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NEET पेपर लीक पर सख्त हुई सरकार, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून की तैयारी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट तथा सख्त कानूनी प्रावधान लागू करने की दिशा में पहल की जा रही है।
सरकार के अनुसार, NEET पेपर लीक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी, समयबद्ध तरीके से परीक्षा और परिणाम घोषित करने के बाद अब ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कानून लाने की तैयारी है। सरकार का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन। स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मेदांता पहुंचकर पिलाया जूस। सरकार ने दो मांगें मानी हैं। पहला, दर्ज मुकदमे वापिस होंगे और दूसरा, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजे देने पर विचार होगा।
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🚧 महत्वपूर्ण यातायात सूचना | स्वारघाट–मंडी(NH-21) 🚧

NHAI जनता को सूचित करना चाहता है कि सड़क निर्माण कार्य के चलते 24 एवं 25 जुलाई 2026 को प्रातः 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक स्वारघाट (कैंची मोड़ टनल-1) से मंडी भराड़ी चौक मार्ग पर यातायात अस्थायी रूप से बंद रहेगा।

इस अवधि में वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। एम्बुलेंस, पुलिस, स्कूल बसों एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को आवागमन की अनुमति रहेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले अपने मार्ग की योजना बनाएं और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

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*निर्धारित समय-सीमा में पूरा होगा रोहड़ू-डोडरा-क्वार सड़क निर्माण कार्य - विक्रमादित्य सिंह*

*लोक निर्माण मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*

*क्षेत्र के विकास कार्यों पर लगभग 70 करोड़ रुपये किए जा रहे हैं व्यय*

लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज निर्माणाधीन रोहड़ू-डोडरा-क्वार सड़क परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।
निरीक्षण के उपरांत डोडरा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि चिड़गांव-डोडरा-क्वार सड़क का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर लगभग 45 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र की वर्षों पुरानी सड़क सुविधा की आवश्यकता पूरी होगी।
उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार के साथ हुई बैठक में डोडरा-क्वार क्षेत्र की सड़क परियोजनाओं का विषय प्रमुखता से उठाया गया। क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित कार्य अवधि तथा प्रतिकूल मौसम को देखते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेज-1 के शेष कार्यों की समय-सीमा मार्च, 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे परियोजना को निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरा करने में सहायता मिलेगी।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि रोहड़ू-चिड़गांव सड़क के निर्माण पर भी लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है तथा इसे भी निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डोडरा-क्वार को उत्तराखंड से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से भी चर्चा की गई है। हिमाचल प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में आने वाले हिस्से का निर्माण कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अन्य संपर्क सड़कों के लिए भी पर्याप्त वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। इनमें कितरवाड़ी संपर्क सड़क के लिए लगभग 4.50 करोड़ रुपये, जिसकुन-जाखा सड़क के लिए 10.50 करोड़ रुपये तथा जड़कोट सड़क के लिए लगभग 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर इन परियोजनाओं पर कार्य शीघ्र आरंभ किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि डोडरा-चमडार सड़क का निर्माण लगभग 5.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डोडरा के भवन निर्माण पर अब तक लगभग 3.50 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। उन्होंने विद्यालय के शेष विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि यहां के स्कूल का नाम स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह के नाम पर रखने का आग्रह प्राप्त हुआ है जिसके लिए मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से बात कर उसे पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एसडीएम कार्यालय एवं आवास का निर्माण कार्य लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से अंतिम चरण में है। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के निर्माण पर भी लगभग 3 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि डोडरा-क्वार क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों पर वर्तमान में लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और क्षेत्र की जनता की सभी जायज मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डोडरा-क्वार क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यहां पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में चांशल घाटी को रोपवे से जोड़ने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने तथा अपनी पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने लोक निर्माण मंत्री का डोडरा-क्वार क्षेत्र में पधारने पर स्वागत किया तथा क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक आवश्यकताओं और जनसमस्याओं से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का योगदान अविस्मरणीय है और यहां के लोग उनके विकास कार्यों को सदैव याद रखेंगे।

*जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत, सुनीं जनसमस्याएं*
डोडरा-क्वार प्रवास के दौरान लोक निर्माण मंत्री का रोहड़ू, सीमा, बड़ियारा, मांदली पुल, सुंधा, चिड़गांव, संदासू, गुम्मा, टिक्करी, खरशाली, शिलादेश तथा लडोट सहित विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं भी सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

*यह रहे उपस्थित*
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र रेटका, एसडीएम रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा, एसडीएम डोडरा-क्वार कीर्ति चंदेल, मंडल अध्यक्ष रोहड़ू शिवपाल ठाकुर, पूर्व मंडल अध्यक्ष करतार सिंह कुल्ला, नगर परिषद रोहड़ू के अध्यक्ष प्यारे लाल आजाद, उपाध्यक्ष जितेंद्र चौहान, पंचायत समिति छौहारा के अध्यक्ष उत्तम ठाकुर, स्थानीय प्रधान बद्री प्रसाद, उपप्रधान अजवेंद्र तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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सिविल विमान क्षेत्र शिमला पर वीरवार को एंटी-हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज-2026 का आयोजन
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राज्य में सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति लागू की जाएगी
सड़क सुरक्षा के प्रति सक्रिय एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपना रही है राज्य सरकारः मुख्यमंत्री

वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में 6.48 प्रतिशत की कमी आने के बावजूद, हिमाचल प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा को और अधिक सदृढ़ करने तथा दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से एक और महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग के अधीन आने वाली सड़कों के लिए सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति लागू करने को मंजूरी प्रदान की है, ताकि सड़क सुरक्षा को राज्य में सड़कों की योजना, डिज़ाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सके।
विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में दुर्गम भू-भाग, तीखे मोड़ और प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियां अतिरिक्त जोखिम उत्पन्न करती हैं, सड़क सुरक्षा एक गंभीर सार्वजनिक चिंता का विषय बन चुकी है। सड़क सुरक्षा संबंधी कमियों की व्यवस्थित पहचान और उनके प्रभावी समाधान की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने भारतीय सड़क कांग्रेस के दिशा-निर्देशों एवं सिफारिशों के अनुरूप एक व्यापक सड़क सुरक्षा ऑडिट ढांचा अपनाया है। इस नीति का उद्देश्य सड़क अवसंरचना में सुधार करना, दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना तथा सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुरक्षित सड़क नेटवर्क विकसित करना है।
इस नीति के अंतर्गत किसी भी सड़क परियोजना के पांच महत्त्वपूर्ण चरणों में सड़क सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। इनमें व्यवहार्यता अथवा प्रारंभिक डिज़ाइन चरण, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) चरण, निर्माण चरण, सड़क को यातायात के लिए खोलने से पूर्व का चरण तथा पहले से निर्मित सड़कों का ऑडिट शामिल है।
व्यवहार्यता चरण में ऑडिटर मार्ग चयन, सड़क की संरेखण (अलाइनमेंट), चौराहों, क्रॉस-सेक्शन तथा मौजूदा सड़क नेटवर्क से संपर्क का परीक्षण करेंगे। विस्तृत डिज़ाइन चरण में ज्यामितीय डिज़ाइन, सड़क संकेतक, सड़क चिह्नांकन, प्रकाश व्यवस्था, संवेदनशील सड़क उपयोगकर्ताओं (जैसे पैदल यात्री एवं साइकिल चालक) के लिए सुविधाएं तथा सड़क किनारे सुरक्षा प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
निर्माण चरण के दौरान ऑडिट में कार्यस्थल सुरक्षा, यातायात प्रबंधन योजना, श्रमिकों की सुरक्षा तथा पूर्व में दिए गए ऑडिट सुझावों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी। सड़क को यातायात के लिए खोलने से पूर्व दिन एवं रात्रि दोनों समय विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पहले से निर्मित सड़कों का भी समय-समय पर ऑडिट किया जाएगा ताकि उभरते हुए जोखिमों और सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान कर उनका समय पर समाधान किया जा सके।
नीति के अनुसार सड़क सुरक्षा ऑडिट केवल भारतीय सड़क कांग्रेस द्वारा प्रमाणित ‘रोड सेफ्टी ऑडिटर’ अथवा ऐसे विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी करेंगे जिन्होंने 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा ऑडिट प्रमाणन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया हो तथा पर्वतीय सड़कों के निर्माण का कम से कम 10 वर्ष का अनुभव रखते हों। साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि ऑडिटर स्वतंत्र हों और जिस परियोजना का ऑडिट कर रहे हों, उसके निर्माण, क्रियान्वयन या संचालन से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध न हो।
संस्थागत व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में एक समर्पित ‘रोड सेफ्टी सेल’ स्थापित किया जाएगा। यह सेल सड़क सुरक्षा ऑडिट कार्यक्रम के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा, प्रगति का आकलन करेगा, योग्य ऑडिटरों का पैनल तैयार करेगा, अनुपालन रिपोर्टों की समीक्षा करेगा तथा अभियंताओं और अन्य हितधारकों के लिए प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि विभाग के अभियंता-प्रमुख द्वारा प्रत्येक तिमाही में कार्यक्रम की समीक्षा की जाएगी, ताकि इसकी प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके और आवश्यक सुधार किए जा सकें।
नीति का एक महत्त्वपूर्ण प्रावधान यह है कि एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली प्रत्येक सड़क परियोजना में सड़क सुरक्षा ऑडिट के लिए परियोजना लागत का एक प्रतिशत अनिवार्य रूप से निर्धारित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सड़क संकेतकों, सड़क चिह्नांकन, यातायात शांत करने के उपायों, कार्यस्थल प्रबंधन, पैदल यात्री सुविधाओं, साइकिल ट्रैक, पर्वतीय सड़कों, सुरक्षा अवरोधकों, चौराहों तथा ज्यामितीय डिज़ाइन संबंधी भारतीय सड़क कांग्रेस के विभिन्न मानकों एवं मैनुअलों का पालन करना भी अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हिमाचल प्रदेश में निर्मित सड़कें सर्वाेच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों और सभी सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के सड़क नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, अधिक सक्षम और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रत्येक सड़क परियोजना में मानव जीवन और सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति विकास के प्रत्येक चरण में संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करेगी। सुरक्षित सड़कें न केवल दुर्घटनाओं को रोकती हैं और लोगों का जीवन बचाती हैं, बल्कि राज्य में आर्थिक विकास तथा बेहतर संपर्क व्यवस्था को भी बढ़ावा देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्र सड़क सुरक्षा ऑडिट को संस्थागत रूप देकर तथा सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करके सड़क सुरक्षा के प्रति सक्रिय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपना रही है। उन्होंने दोहराया कि मानव जीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और प्रदेश में सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क अवसंरचना विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
राज्य सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 6.48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। वर्ष 2023 में जहां कुल 2,253 सड़क दुर्घटनाए दर्ज की गई थीं, वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 2,107 रह गई।
इसी प्रकार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2023 में 892 लोगों की मृत्यु हुई थी, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 806 रह गई। इसके अतिरिक्त, सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वालों की संख्या भी वर्ष 2023 के 3,449 से घटकर वर्ष 2024 में 3,290 हो गई।
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मुख्यमंत्री ने हाइबिस्कस योजना का शुभारंभ किया
जैव विविधता संरक्षण के लिए 2 करोड़ रुपये जारी

हिमाचल प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण को सुदृढ़ बनाने तथा सतत आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल बायोडायवर्सिटी स्टेकहोल्डर-लेड कंजर्वेशन यूनिफाइड योजना (हाइबिस्कस) का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से पारिस्थितिकी तंत्र की पुनर्बहाली, जैव विविधता संरक्षण तथा जैविक संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
योजना के राज्यव्यापी क्रियान्वयन के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा वन विभाग को दो करोड़ रुपये की राशि जारी की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हाइबिस्कस योजना हिमाचल की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह योजना पारिस्थितिकी पुनर्बहाली, जलवायु अनुकूलन क्षमता बढ़ाने, औषधीय पौधों के संरक्षण तथा बाजार से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
श्री सुक्खू ने कहा कि इस योजना से राज्य के लगभग दो लाख किसान तथा 10,000 सामुदायिक समूह लाभान्वित होंगे। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड, औद्योगिक साझेदारों तथा किसानों की सहभागिता पर आधारित लागत-साझेदारी मॉडल अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि जियो-टैग्ड फोटो, मैदानी निरीक्षण और ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से डिजिटल निगरानी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा समुदाय आधारित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करती है तथा जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
यह योजना राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के ढांचे पर आधारित है। इस योजना का लक्ष्य वैज्ञानिक प्रबंधन को पारंपरिक ज्ञान के साथ जोड़ते हुए जैव विविधता-आधारित विकास मॉडल स्थापित करना है। इसके अंतर्गत जैव विविधता प्रबंधन समितियों को सशक्त बनाना, प्राथमिकता प्राप्त औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देना, प्राकृतिक आवासों की गुणवत्ता में सुधार करना तथा लाभों का समान और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना इत्यादि शामिल हैं।
योजना के तहत वन भूमि, सामुदायिक भूमि, निजी भूमि तथा कृषि भूमि पर पौधारोपण, औषधीय एवं सुगंधित पौधों का संरक्षण खेती, नर्सरी विकास, क्षमता निर्माण तथा बाजार से जुड़ी आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस अवसर पर प्रधान सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन, सचिव पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन सुशील कुमार सिंगला, निदेशक पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन तथा सदस्य सचिव, हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड पुष्पेन्द्र राणा, संयुक्त सदस्य सचिव डॉ. सुरेश सी. अत्री तथा वन विभाग एवं हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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IAS विवेक भाटिया को नया दायित्व?
शिमला...
भारतीय मजदूर संघ स्थापना दिवस पर HRTC कर्मचारियों की मांग, समय पर वेतन-भत्ते और नई बसें उपलब्ध कराए सरकार
रामपुर, 23 जुलाई: भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस पर हिमाचल परिवहन मजदूर संघ की रामपुर इकाई ने ध्वजारोहण एवं स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री हरीश कुमार पराशर मुख्य अतिथि रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने HRTC को मजबूत बनाने, समय पर वेतन-भत्तों के भुगतान और नई बसों की खरीद की मांग उठाई।
अपने संबोधन में हरीश कुमार पराशर ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ देश का सबसे बड़ा राष्ट्रवादी श्रमिक संगठन है, जो हमेशा श्रमिकों के हितों और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करता रहा है। उन्होंने संगठन की एकता और अनुशासन को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रदेश सरकार और HRTC प्रबंधन से कर्मचारियों के मासिक वेतन, नाइट ओवरटाइम, एरियर तथा अन्य सभी देयों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही निगम के बेड़े में पर्याप्त संख्या में नई डीजल बसें शामिल करने तथा बसों के संचालन के लिए टायर, कलपुर्जों और अन्य तकनीकी सामग्री की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पराशर ने कहा कि HRTC को निजीकरण की ओर ले जाने वाले किसी भी प्रयास का हिमाचल परिवहन मजदूर संघ कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने सरकार से निगम को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
समारोह में रामपुर इकाई के सचिव संजीव कुमार, उपप्रधान जगदीश कुमार, कोषाध्यक्ष मदन लाल, सह कोषाध्यक्ष शशि पाल, सह सचिव रोहित कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने श्रमिक हितों की रक्षा तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
<nis:link nis:type=tag nis:id=क्रिकेट nis:value=क्रिकेट nis:enabled=true nis:link/> | वैभव सूर्यवंशी का धमाका, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से रौंदा

भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज का विजयी आगाज़ करते हुए पहले मुकाबले में 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। हरारे में खेले गए मैच में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 125/7 का स्कोर बनाया। जवाब में भारतीय टीम ने महज 13.2 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। 

जीत के सबसे बड़े हीरो 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए केवल 19 गेंदों में 50 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इस धमाकेदार अर्धशतक के साथ वह पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए। 

भारत की ओर से ईशान किशन ने 35 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 28 रन बनाकर टीम को आसानी से जीत दिलाई। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 125 रन पर रोक दिया। 

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*जनप्रतिनिधियों के सहयोग से और मजबूत होगा विकास का हरोली मॉडल : अग्निहोत्री*

*नवनिर्वाचित प्रधानों व उप प्रधानों का सम्मान, गांवों के समग्र विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान*

ऊना, 23 जुलाई. हरोली विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित प्रधानों और उप प्रधानों के सम्मान में वीरवार को जनप्रतिनिधि सम्मान सम्मेलन का आयोजन किया गया। ऊना के गुलमोहर होटल में आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की। इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं और गांवों के विकास की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि जनता को साथ लेकर पारदर्शिता और समर्पण के साथ कार्य करें। उनकी ओर से जनप्रतिनिधियों को हर स्तर पर पूरा सहयोग दिया जाएगा, ताकि पंचायतों के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र ने प्रदेश में विकास की एक अलग पहचान बनाई है। अब 'हरोली ब्रांड' को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को पूरी गंभीरता से सुना जाएगा। उनकी आवाज को पूरा सम्मान मिलेगा तथा पंचायतों से जुड़े प्रत्येक विषय पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, खेल, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े सभी क्षेत्रों में विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। प्रत्येक पंचायत का संतुलित और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

सम्मेलन में उपस्थित नवनिर्वाचित प्रधानों और उप प्रधानों ने उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में हरोली विधानसभा क्षेत्र को विकास के नए आयाम देने का सामूहिक संकल्प लिया। उन्होंने जनसहभागिता, आपसी समन्वय और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक पंचायत के विकास को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं ग्राम पंचायत पंजाबर के प्रधान रणजीत सिंह राणा ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि मिलकर हरोली विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

सम्मेलन में ग्राम पंचायत प्रधानों, उप प्रधानों तथा जिला परिषद सदस्यों सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
🚨 सक्रिय भूस्खलन के बीच NHAI की मानवता: ऑक्सीजन सपोर्ट पर 7 माह के शिशु को सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल

NH 154-A अब प्रत्यक्ष रूप से केन्द्र सरकार की निगरानी में है
*पूर्व में यह मार्ग और मार्ग पर चलने वाले जान हथेली पर रख कर भगवान भरोसे यात्रा करते रहे हैं, NHAI द्वारा एक वर्ष के भीतर उस मार्ग को पूर्णतः सुधार कर सुरक्षित बनाया जाया जायेगा*

लगातार हो रही भारी वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम के बावजूद भरमौर क्षेत्र में सड़क संपर्क बहाल करने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम निरंतर दिन-रात कार्य कर रही है।

इसी दौरान एक अत्यंत संवेदनशील आपातकालीन स्थिति सामने आई, जब दोनों ओर से सड़क अवरुद्ध होने के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट पर निर्भर 7 माह का शिशु अपने परिजनों सहित बीच मार्ग में फंस गया। समय की गंभीरता को देखते हुए NHAI की राजमार्ग गश्ती टीम ने बिना विलंब मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए पेट्रोलिंग वाहनों के माध्यम से शिशु एवं उसके परिवार को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया।

वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि सक्रिय भूस्खलन एवं लगातार गिरते पत्थरों (Rockfall) जैसी अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के बीच भी टीम ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सड़क बहाली का कार्य जारी रखा तथा जरूरतमंद नागरिकों की सहायता भी सुनिश्चित की। यह सेवा-भाव, साहस और मानवीय जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण है।

भरमौर प्रशासन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की संपूर्ण टीम एवं सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के इस अनुकरणीय एवं समर्पित कार्य की सराहना करता है। विपरीत परिस्थितियों में भी जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है।

नागरिकों से अपील की है कि वर्तमान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए केवल अत्यावश्यक होने पर ही यात्रा करें। यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें, प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों एवं उफनते नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन अथवा संबंधित विभाग से संपर्क करें।

🙏 आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।
*राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), शिमला द्वारा टूटू एवं मजहाट में फेमिलियराइजेशन एक्सरसाइज (FAMEX) का आयोजन**

**शिमला, 23 जुलाई, 2026:** हिमाचल प्रदेश की भूकंप, भूस्खलन तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए, हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एचपी-एसडीआरएफ) द्वारा प्रदेश के तीन प्रमुख नगरों **शिमला, मंडी एवं धर्मशाला** के नगर निगम क्षेत्रों में **फेमिलियराइजेशन एक्सरसाइज (FAMEX)** आयोजित की जा रही हैं। इन अभ्यासों के दौरान प्राप्त निष्कर्षों एवं अवलोकनों को संकलित कर आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा। इसी क्रम में आज राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), शिमला द्वारा **टूटू एवं मजहाट, शिमला** क्षेत्र में संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से **फेमिलियराइजेशन एक्सरसाइज (FAMEX)** का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संबंधित वार्डों के पार्षद भी एसडीआरएफ की टीमों के साथ उपस्थित रहे।

अभ्यास के दौरान एसडीआरएफ के जवानों ने चिन्हित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण करते हुए राहत एवं बचाव दलों की तैनाती हेतु उपयुक्त **स्टेजिंग एरिया** का चयन, घटनास्थल तक पहुँचने एवं सुरक्षित निकासी (Evacuation) के मार्गों का आकलन तथा राहत एवं बचाव दलों एवं उपकरणों की आवाजाही के लिए महत्त्वपूर्ण **एक्सेस पॉइंट्स** का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन के दृष्टिगत स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों एवं अन्य परिचालन संबंधी पहलुओं का भी मूल्यांकन किया गया।

उक्त अभ्यास के साथ-साथ **मजहाट** में स्थानीय नागरिकों के लिए एक **सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम** भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को संभावित आपदा परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना, आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तथा आपदा प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता के महत्व से अवगत कराना था।

यह फेमिलियराइजेशन एक्सरसाइज एसडीआरएफ की पूर्व-तैयारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। इस अभ्यास के माध्यम से बचाव दलों को क्षेत्र की भौगोलिक एवं परिचालन परिस्थितियों की व्यापक जानकारी प्राप्त हुई, जिससे किसी भी प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकेंगे।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, हिमाचल प्रदेश नियमित फील्ड अभ्यासों, क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों, सामुदायिक जागरूकता अभियानों तथा सतत परिचालन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
26 जुलाई को बचत भवन में आयोजित होगा जिला स्तरीय कारगिल विजय दिवस समारोह - उपायुक्त

जिला प्रशासन शिमला द्वारा 26 जुलाई, 2026 को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय समारोह का आयोजन बचत भवन शिमला में किया जाएगा। समारोह में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों एवं वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया जाएगा।
इस संबंध में आयोजित तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने संबंधित अधिकारियों को समारोह के सफल एवं गरिमामयी आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि समारोह के दौरान कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य एवं राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को नमन किया जायेगा तथा उन्हें सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान कारगिल विजय दिवस पर आधारित एक वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने के लिए शपथ भी दिलाई जाएगी। समारोह में कारगिल युद्ध के वीर योद्धा एवं पूर्व सैनिक अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे युवाओं एवं आम नागरिकों को देशभक्ति और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा मिलेगी।
उपायुक्त ने बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी उपमंडल अधिकारियों (नागरिक) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने उपमंडलों में कारगिल वीरों के परिजनों को सम्मानित करें।
बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, एसडीएम शिमला (ग्रामीण) एवं सहायक आयुक्त मंजीत शर्मा, उप निदेशक सैनिक कल्याण विभाग अतुल चंबियाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी ने किया फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का एलान
शिमला... रिज...बारिश ने याद दिलाया—मुसीबत में छत सबको एक जैसी सुकून देती है। ☔🐒
अगर जांच होगी, तो सबकी होगी… अगर हिसाब होगा, तो सबका होगा: होशियार सिंह

देहरा, हिमाचल प्रदेश।

पूर्व विधायक होशियार सिंह ने कहा है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से वह शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे।

उन्होंने बताया कि इस जनहित याचिका के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा उपाध्यक्ष, प्रदेश के मंत्रियों , विभिन्न बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैन तथा सभी विधायकों द्वारा पिछले 10 वर्षों में ऐच्छिक निधि धन के उपयोग की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग की जाएगी।

होशियार सिंह ने कहा कि ऐच्छिक निधि धन का उपयोग किसे, कितना और किस प्रक्रिया के तहत किया गया, यह जानने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है। सार्वजनिक धन किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं, बल्कि जनता की अमानत है और उसका पूरा हिसाब जनता के सामने आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में एक समान और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है। यदि जांच होगी तो सबकी होगी और यदि हिसाब होगा तो सबका होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पारदर्शिता से जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास और मजबूत होगा तथा जवाबदेही से सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आएगी, सार्वजनिक धन के प्रत्येक रुपये का हिसाब होगा और जनता के विश्वास की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
शिमला पुलिस का नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार: बैकवर्ड लिंकेज से दो मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, 75 अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त

जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करते हुए बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से दो अलग-अलग मामलों में मुख्य सप्लायरों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया है, जिससे अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है।

*अभियोग संख्या 87/2026 दिनांक 15.07.2026 को धारा 21 एवं 29, NDPS Act पुलिस थाना सदर शिमला*

पुलिस द्वारा जारी सूचना के अनुसार  दिनांक 15.07.2026 को स्पेशल सेल शिमला की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शिमला शहर स्थित एक होटल में दबिश देकर सागर सिंह पुत्र श्री डिम्पल सिंह, उम्र 19 वर्ष, निवासी लुधियाना (पंजाब); आकाश , उम्र 18 वर्ष, निवासी लुधियाना (पंजाब); तथा अंकित कुमार , उम्र 23 वर्ष, निवासी लुधियाना (पंजाब) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के संयुक्त कब्जे से लगभग 21 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ। इस संबंध में पुलिस थाना सदर शिमला में अभियोग संख्या 87/2026 दिनांक 15.07.2026 को धारा 21 एवं 29, NDPS Act के अंतर्गत मामला पंजीकृत कर अन्वेषण प्रारम्भ किया गया।

पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ, मोबाइल फोन के डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) तथा डिजिटल वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया कि बरामद हेरोइन/चिट्टा पंजाब के लुधियाना निवासी साहिल शर्मा , उम्र लगभग 26 वर्ष, निवासी लुधियाना (पंजाब) से खरीदी गई थी।

जांच में पाया गया कि आरोपी आकाश मुख्य सप्लायर साहिल के साथ लगातार मोबाइल संपर्क में था। तकनीकी विश्लेषण के दौरान यह स्थापित हुआ कि दिनांक 07.07.2026 को आरोपी आकाश द्वारा साहिल के बैंक खाते में ₹3,000/- ऑनलाइन भेजे गए थे, जबकि शेष राशि नकद दी जानी थी। इसके अतिरिक्त, मोबाइल के माध्यम से दोनों के बीच हेरोइन/चिट्टा की खरीद-फरोख्त संबंधी बातचीत होना मोबाइल डेटा से प्रमाणित हुआ तथा इस संबंध में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी आरोपी आकाश के मोबाइल फोन से बरामद हुई, जो मामले में महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य है।

इन साक्ष्यों के आधार पर मामले का बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए पुलिस थाना सदर शिमला की टीम को लुधियाना (पंजाब) भेजा गया। दिनांक 18.07.2026 को मुख्य सप्लायर साहिल शर्मा को उसके लुधियाना स्थित निवास स्थान से गिरफ्तार किया गया।

अन्वेषण के दौरान आरोपी साहिल का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके विरुद्ध पूर्व में एफआईआर संख्या 68/2023, पुलिस थाना डिवीजन नं. 2, लुधियाना में धारा 379, 34 एवं 411 IPC के तहत चोरी, का मामला दर्ज है। इसके अतिरिक्त एफआईआर संख्या 117/2025, पुलिस थाना सदर खन्ना, लुधियाना में धारा 304, 351(2), 317(2), 341(2) एवं 238 BNS के तहत स्नैचिंग, आपराधिक धमकी से संबंधित मामला भी पंजीकृत है।

*अभियोग संख्या 68/2026 दिनांक 20.07.2026 के तहत धारा 21 एवं 29, NDPS Act पुलिस थाना चिरगाँव*

दिनांक 20.07.2026 को पुलिस थाना चिड़गांव की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गश्त एवं नाकाबंदी के दौरान मनिन्दर सिंह, उम्र 23 वर्ष, निवासी अमृतसर (पंजाब) की तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 16 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। इस संबंध में पुलिस थाना चिड़गांव में एफआईआर संख्या 68/2026 दिनांक 20.07.2026 के तहत धारा 21 एवं 29, NDPS Act में मामला दर्ज कर अन्वेषण प्रारम्भ किया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने बरामद हेरोइन अमृतसर निवासी सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल से खरीदी थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम अमृतसर (पंजाब) रवाना हुई।

विवेचना के दौरान आरोपी मनिन्दर सिंह ने अमृतसर के मेराकोट रोड स्थित उस स्थान की निशानदेही करवाई, जहाँ से उसने दिनांक 19.07.2026 को हेरोइन खरीदी थी। जहाँ पर मौजूद एक व्यक्ति की पहचान सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल, निवासी अमृतसर (पंजाब) के रूप में की, जिससे उसने हेरोइन खरीदी थी। तलाशी के दौरान सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल के कब्जे से एक OPPO मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें वही मोबाइल नम्बर सक्रिय पाया गया जिसे आरोपी मनिन्दर सिंह ने अपने सप्लायर का नम्बर बताया था तथा जिसकी पुष्टि उसकी Call Detail Record (CDR) से भी हुई। 

उपलब्ध साक्ष्यों एवं तकनीकी प्रमाणों के आधार पर *मुख्य सप्लायर सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल* को धारा 29, NDPS Act के अंतर्गत विधिवत गिरफ्तार किया गया। 

वर्ष 2026 में जिला पुलिस शिमला द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध बैकवर्ड लिंकेज पर की गई कार्रवाई पिछले तीन वर्षों में सर्वाधिक रही है। वर्ष 2026 में अब तक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल सहित विभिन्न राज्यों से *59 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार* किए गए हैं तथा 75 अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। इसके विपरीत वर्ष 2025 की इसी अवधि में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क तथा वर्ष 2024 में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 2 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिला पुलिस शिमला का फोकस अब केवल गिरफ्तारियों तक सीमित न रहकर, नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और उनके मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने पर केंद्रित है।

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🚨 Traffic Update | Traffic Police Shimla
आज ढली–छराबड़ा मार्ग पर एक बस एवं पिकअप वाहन के बीच मामूली टक्कर हुई। राहत की बात यह रही कि घटना के दौरान सभी लोग सुरक्षित हैं। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को सड़क से सुरक्षित हटाकर दोनों दिशाओं में यातायात की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित कर दी गई है।

वर्तमान में मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। सभी वाहन चालकों से अनुरोध है कि पहाड़ी मार्गों पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा सावधानीपूर्वक वाहन चलाएँ।

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हिमाचल के शिवालयों में गूंजा हर-हर महादेव, भक्तों ने किया जलाभिषेक
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तहबाजारी विवाद, मेयर बोले हमारा किसी को उजाड़ने का मकसद नहीं👇
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सुनिए, तहबाजारी यूनियन के प्रधान पवन शर्मा क्या बोले
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जाहलमा नाले का जलस्तर सामान्य होते ही मार्ग बहाल करने और स्थायी पुल के निर्माण में तेजी लाने के निर्देशः उपायुक्त किरण भड़ाना

केलांग, 20 जुलाई 2026। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष, लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में लगातार हो रही वर्षा तथा जालहमा नाले में आई बाढ़ के कारण नाले पर बनाया गया अस्थायी मार्ग तेज बहाव में बह गया है। अस्थाई मार्ग के बह जाने से दोनों ओर का यातायात पूर्णतः प्रभावित हो गया है। जन सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक रोक दी गई है।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। किसानों एवं बागवानों की उपज को समय पर मंडियों तक पहुंचाने तथा आम लोगों को शीघ्र यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जालहमा नाले का जलस्तर सामान्य होते ही अस्थायी सड़क मार्ग को युद्ध स्तर पर पुनः बहाल किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने जालहमा नाले पर निर्माणाधीन स्थायी पुल के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

उपायुक्त किरण भड़ाना ने क्षेत्र के किसानों, बागवानों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि जब तक अस्थायी मार्ग पुनः बहाल नहीं हो जाता, तब तक नाले को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। साथ ही उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने का आग्रह किया है।
800 पुलिस कांस्टेबल भर्ती में अभ्यर्थियों को एक साल की आयु सीमा में छूट, कैबिनेट ने दी मंजूरी
आशा वर्कर्स का मानदेय 1,000 रुपये बढ़ा, अब हर माह मिलेंगे 6,800 रुपये
नर्सरी से आठवीं तक के छात्रों को सप्ताह में दो दिन मिलेगा अंडा या मौसमी फल
प्रदेश के 1,975 सरकारी स्कूलों में 3,950 चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर होंगे तैनात
मेडिकल पीजी छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ा, सुपर स्पेशियलिटी फैकल्टी को मिलेगा NPA
ग्राम पंचायतों में 400 मल्टी टास्क वर्कर भर्ती को मंजूरी, कई विभागों में हजारों पद भरने का फैसला
नादौन में बनेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, 75 एकड़ भूमि चिन्हित
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना: ई-टैक्सी के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 से बढ़ाकर 50 वर्ष
शिमला के विकासनगर में PPP मोड पर बनेगा मल्टीपर्पज कमर्शियल कॉम्प्लेक्स
कैबिनेट की मंजूरी: नूरपुर पुलिस जिला होगा मजबूत, 102 नए पद सृजित
शिमला | 20 जुलाई, 2026
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गए—
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अंतर्गत कार्यरत मान्यता प्राप्त डीएम (DM), एम.सीएच. (M.Ch.) और डीएनबी (DrNB) योग्यता वाले सुपर स्पेशियलिटी फैकल्टी सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) देने को मंजूरी दी गई।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में वृद्धि को मंजूरी दी गई। संशोधित दरों के अनुसार—
प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को 40,000 रुपये के स्थान पर 50,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को 45,000 रुपये के स्थान पर 60,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को 50,000 रुपये के स्थान पर 65,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
शिक्षक पुरस्कार नीति के तहत पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों की नकद पुरस्कार राशि बढ़ाई गई।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता को अब 60 हजार रुपये के बजाय 1.50 लाख रुपये मिलेंगे।
राज्य शिक्षक पुरस्कार विजेता को 40 हजार रुपये के बजाय 1 लाख रुपये दिए जाएंगे।
साथ ही पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा।
नंबरदारों का मासिक मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया गया।
आशा कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये किया गया, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा में बी.एससी. मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट) तथा बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दी गई। दोनों पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 30-30 सीटें होंगी।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की पीजी/सुपर स्पेशियलिटी (PG/SS) नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधित नीति के तहत पीजी डिग्री प्राप्त करने के बाद एआईएमएसएस (AIMSS), चमियाना अथवा आईजीएमसी शिमला को छोड़कर टांडा, हमीरपुर, मंडी, चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों के रेडियो डायग्नोसिस विभाग में वरिष्ठ रेजिडेंट के रूप में सेवाएं देने वाले जनरल ड्यूटी ऑफिसर (GDO) और प्रत्यक्ष अभ्यर्थियों को अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग से छूट मिलेगी। इन संस्थानों में दी गई सेवा को फील्ड पोस्टिंग माना जाएगा। यह व्यवस्था छह वर्ष तक लागू रहेगी।
हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के धनेटा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 75 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।
31 अगस्त 2022 से 31 मार्च 2026 के बीच 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक पंचायत चौकीदारों को वर्तमान निश्चित मासिक मानदेय के स्थान पर दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के फील्ड जूनियर इंजीनियरों को वर्क्स एंड अकाउंट्स मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 1,000 रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाएगा। इससे लगभग 900 जूनियर इंजीनियर लाभान्वित होंगे।
हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मंडल संख्या-2, बिलासपुर को जनसेवाओं में सुधार के उद्देश्य से जगतखाना (बिलासपुर) स्थानांतरित करने को मंजूरी दी गई।
नई और मौजूदा सड़कों पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने तथा दुर्घटनाओं की गंभीरता घटाने के उद्देश्य से रोड सेफ्टी ऑडिट नीति को मंजूरी दी गई।

वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान मछुआरों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से 70 प्रतिशत सब्सिडी पर मछली पकड़ने वाली नावें उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई।
मछुआरों को कास्ट नेट, गिल नेट सहित मत्स्य उपकरण 90 प्रतिशत सब्सिडी पर डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी गई।
पात्र लाभार्थियों के लिए 20 कोल्ड स्टोरेज (5 मीट्रिक टन क्षमता), 10 फ्रीज-ड्राई यूनिट और 20 रेफ्रिजरेटेड वैन स्थापित करने हेतु 70 प्रतिशत सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू करने को मंजूरी दी गई, जिसके तहत पात्र जलाशय मछुआरा परिवारों को बंद मछली पकड़ने के मौसम के दौरान 3,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
हिमुडा (HIMUDA) द्वारा निजी डेवलपर के सहयोग से पीपीपी मॉडल पर विकासनगर, शिमला में बहुउद्देश्यीय व्यावसायिक परिसर विकसित करने को मंजूरी दी गई।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा, श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज मंडी, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, सिविल अस्पताल घावंडल और एआईएमएसएस चमियाना में स्थापित होने वाले पांच क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए उपकरणों की खरीद और आपूर्ति को मंजूरी दी गई।
प्रदेश की ग्राम पंचायतों में 400 मल्टी टास्क वर्करों के पद भरने को मंजूरी दी गई।
हमीरपुर के नादौन में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क स्थापित करने तथा विभिन्न श्रेणियों के 15 पद सृजित एवं भरने को मंजूरी दी गई।
हमीरपुर के खरड़ी (नादौन) स्थित राज्य स्तरीय खेल उत्कृष्टता केंद्र के लिए 12.89 करोड़ रुपये के उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने को मंजूरी दी गई।
प्रदेश के 1,975 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में एक चौकीदार और एक मल्टी टास्क वर्कर सहित कुल 3,950 कर्मियों को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
शिक्षा विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के 200 पद भरने को मंजूरी दी गई।
संबंधित जिला परिषदों के तहत ग्राम पंचायतों में 280 जॉब ट्रेनी तकनीकी सहायकों को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
नवगठित पुलिस जिला नूरपुर की पुलिस लाइन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 102 पद सृजित करने को मंजूरी दी गई।
खरड़ी (नादौन) स्थित राज्य स्तरीय खेल उत्कृष्टता केंद्र के सुचारू संचालन के लिए 48 नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।
लघु बचत विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 10 पद भरने को मंजूरी दी गई।
पंचायती राज विभाग में 6 ऑडिटर (पंचायत), 9 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) और 20 मल्टी टास्क वर्कर के पद भरने का निर्णय लिया गया।
आईजीएमसी शिमला, टांडा और एआईएमएसएस चमियाना के नेफ्रोलॉजी विभाग में 10-10 डायलिसिस तकनीशियन तथा हमीरपुर, मंडी, चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों में 5-5 डायलिसिस तकनीशियन के पद सृजित एवं भरे जाएंगे।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग स्थापित करने तथा सहायक प्रोफेसर के दो पद सृजित एवं भरने को मंजूरी दी गई।
मत्स्य विभाग में 6 मत्स्य अधिकारी और 4 उप-निरीक्षक (फिशरीज) के पद भरने को मंजूरी दी गई।
ठाकुर रामलाल राजकीय कन्या खेल विद्यालय, जुब्बल (शिमला) में 4 कोच और 1 वार्डन का पद भरने का निर्णय लिया गया।
जनजातीय विकास विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4 पद भरने को मंजूरी दी गई।
हमीरपुर जिले के नादौन उप अग्निशमन केंद्र में ड्राइवर-कम-पंप ऑपरेटर के 4 पद सृजित किए जाएंगे।
योजना विभाग में 3 योजना अधिकारी और 3 सहायक अनुसंधान अधिकारी के पद भरने का निर्णय लिया गया।
अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 5 पद भरने को मंजूरी दी गई।
शिमला, मंडी, धर्मशाला और ऊना में स्थायी लोक अदालतों की स्थापना के लिए 4 अध्यक्ष पद, प्रत्येक लोक अदालत में 2 सदस्य पद तथा इनके सुचारू संचालन के लिए 16 अन्य पद सृजित और भरे जाएंगे।
हमीरपुर जिले के पुलिस थाना बरवाड़ के अंतर्गत पुलिस पोस्ट गलोड़ में 1 अतिरिक्त हेड कांस्टेबल और 4 कांस्टेबल के पद सृजित किए जाएंगे। इससे पुलिस पोस्ट की स्वीकृत क्षमता 6 से बढ़कर 11 पद हो जाएगी।
अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान, मनाली में 2 स्की प्रशिक्षक और 2 पर्वतारोहण प्रशिक्षक के पद भरने को मंजूरी दी गई।
सीबीएसई स्कूलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट उप-समिति की सिफारिशों को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दी गई।
हमीरपुर जिले के भरैरी स्थित स्पोर्ट्स हॉस्टल (वॉलीबॉल) के लिए विभिन्न श्रेणियों के 4 पद भरने का निर्णय लिया गया।
शिमला जिले के कोटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 10 बिस्तरों वाले स्वास्थ्य संस्थान में स्तरोन्नत करने को मंजूरी दी गई।
कांगड़ा जिले के रैत आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को उपमंडल स्तर के आयुष चिकित्सा कार्यालय में अपग्रेड किया जाएगा तथा आवश्यक पद भी सृजित और भरे जाएंगे।
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के ई-टैक्सी घटक के तहत अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष कर दी गई, जबकि न्यूनतम आयु 23 वर्ष यथावत रहेगी।
संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों की रोगी कल्याण समितियों को डायग्नोस्टिक जांच और प्रक्रियाओं से होने वाली आय का 70 प्रतिशत स्वच्छता और रिएजेंट खरीद पर खर्च करने की अनुमति दी गई। जिला अस्पताल से नीचे के स्वास्थ्य संस्थानों के लिए यह सीमा 100 प्रतिशत होगी।
मल्टी-पर्पज हेल्थ वर्कर कोर्स की शुल्क संरचना और अन्य शर्तों को मंजूरी दी गई।
कांगड़ा जिले के बड़ोह में फायर पोस्ट स्थापित करने तथा आवश्यक पद सृजित और भरने को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में संशोधन करते हुए नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सभी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के तहत सप्ताह में दो दिन उबला अंडा या मौसमी फल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
वार जागीर अनुदान को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया।
लापता बच्चों से संबंधित मामलों की निगरानी के लिए पुलिस थानों में लीगल वॉलंटियर्स का पैनल बनाने को मंजूरी दी गई।
फोजल जलविद्युत परियोजना की स्थापित क्षमता 9 मेगावाट से बढ़ाकर 16 मेगावाट करने को मंजूरी दी गई।
पुलिस विभाग में 800 कांस्टेबल पदों की भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को ऊपरी आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट देने का निर्णय लिया गया।
जल शक्ति विभाग की पेयजल, सिंचाई और सीवरेज पंपिंग योजनाओं में ऊर्जा दक्षता उपायों के क्रियान्वयन के लिए एनर्जी सर्विस कंपनी (ESCO) मॉडल अपनाने को मंजूरी दी गई।
शिमला हिल्स में जाठिया देवी माउंटेन सिटी के विकास की अनुमति प्रदान की गई।