पुर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, पितरों के तर्पण का भी होगा आयोजन
पुर/भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर में डूंगरी के बालाजी मंदिर में आज से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। श्राद्ध पक्ष के अवसर पर कथा के साथ पितरों के तर्पण का भी आयोजन किया जाएगा। कथा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की उपस्थिति में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें महिला मंडल की विशेष भागीदारी रही। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
कथा के प्रथम दिवस कथा व्यास ने अपने प्रवचनों में कहा कि "जिनको हमने अपना माना, वो तो मात्र वहम था, सच्चा तो केवल गोविंद है।" उन्होंने कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह-माया के साथ-साथ ईश्वर के प्रति अपनी आस्था और भक्ति को भी महत्व देना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति ही जीवन को सही दिशा प्रदान करती है।
कथा प्रवक्ता पं. अशोक व्यास ने कहा कि "ना काया साथ आएगी, ना माया काम आएगी, केवल राम नाम साथ आएगा।" उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रभु भक्ति, सत्कर्म और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया।
ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकेश पलोड़ ने बताया कि कथा के प्रथम दिवस व्यास पीठ की पूजा शांतादेवी पलोड़ परिवार द्वारा की गई। कथा के संयोजक श्रवण सेन ने बताया कि शोभायात्रा में महिला मंडल की विशेष उपस्थिति रही। चौथ माता उत्सव सेवा समिति द्वारा शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर अनिल पलोड़, राजेश पलोड़, मनोज पलोड़, कमलेश प्रजापत, नरेश प्रजापत, गणपतलाल, पुरण छीपा, किशनलाल छीपा, कन्हैयालाल पाराशर, प्रदीप पलोड़, आलोक पलोड़, पंकज पलोड़, गोपाल माली, ओम माली, पुजारी बालूदास, छोटूलाल सेन, रमेश सेन, सुरेश सेन हठीला, मनोज सत्रावला, राकेश खाब्या, मुकेश सेठिया, महेश व्यास सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कथा व्यास एवं शोभायात्रा का स्वागत किया।
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित होगी। कथा को लेकर पुर एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है तथा क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।