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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से साकार हुआ मनोरंजन और रोजगार का अनूठा केंद्र
रिवर साइड एक्वा पार्क बना मत्स्यपालन, पर्यटन और स्वरोजगार का संगम
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने पारंपरिक मत्स्यपालन को नई दिशा देते हुए इसे मनोरंजन, पर्यटन और स्वरोजगार से जोड़ने की संभावनाओं को साकार किया है। भोपाल जिले के विकासखंड फंदा के ग्राम ईटखेड़ी में श्री जलील मो. खान द्वारा स्थापित ‘रिवर साइड एक्वा पार्क’ इसका एक प्रेरक उदाहरण है। वर्ष 2022-23 में स्थापित यह इकाई आज मत्स्यपालन के साथ-साथ मनोरंजक गतिविधियों और विभिन्न आयोजनों के माध्यम से आय का अतिरिक्त स्रोत बन चुकी है।
भोपाल शहर से लगभग 17 किलोमीटर दूर हलाली नदी के किनारे स्थित रिवर साइड एक्वा पार्क का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया कि आगंतुकों को मत्स्यपालन से जोड़ने के साथ उन्हें मनोरंजन और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने की सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें।
लगभग 0.40 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस इकाई में सर्वप्रथम 0.50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तालाब का निर्माण किया गया। तालाब में लाइनर लगाकर जल संरक्षण की व्यवस्था की गई है। तालाब के समीप बनाए गए प्लेटफॉर्म से आगंतुक मत्स्यपालन की गतिविधियों को नजदीक से देख सकते हैं और एंगलिंग के माध्यम से फिशिंग का आनंद भी ले सकते हैं।
तालाब में मछलियों के साथ बत्तख पालन भी किया जा रहा है। आगंतुकों के लिए फ्लोटिंग फिश फूड के छोटे पैकेट उपलब्ध कराए जाते हैं, जिन्हें तालाब में डालने पर मछलियों को आहार ग्रहण करते हुए देखना बच्चों और परिवारों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता है।
रिवर साइड एक्वा पार्क में आगंतुकों के मनोरंजन के लिए मीडियम आकार का स्विमिंग पूल भी निर्मित किया गया है। परिवार के साथ आने वाले लोग यहां तैराकी का आनंद ले सकते हैं।
जल मनोरंजन को और आकर्षक बनाने के लिए तालाब में पैडल बोट की सुविधा उपलब्ध है। विशेष अवसरों पर बोट पर समारोह आयोजित किए जाते हैं, जिससे उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित हो रही है।
तालाब में उत्पादित ताजी मछलियों को आगंतुकों के लिए उपलब्ध कराने हेतु परिसर में फूड कोर्ट भी स्थापित किया गया है। यहां मछलियों से तैयार विभिन्न व्यंजन आगंतुकों को परोसे जाते हैं। इस प्रकार मत्स्य उत्पादन को सीधे उपभोक्ताओं और मनोरंजन गतिविधियों से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है।
एक्वा पार्क में एक बड़ा लॉन विकसित किया गया है, जहां कॉर्पोरेट मीटिंग, जन्मदिन समारोह, प्री-वेडिंग फोटो शूट, नाइट कैंपिंग और स्कूल पिकनिक जैसे आयोजन किए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त छोटे समारोहों के लिए बैंक्वेट हॉल तथा खान-पान की व्यवस्था के लिए बड़ा किचन भी निर्मित किया गया है।
इस तरह रिवर साइड एक्वा पार्क केवल मत्स्यपालन केंद्र न रहकर परिवारों, युवाओं, विद्यार्थियों और विभिन्न आयोजनों के लिए मनोरंजन एवं पर्यटन का बहुउद्देशीय केंद्र बन रहा है। रिवर साइड एक्वा पार्क की स्थापना के लिए हितग्राही द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया गया। जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के बाद इकाई का निर्माण पूर्ण किया गया।
इकाई की लागत ₹50.00 लाख रही, जिस पर नियमानुसार पुरुष हितग्राही को ₹20.00 लाख की अनुदान राशि प्रदान की गई।
हितग्राही श्री जलील मो. खान बताते हैं कि एक्वा पार्क के निर्माण के बाद धीरे-धीरे लोगों का यहां आना शुरू हुआ। बीते एक वर्ष में विभिन्न आयोजनों से प्रारंभिक रूप से औसतन लगभग ₹60 हजार प्रतिमाह आय अर्जित हुई। वहीं तालाब में मत्स्यपालन एवं मत्स्याखेट के माध्यम से लगभग 12 मीट्रिक टन पंगेसियस मछली का उत्पादन किया गया, जिसके बाजार में विक्रय से लगभग ₹8 लाख की आय प्राप्त हुई।
इस प्रकार एक वर्ष में एक्वा पार्क से लगभग ₹15 लाख की आय अर्जित हुई है। साथ ही स्थानीय लोगों को पार्क की विभिन्न व्यवस्थाओं में रोजगार से जोड़कर उनके लिए रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।
हलाली नदी के किनारे स्थित होने के कारण रिवर साइड एक्वा पार्क में भविष्य में उचित अनुमति प्राप्त कर नदी क्षेत्र में विभिन्न जल क्रीड़ा गतिविधियां संचालित करने की योजना बनाई जा रही है। इससे पार्क में अतिरिक्त आय के अवसर सृजित होने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के और नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
रिवर साइड एक्वा पार्क यह दर्शाता है कि योजनाबद्ध तरीके से मत्स्यपालन को मनोरंजन, पर्यटन, खाद्य सेवाओं और आयोजन गतिविधियों से जोड़कर एक ही परिसर में आय के अनेक स्रोत विकसित किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सहयोग से श्री जलील मो. खान द्वारा स्थापित यह एक्वा पार्क न केवल मत्स्यपालन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का माध्यम भी बन रहा है। यह पहल मत्स्यपालन को पारंपरिक व्यवसाय से आगे ले जाकर उसे आधुनिक, आकर्षक और बहुआयामी गतिविधि के रूप में विकसित करने की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
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5 views | Bhopal, Madhya Pradesh | Oct 2, 2026