरिक गेहंू के लड्डू ‘ऐहण’ तैयार किए थे, जिसे मुख्यमंत्री ने बड़े चाव से खाया।
मुख्यमंत्री के इस प्रवास से प्रसन्न राम कृष्ण तिवारी ने कहा कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि पूरे सूबे के मुखिया हमारे छोटे से घर में आएंगे, हमारे साथ बैठेंगे और रात गुजारेंगे। यह हमारे पूरे परिवार के लिए जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण है।
उनका कहना है कि इससे पहले कोई मुख्यमंत्री इस दूरदराज के गांव में नहीं आया। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू इस सुदूर गांव में रात बिताने वाले प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हैं, जिससे स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह है। परिवार के अन्य सदस्यों चेतना तिवारी व विनीत तिवारी ने भी कहा कि सच में मुख्यमंत्री आम जनता के जन प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनके इस प्रवास से क्षेत्रवासियों में उत्साह का संचार हुआ है। उनका कहना है कि उनके घर में मुख्यमंत्री का एक रात्रि का प्रवास दिवाली की तरह खुशियां लेकर आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री का उनके घर पर रात्रि विश्राम के लिए आभार भी व्यक्त किया।
सुरक्षित दिवाली के लिए पुलिस अलर्ट, डीजीपी अशोक तिवारी ने जारी किए निर्देश
--चिट्टे के खिलाफ विशेष अभियान, पटाखों की सुरक्षा, यातायात और महिलाओं की सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस; 7 नवंबर तक पुलिस मुख्यालय को देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट**

**शिमला, 5 नवंबर।** हिमाचल प्रदेश में दिवाली के त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और घटनारहित बनाने के लिए पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दिवाली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सभी जिला एसपी को स्वयं तैयारियों की निगरानी करने और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डीजीपी ने भीड़भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पटाखों के सुरक्षित इस्तेमाल से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करवाने और आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन तथा अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।

**नशे और हुड़दंग पर रहेगी पुलिस की नजर**

त्योहारी सीजन में नशे और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। शराब पीकर वाहन चलाने, तेज रफ्तार, अवैध शराब की बिक्री, जुआ और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। विशेष रूप से चिट्टे के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एंटी चिट्टा जन आंदोलन को और मजबूती देगी।

**महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान**

डीजीपी ने यातायात और पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के साथ महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सामग्री पर भी पुलिस की नजर रहेगी। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध करवाने के लिए ERSS-112 सेवा को पूरी तरह सक्रिय और तैयार रखने को कहा गया है।

**जनता को परेशानी नहीं, सुरक्षा देना पुलिस की प्राथमिकता**

डीजीपी अशोक तिवारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की व्यवस्थाएं ऐसी होनी चाहिए, जिससे लोगों को त्योहार मनाने में अनावश्यक परेशानी न हो। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापारियों, बाजार समितियों तथा स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने और आम जनता के साथ शालीनता एवं संवेदनशीलता से पेश आने के निर्देश दिए गए हैं।

**7 नवंबर तक देनी होगी रिपोर्ट**

जिला एसपी को व्यक्तिगत रूप से तैयारियों के लिए जवाबदेह बनाया गया है। उन्हें अग्रिम निरीक्षण, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और लगातार निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। एडीजी/सीआईडी तथा रेंज के आईजी और डीआईजी भी तैयारियों की निगरानी करेंगे। सभी जिला एसपी को 7 नवंबर 2026 तक पुलिस मुख्यालय में अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी।

डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि पुलिस की तैयारियों का आकलन बैठकों की संख्या या जारी किए गए निर्देशों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता, घटनाओं को रोकने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता से किया जाएगा।

उन्होंने प्रदेशवासियों और हिमाचल आने वाले पर्यटकों से सुरक्षित तरीके से दिवाली मनाने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना ERSS-112 पर देने का आग्रह किया। डीजीपी ने सभी प्रदेशवासियों को सुखद, शांतिपूर्ण और सुरक्षित दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं।
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मतदान के प्रति समर्पण की ऐसी मिसाल, जो हमेशा देश को करती रहेगी प्रेरित

चार साल पहले दुनिया को अलविदा कह गए स्वतंत्र भारत के प्रथम मतदाता, 106 वर्ष की उम्र तक निभाया मतदान का फर्ज

शिमला: लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनाव कराने से नहीं, बल्कि उसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से सुनिश्चित होती है। मतदान के इसी महत्व को अपने पूरे जीवन में चरितार्थ करने वाले किन्नौर के कल्पा निवासी श्याम सरन नेगी भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक ऐसी पहचान छोड़ गए हैं, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। स्वतंत्र भारत के प्रथम मतदाता के रूप में पहचाने जाने वाले श्याम सरन नेगी ने अपने जीवन से यह साबित किया कि लोकतंत्र में एक-एक वोट की कितनी अहमियत होती है। उम्र के आखिरी पड़ाव तक उनका मतदान के प्रति समर्पण देश के करोड़ों नागरिकों के लिए प्रेरणा बना रहा।

आज 5 नवंबर को उनकी पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद कर रहा है। 5 नवंबर 2022 को 106 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली थी। उनके निधन के साथ भारतीय लोकतंत्र की एक ऐतिहासिक जीवंत पहचान भले ही दुनिया से विदा हो गई, लेकिन मतदान के प्रति उनका समर्पण आज भी लोगों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की प्रेरणा देता है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> 1951 में डाला था आजाद भारत का पहला वोट

श्याम सरन नेगी का जन्म 1 जुलाई 1917 को किन्नौर जिले में हुआ था। पेशे से शिक्षक रहे नेगी ने देश की आजादी के बाद हुए पहले आम चुनाव में मतदान कर इतिहास रच दिया। उस समय किन्नौर क्षेत्र में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण मतदान कराना मुश्किल था। इसी वजह से देश के अन्य हिस्सों में फरवरी 1952 में हुए आम चुनाव से पहले किन्नौर में अक्टूबर 1951 में मतदान करवाया गया था।

उस समय 34 वर्षीय श्याम सरन नेगी ने कल्पा के मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला और स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता के रूप में इतिहास में दर्ज हो गए। उस दौर में चुनाव की प्रक्रिया आज की तरह आसान नहीं थी। पहाड़ी क्षेत्रों में मतदान दलों को दुर्गम रास्तों से गुजरकर गांव-गांव पहुंचना पड़ता था। नेगी स्वयं भी मतदान दल का हिस्सा रहे थे और चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखा था। 

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> सात दशकों तक नहीं टूटा मतदान का सिलसिला

श्याम सरन नेगी की सबसे बड़ी पहचान केवल स्वतंत्र भारत का पहला मतदाता होना नहीं थी, बल्कि उनका जीवनभर मतदान के प्रति बना समर्पण भी था। उन्होंने 1951 से लेकर अपने जीवन के अंतिम समय तक किसी भी चुनाव में मतदान करने का अवसर नहीं छोड़ा। लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों में लगातार भागीदारी के जरिए उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

उन्होंने अपने जीवन में कुल 34 बार मतदान किया। इनमें 16 बार लोकसभा चुनावों में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना भी शामिल था। समय के साथ चुनावी व्यवस्था बदली। बैलेट पेपर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट तक का सफर उन्होंने अपनी आंखों से देखा। इसके बावजूद मतदान के प्रति उनका उत्साह कभी कम नहीं हुआ। 

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> 106 वर्ष की उम्र में भी नहीं छोड़ा मतदान का अधिकार

श्याम सरन नेगी के जीवन का सबसे प्रेरणादायी पहलू उनके अंतिम दिनों में भी मतदान के प्रति बना उत्साह रहा। नवंबर 2022 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी उम्र 106 वर्ष थी। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण इस बार वह मतदान केंद्र तक नहीं जा सके। हालांकि, उन्होंने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का फैसला नहीं बदला।

2 नवंबर 2022 को उन्होंने कल्पा स्थित अपने घर पर पहली बार डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) के माध्यम से मतदान किया। यह उनके जीवन का 34वां मतदान था। जिला प्रशासन ने उनके घर पर मतदान की व्यवस्था की थी। पारंपरिक किन्नौरी वाद्ययंत्रों की धुन के बीच उन्होंने अपना वोट डाला। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस अवसर पर उनका सम्मान किया।

मतदान के बाद उन्होंने युवाओं को संदेश दिया था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना केवल अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य भी है। उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उस समय था। 

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> 2014 में बने राज्य चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर

श्याम सरन नेगी की लोकप्रियता केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं रही। उनके मतदान के प्रति समर्पण को देखते हुए वर्ष 2014 में उन्हें हिमाचल प्रदेश के चुनाव अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया। निर्वाचन आयोग ने भी उन्हें मतदाता जागरूकता का एक बड़ा चेहरा बनाया।

उनकी तस्वीर और संदेशों के माध्यम से लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया गया। विशेषकर युवा मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। वह इस बात का उदाहरण बन गए कि लोकतंत्र की ताकत केवल संस्थाओं में नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की भागीदारी में भी निहित है। 

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> 5 नवंबर 2022 को दुनिया को कहा अलविदा

5 नवंबर 2022 को श्याम सरन नेगी ने किन्नौर जिले के अपने पैतृक गांव कल्पा में अंतिम सांस ली। वह 106 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया था। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

विडंबना देखिए कि जिस व्यक्ति ने जीवनभर मतदान के महत्व को समझाया, उसने अपने जीवन के अंतिम दिनों में भी इस जिम्मेदारी को निभाया। 2 नवंबर को मतदान करने के ठीक तीन दिन बाद 5 नवंबर को उनका निधन हो गया। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> आज भी लोकतंत्र के लिए प्रेरणा हैं श्याम सरन नेगी

श्याम सरन नेगी का जीवन केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र के विकास और नागरिक जिम्मेदारी का भी इतिहास है। उन्होंने उस दौर में मतदान किया, जब देश आजादी के शुरुआती वर्षों में अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत कर रहा था। इसके बाद बदलते भारत के साथ उन्होंने सात दशकों से अधिक समय तक चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी जारी रखी।

आज जब मतदाता जागरूकता और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जाते हैं, तब श्याम सरन नेगी का जीवन अपने आप में एक संदेश देता है। उन्होंने कभी बड़े भाषणों या नारों से लोकतंत्र की मजबूती की बात नहीं की, बल्कि हर चुनाव में अपना वोट डालकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।

किन्नौर की धरती के इस सपूत ने देश को यह सीख दी कि उम्र, परिस्थितियां और मुश्किलें मतदान के संकल्प के सामने बाधा नहीं बननी चाहिए। स्वतंत्र भारत के प्रथम मतदाता के रूप में उनका नाम इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

श्याम सरन नेगी को उनकी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को लोकतंत्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता रहेगा।
*चिट्टा तस्करी के दो मामलों में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर चंडीगढ़ से तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार, सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश*

*अभियोग संख्या 215/2026, दिनांक 11.10.2026, अधीन धारा 21, 29 ND&PS Act, पुलिस थाना पश्चिम*

शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करी के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने तथा मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस थाना पश्चिम में दर्ज अभियोग संख्या 215/2026, दिनांक 11.10.2026, अधीन धारा 21, 29 ND&PS Act में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर चंडीगढ़ से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

उक्त मामले में दिनांक 11.10.2026 को पुलिस टीम द्वारा शोघी चौकी के नजदीक नाकाबंदी के दौरान बस  की तलाशी ली गई थी। तलाशी के दौरान बस में सवार भुवनेश चौहान (21) निवासी शोघी तथा गुलशन ठाकुर (21) निवासी बानकुफर, कोटखाई के कब्जे से लगभग 22 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई थी। इस पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में अन्वेषण शुरू किया गया।

मामले की जांच के दौरान पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ करने के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), CCTV फुटेज तथा वित्तीय लेन-देन का विस्तृत विश्लेषण किया गया। अन्वेषण में सामने आया कि दोनों आरोपी चंडीगढ़ से साजन और विकास नामक व्यक्तियों से चिट्टा खरीदकर लाते थे। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर विकास उर्फ आकाश को चिट्टा का मुख्य सप्लायर पाया गया, जो नशे की खरीद-फरोख्त से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के लिए साजन के बैंक खाते का इस्तेमाल कर रहा था। वहीं, साजन उर्फ सैम मुख्य सप्लायर और आगे चिट्टा वितरित करने वाले व्यक्तियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।

उपरोक्त तथ्यों के आधार पर नशे की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए बैकवर्ड लिंकेज पर जांच आगे बढ़ाई गई। आगामी अन्वेषण के दौरान पुलिस थाना बालूगंज की एक विशेष टीम गठित कर चंडीगढ़ रवाना की गई। टीम ने लगातार प्रयासों और गहन जांच के बाद दिनांक 27.10.2026 को चंडीगढ़ से साजन उर्फ सैम (24), निवासी जिला फिरोजपुर, पंजाब तथा विकास उर्फ आकाश (25), निवासी जिला फिरोजपुर, पंजाब को गिरफ्तार किया।

मामले में गिरफ्तार सभी चारों आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

*अभियोग संख्या 201/2026, दिनांक 27.09.2026, अधीन धारा 21 ND&PS Act, पुलिस थाना पश्चिम*

पुलिस थाना पश्चिम में दर्ज अभियोग संख्या 201/2026, दिनांक 27.09.2026, अधीन धारा 21 ND&PS Act में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर चंडीगढ़ से एक सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है।

उक्त मामले में दिनांक 27.09.2026 को पुलिस टीम द्वारा शोघी चौकी के नजदीक नाकाबंदी के दौरान एक बस की चेकिंग की गई थी। इस दौरान सीट पर बैठे क्षितिज वर्मा (26), निवासी जिला कुल्लू के कब्जे से लगभग 6 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई थी। इस पर आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में अन्वेषण शुरू किया गया।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर चिट्टा की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाया। अन्वेषण में सामने आया कि आरोपी चंडीगढ़ के मनीमाजरा निवासी रोहित से चिट्टा खरीदकर लाया था। इसके आधार पर पुलिस थाना पश्चिम की टीम ने आगामी कार्रवाई करते हुए दिनांक 04.10.2026 को मनीमाजरा, चंडीगढ़ से मुख्य सप्लायर रोहित पुत्र रामकृष्ण को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। 

नशा तस्करी के विरुद्ध शिमला पुलिस की कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 में अब तक 93 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं तथा 68 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। इसकी तुलना में वर्ष 2025 में 8 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क तथा वर्ष 2024 में 15 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे। ये आंकड़े नशा तस्करी के विरुद्ध शिमला पुलिस की कार्रवाई में व्यापक तेजी और मुख्य सप्लायरों व अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने की प्रभावी रणनीति को दर्शाते हैं।
तिस्सा से देग्रां तक जगह-जगह पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत

चंबा जिला के चुराह विधानसभा क्षेत्र में तिस्सा से देग्रां तक जगह-जगह पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का भव्य स्वागत किया गया। सबसे पहले खुशीनगर में पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्थानीय प्रशासन, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता द्वारा भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री से मिलने और उनका अभिनंदन करने के लिए क्षेत्रवासी भारी संख्या में उपस्थित हुए। स्वागत समारोह के दौरान स्थानीय महिलाओं और युवाओं ने प्रदेश सरकार द्वारा उनके हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए मंच और उनके वाहन पर चारों ओर से पुष्प वर्षा की गई।
जनता के इस अपार स्नेह को देखकर मुख्यमंत्री ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी का यह प्यार और उत्साह देखकर मुझे बेहद खुशी हुई है। चुराह की जनता का यह स्नेह मुझे प्रदेश के विकास के लिए और अधिक मेहनत करने की ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के दुर्गम क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
इस मौके पर हज कमेटी के प्रधान दिलदार अली भट्ट सहित स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य उपस्थित थे।
मंडी में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के नैरेटिव पर साधा निशाना

कहा— प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में सशक्त हुआ सुशासन, विपक्ष के भ्रामक प्रचार का लोकतांत्रिक जवाब देगी जनता

मुख्यमंत्री सुक्खू को चुनाव आयोग पर संदेह है तो दें तत्काल इस्तीफा: जयराम ठाकुर 

मंडी : जिला मुख्यालय मंडी में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित विशाल ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा ऐतिहासिक जनसैलाब की गवाह बनी, जिसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता ने हिस्सा लेकर विपक्ष की अराजक राजनीति के खिलाफ हुंकार भरी। इस आक्रोश प्रदर्शन और पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए और स्पष्ट किया कि मंडी की सड़कों पर उमड़ा यह अभूतपूर्व जनसमर्थन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि देश व प्रदेश की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं तथा लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता और निष्ठा के साथ एकजुट होकर खड़ी है। 

पड्डल मैदान से सेरी मंच पहुंची पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की जमकर सराहना की और कहा कि आज भारत उनके मार्गदर्शन में निरंतर विकास, सुशासन, पारदर्शिता और एक सशक्त व समृद्ध लोकतंत्र की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी चुनाव परिणाम विपक्ष के अनुकूल नहीं होते, तो वे देश की निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर अनर्गल सवाल उठाने लगते हैं और ‘वोट चोरी’ जैसे नितांत झूठे, तथ्यहीन तथा भ्रामक प्रचार के माध्यम से देश की सम्मानित जनता को गुमराह करने का कुत्सित प्रयास करते हैं, जिसका लोकतांत्रिक तरीके से मुंहतोड़ जवाब देना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

 जयराम ठाकुर ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की नकारात्मक, अराजक राजनीति और समाज को बांटने वाले झूठे नैरेटिव के विरुद्ध मंडी की जनता का यह एकजुट संकल्प देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को कभी स्वीकार नहीं करेगा। आज तक देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था से ही सरकारें चुनी जाती रही है लेकिन पहली बार देश में सत्ता परिवर्तन के लिए कुछ लोग अराजकता का सहारा ले रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोच रहे हैं कि जिस प्रकार बांग्लादेश में अराजकता से सत्ता परिवर्तन हुआ ऐसा ही भारत में भी हो सकता है लेकिन वो भूल चुके हैं ये देश बांग्लादेश नहीं हो सकता। 

उन्होंने तंज कसा कि चुनाव जीतने के लिए जनता का दिल जीतना पड़ता है जो कांग्रेस कर नहीं पा रही है और अराजकता का सहारा ले रही है। ये देश संविधान से चलता है, गांधी परिवार की धमकियों से नहीं। 
जिस एसआईआर प्रक्रिया पर राहुल गांधी सवाल उठा रहे हैं उसका मतलब सिर्फ इतना है कि गलत वोट बनना नहीं चाहिए और ठीक वोट कटना नहीं चाहिए। कांग्रेस नेताओं को सबसे बड़ी पीड़ा इस प्रक्रिया से तब हुई जब उनके समय में देश में घुसे घुसपैठियों को एसआईआर ने बाहर का रास्ता दिखाया। प्रधानमंत्री मोदी जी को पिता की गाली देना बर्दाश्त के योग्य नहीं है। कांग्रेस नेता पागल हो चुके हैं। अब समय आ चुका है कि अराजकता फैलाने वालों को मुंह तोड़ जवाब दें। उन्होंने कहा कि विचित्र बात तब लगी जब हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू दिल्ली जाकर प्रदर्शन करने जा रहे हैं जिन्हें इसी चुनाव आयोग ने चुना है जिसके खिलाफ इनके नेता वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रक्रिया ने राहुल गांधी को सांसद बनाया है उस पर वो सवाल उठा रहे हैं। ऐसा ही हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सुक्खू कर रहे हैं जिन्हें इस संवैधानिक पद पर इसी प्रक्रिया ने बैठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि अगर आप को चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर संदेह है तो अपने पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि अपने रामपुर के विधायक की दुःखद मृत्यु के दिन भी मुख्यमंत्री चंबा में जाकर नाटी डालकर जश्न मनाते रहे। ऐसी असंवेदनशीलता पहली बार देखी गई कि कांग्रेस विधायक की देह आँगन में है और उसी पार्टी के मुख्यमंत्री सत्ता मोह में कार्यक्रम रद्द नहीं कर पाए। पूरे हिमाचल में विकास पर ताला लगा हुआ है। पिछली गारंटियां पूरी नहीं हुई और मुख्यमंत्री नए जिले बनाने के लिए नई गारंटी देने लगे हैं। अब आपकी  विदाई का समय आ चुका है ऐसे में आप 68 जिले भी बना दें तो आपकी सरकार दोबारा सत्ता में नहीं आएगी। 

उन्होंने राज्य की खराब वित्तीय स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री के आर्थिक कुप्रबंधन को कसूरवार ठहराते हुए कहा कि बेतहाशा ऋण लेकर भी विकास कार्य करवाने में कांग्रेस सरकार फिसड्डी साबित हुई है। उन्होंने दावा किया कि इस बार भाजपा मंडी में 10 में से 10 सीटें ही जीतेगी और प्रदेश में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर को मंत्री बनाने को लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा को झूठी गारंटी करार देते हुए जयराम ठाकुर ने  कहा कि लगता है मुख्यमंत्री जी कुंडली आपकी ख़राब हो चुकी है। पूरे देश में ही कांग्रेस पार्टी की कुंडली ख़राब हो चुकी है और  हर चुनाव हार रही है। जो हालात आपने हिमाचल प्रदेश की कर दी है और जो हाल कांग्रेस नेताओं का आपने किया है उससे तय है कि आपकी पार्टी अगले 30 वर्षों तक सत्ता में नहीं आएगी। 

इस रैली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं पूर्व मंत्री मंडी के प्रभारी सुरेश भारद्वाज, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, भाजपा विधायक एवं रैली के संयोजक राकेश जम्वाल ने भी संबोधित किया जबकि रैली में महामंत्री पायल वैद्य, विधायक विनोद कुमार, इंद्र सिंह गांधी, दलीप  ठाकुर, पूर्ण चंद, दीपराज, लोकेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष मंडी निहाल चंद शर्मा और सुन्दरनगर से हीरालाल भी उपस्थित रहे।
लक्कड़ बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई
 -14 किलोग्राम बासी एवं दूषित मिठाइयां मौके पर नष्ट करवाईं
-टूटू क्षेत्र में सड़क किनारे खुले में लगे मिठाई के स्टॉल से नौ नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए एकत्रित किए गए
शिमला , 4 नवम्बर 
आज लक्कड़ बाजार क्षेत्र में बासी मिठाइयां बेचे जाने संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा डॉ. विजया के नेतृत्व में क्षेत्र की एक मिठाई की दुकान का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दुकान में रखी मिठाइयों से दुर्गंध आ रही थी। मिठाइयों पर मक्खियां एवं कीट पाए गए तथा उनमें चूहों के मल के अंश भी मौजूद थे। इसके अतिरिक्त दुकान परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छता की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। मामले पर तत्काल कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खाद्य कारोबार संचालक (FBO) को लगभग 14 किलोग्राम बासी एवं दूषित मिठाइयां मौके पर ही नष्ट करने के निर्देश दिए। खाद्य कारोबार संचालक को परिसर में उचित साफ-सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने, निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा इस प्रकार की बासी एवं असुरक्षित मिठाइयों की बिक्री न करने के सख्त निर्देश भी दिए गए। एक अन्य कार्रवाई के तहत टूटू क्षेत्र में सड़क किनारे खुले में लगाए गए मिठाई के स्टॉल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा ने काजू बर्फी, माह बर्फी, मिल्क केक सहित विभिन्न प्रकार की मिठाइयों एवं खाद्य पदार्थों के कुल नौ नमूने एकत्रित किए। इन सभी नमूनों को गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जारी त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से निरीक्षण एवं निगरानी अभियान तेज कर दिया गया है। विभाग ने सभी खाद्य कारोबार संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें तथा अपने प्रतिष्ठानों में उचित स्वच्छता एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करें। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानून के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बिग ब्रैकिंग : चिट्टा तस्कर की 48.30 लाख की संपत्ति जब्त, मकान सील; पहली बार सरकार को मिला खाली कब्जा

क्रॉसर: PIT-NDPS एक्ट के तहत हिमाचल में पहली बार पुलिस ने जब्त मकान का वास्तविक भौतिक कब्जा सरकार को सौंपा

शिमला, 4 नवंबर। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस जिला नूरपुर ने PIT-NDPS एक्ट के तहत प्रदेश में पहली बार जब्त संपत्ति का खाली और वास्तविक भौतिक कब्जा सरकार के पक्ष में प्राप्त किया है। पुलिस ने कांगड़ा जिले के डमटाल क्षेत्र में चिट्टा तस्कर शमशेर सिंह के दो मंजिला मकान को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। मकान और नकदी सहित कुल 48 लाख 30 हजार 997 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी शमशेर सिंह पुत्र गुरदियाल सिंह निवासी वार्ड नंबर-9, डमटाल, तहसील इंदौरा की नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति की पहचान की गई थी। सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, SAFEM (FOP) एक्ट और NDPS एक्ट, नई दिल्ली की ओर से पारित आदेश के तहत आरोपी की संपत्तियों को जब्त किया गया।

जब्त संपत्ति में गांव छन्त्री, तहसील इंदौरा स्थित दो मंजिला आवासीय भवन शामिल है। इसमें बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल हैं। भवन का निर्धारित मूल्य 45 लाख 90 हजार 557 रुपये आंका गया है। इसके अलावा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित 2 लाख 40 हजार 440 रुपये की नकदी भी जब्त की गई है। इस तरह कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 48 लाख 30 हजार 997 रुपये है।

आदेश के बाद पुलिस ने लिया मकान का कब्जा

सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने 22 अक्टूबर 2026 को NDPS एक्ट की धारा 68-U के तहत आदेश जारी किया था। इसके अनुपालन में पुलिस थाना डमटाल ने आरोपी को आदेश की विधिवत तामील करवाई। थाना प्रभारी को जब्त संपत्ति का भौतिक कब्जा प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया था।

बुधवार को पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मकान का निरीक्षण किया। मौके पर भवन का आदेश में दर्ज संपत्ति से मिलान किया गया। इसके बाद बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक विवरण मौका रिपोर्ट में दर्ज किए गए। पूरी कार्रवाई बिना किसी विरोध और बल प्रयोग के संपन्न हुई। पुलिस ने लिखित कब्जा सुपुर्दगी पत्र के माध्यम से मकान का खाली और वास्तविक कब्जा सरकार के पक्ष में प्राप्त कर लिया।

ताले लगाकर किया सील, लगाया सूचना बोर्ड

कब्जा लेने के बाद पुलिस ने मकान के मुख्य द्वार सहित अन्य निर्धारित दरवाजों पर ताले लगाकर थाना मोहर से सील कर दिया। मुख्य द्वार पर सूचना बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि संपत्ति भारत सरकार के अधीन जब्त है और इसमें किसी भी प्रकार का अनधिकृत प्रवेश प्रतिबंधित है। पूरी कार्रवाई की विस्तृत फर्द तैयार कर स्वतंत्र गवाहों के हस्ताक्षर भी करवाए गए।

पुलिस का कहना है कि एंटी चिट्टा अभियान के तहत अब नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। नशे के अवैध कारोबार से बनाई गई संपत्तियों को भी चिह्नित कर जब्त किया जाएगा। तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर प्रहार कर नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति को उनके नियंत्रण से बाहर करना अभियान का प्रमुख हिस्सा है।

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू  तीसा के खुशीनगर में बच्चों से मिलते हुए।
IFS सुशील कुमार को हिमाचल वन  विभाग का जिम्मा, आगामी आदेशों तक संभालेंगे HoFF का कार्यभार
न्यू शिमला सेक्टर-4 में बेतरतीब पार्किंग से फंस रहीं बसें, यात्रियों का समय हो रहा बर्बाद
शिमला: न्यू शिमला के सेक्टर-4 में बेतरतीब तरीके से सड़क किनारे खड़े किए जा रहे वाहन लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के चलते सड़क पर जगह कम पड़ रही है और बसों को निकलने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। कई बार बसें सड़क पर ही फंस रही हैं, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बेतरतीब पार्किंग पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था सुचारू करने की मांग उठाई है।
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चंबा जिला के तीसा स्थित भंजराड़ू हेलिपैड पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का  कांग्रेसजन और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
पेंशनरों के अधिकारों का हनन कर रही सुक्खू सरकार, बुजुर्गों को सड़कों पर उतरने के लिए किया मजबूर : डॉ. राजीव बिंदल

हिमाचल की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, सरकारी अस्पतालों में जांच, ऑपरेशन और दवाइयों के लिए तरस रही जनता : बिंदल

डेढ़ लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा बिल, डीए और एरियर लंबित, कांग्रेस सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश

108 एंबुलेंस सेवा, हिमकेयर और आयुष्मान योजनाओं को बदहाली की ओर धकेल रही कांग्रेस सरकार : बिंदल

हमीरपुर, 4 नवंबर 2026। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हमीरपुर में पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष हिमाचल प्रदेश की सेवा में समर्पित किए, आज वही वरिष्ठ नागरिक अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। यह प्रदेश की सुक्खू सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि 80-80 वर्ष की आयु के बुजुर्ग अपने घर-परिवार छोड़कर 200 से 400 किलोमीटर की यात्रा कर धरने-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पेंशनरों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वैधानिक एवं आर्थिक लाभों से वंचित कर दिया है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार लगभग डेढ़ लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों को चिकित्सा बिलों, महंगाई भत्ते की किस्तों, एरियर और अन्य देय राशियों के भुगतान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जिन बुजुर्गों को जीवन के इस पड़ाव पर सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता मिलनी चाहिए थी, उन्हें कांग्रेस सरकार ने आर्थिक संकट और मानसिक पीड़ा में धकेल दिया है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारी अब कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों से पूरी तरह त्रस्त हो चुके हैं और आने वाले समय में यही वर्ग इस निकम्मी और भ्रष्ट सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सरकारी अस्पतालों में जांच सेवाएं प्रभावित, गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ

हमीरपुर में आयोजित पदयात्रा में एकत्रित हजारों कार्यकर्ताओं और नागरिकों को संबोधित करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में होने वाली अनेक महत्वपूर्ण जांच सेवाएं प्रभावित हो चुकी हैं। लाखों मरीजों को अपनी बीमारी की जांच करवाने के लिए निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में भारी-भरकम राशि खर्च करनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लैब संचालकों के करोड़ों रुपये के लंबित बिलों का भुगतान नहीं किए जाने के कारण जांच सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसका सीधा नुकसान गरीब, मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद मरीजों को उठाना पड़ रहा है।

अस्पतालों में ऑपरेशन घटे, हिमकेयर और आयुष्मान के भुगतान लंबित

डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में होने वाले ऑपरेशनों की संख्या घटकर लगभग एक चौथाई रह गई है। उन्होंने कहा कि ऑर्थोपेडिक्स सहित विभिन्न विभागों में हिमकेयर, आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत करोड़ों रुपये के भुगतान लंबित पड़े हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की भुगतान संबंधी विफलताओं का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। गरीब परिवारों के लिए शुरू की गई स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो पा रही हैं और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है।

108 एंबुलेंस सेवा को भी बदहाली की ओर धकेला

डॉ. बिंदल ने कहा कि 25 दिसंबर 2010 को शुरू की गई अटल स्वास्थ्य सेवा 108 वर्षों तक प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह महत्वपूर्ण सेवा भी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस सेवा के संचालन के लिए निर्धारित करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण इसकी कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हुई है। जहां आपातकालीन परिस्थितियों में 15 से 20 मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचने की अपेक्षा रहती है, वहीं अनेक स्थानों पर मरीजों को दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी प्रदेश में एंबुलेंस सेवा का समय पर उपलब्ध न होना मरीजों के जीवन के लिए गंभीर खतरा है।

हिमाचल की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित कर रही कांग्रेस सरकार

डॉ. बिंदल ने कहा कि आज प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के मूलभूत आधार कमजोर हो चुके हैं। सरकारी अस्पतालों में जांच सेवाएं प्रभावित हैं, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता में कमी है, ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं और 108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति चिंताजनक है। वहीं हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ भी अनेक जरूरतमंद मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों ने प्रदेश के बुजुर्गों, पेंशनरों, गरीबों और मरीजों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। एक ओर जीवनभर प्रदेश की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो दूसरी ओर आम जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है।

डॉ. बिंदल ने मांग की कि प्रदेश सरकार पेंशनरों के सभी लंबित वित्तीय लाभों, चिकित्सा बिलों, डीए और एरियर का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करे। इसके साथ ही हिमकेयर, आयुष्मान भारत, सरकारी अस्पतालों की जांच सेवाओं और 108 एंबुलेंस सेवा के लंबित भुगतान जारी कर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के पेंशनरों, कर्मचारियों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी और कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के बीच उजागर करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू  ने स्वर्गीय नंद लाल जी को उनके पैतृक गांव देवठी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजन को ढांढस भी बंधाया।
दिवाली के दौरान शिमला में पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल के लिए 14 स्थान निर्धारित
विधायक नंद लाल का राजकीय सम्मान के साथ देओठी में अंतिम संस्कार
मुख्यमंत्री ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे नंद लाल का आज शिमला ज़िला के रामपुर में उनके पैतृक गांव देओठी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने उनके पैतृक गांव पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
नंद लाल के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के एक समर्पित सिपाही थे, जिन्होंने रामपुर क्षेत्र के लोगों के कल्याण और उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया। क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वर्गीय नंद लाल बेहद सरल, विनम्र और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि नंद लाल प्रदेश विधानसभा में हमेशा गरिमा, मर्यादा और तार्किक ढंग से अपनी बात रखते थे, जो जनहित के मुद्दों और संसदीय परंपराओं के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नंद लाल के निधन से प्रदेश ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि और समर्पित जनसेवक को खोया है। उनके जाने से सार्वजनिक जीवन में जो अपूरणीय क्षति हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने परमपिता परमात्मा से दिवंगत की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक कुलदीप सिंह राठौर व हरीश जनारथा, हिमकॉन के अध्यक्ष विकेश चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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विधायक नन्द लाल के अंतिम संस्कार में पहुँचे मुख्यमंत्री सुक्खू
सुने क्या बोले, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू
**बीएसएनएल ने मनाया सतर्कता जागरूकता सप्ताह, प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया सम्मानित**

**‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थी इस वर्ष की थीम, निबंध लेखन और साइबर सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का हुआ आयोजन**

**शिमला, 3 नवंबर।** भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) हिमाचल प्रदेश दूरसंचार परिमंडल शिमला की ओर से मंगलवार को सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का समापन किया गया। इस वर्ष सप्ताह का विषय ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ (Probity for Prosperity) रखा गया था। इसके तहत प्रदेशभर के बीएसएनएल कार्यालयों में जागरूकता संबंधी बैनर प्रदर्शित करने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

सप्ताह के तहत 12 अक्तूबर को दूरसंचार परिमंडल कार्यालय शिमला में निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका विषय ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ था। प्रतियोगिता में महाप्रबंधक कार्यालय शिमला की टेलीकॉम तकनीशियन चंपा देवी ने प्रथम स्थान हासिल किया। परिमंडल कार्यालय के मुख्य लेखा अधिकारी (एफए) अजय कुमार दूसरे और उपमंडल अभियंता अजय कुमार तीसरे स्थान पर रहे।

वहीं, 13 अक्तूबर को ‘आईटी और साइबर सुरक्षा’ विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें शिमला बीए के जेटीओ व महाप्रबंधक कार्यालय में कार्यरत विनीता राणा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अनिल कुमार मोहिल (ओएसडी), सुमन तनवर (एसडीई) और मनीषी गुप्ता (जेटीओ) की टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि परिमंडल कार्यालय के एजीएम प्रेम ठाकुर ने तीसरा स्थान हासिल किया।

समापन समारोह में मुख्य महाप्रबंधक हर्षवर्धन सिंह ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस दौरान मुख्य महाप्रबंधक हर्षवर्धन सिंह और प्रधान महाप्रबंधक राजन कॉम्बोज ने कहा कि भ्रष्टाचार देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रगति में बड़ी बाधा है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और मेहनत से कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में दूरसंचार परिमंडल शिमला के सतर्कता अधिकारी अनिल कुमार ने सप्ताह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
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