श्रीराम और हनुमान जी के प्रथम मिलन पर भावविभोर हुए दर्शक
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-स्थानीय महलों के चौक में विगत 27 सितंबर से धर्म प्रचारक रामलीला मंडल काशी, वाराणसी तथा नगर पालिका शाहपुरा के सहयोग से श्रीरामलीला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मंडल के संचालक पंडित राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि महोत्सव के सातवें दिन प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण एवं माता शबरी का मिलन प्रसंग मंचित किया गया।
माता शबरी ने वात्सल्य भाव से प्रभु श्रीराम एवं लक्ष्मण जी का स्वागत किया और उन्हें अपने जूठे बेर खिलाए। माता शबरी ने प्रभु श्रीराम को माता सीता की खोज के लिए वानरराज सुग्रीव से मित्रता करने तथा उनके निवास स्थान की जानकारी दी।
इसके बाद श्रीराम एवं हनुमान जी का प्रथम मिलन प्रसंग प्रस्तुत किया गया। हनुमान जी ब्राह्मण स्वरूप में प्रभु राम जी एवं लक्ष्मण जी के समक्ष पहुंचे। प्रभु श्रीराम ने हनुमान जी को पहचान लिया और उनसे वानरराज सुग्रीव से मित्रता कराने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद हनुमान जी महाराज ने प्रभु श्रीराम एवं लक्ष्मण जी को अपने कंधों पर बैठाकर आकाश मार्ग से वानरराज सुग्रीव के पास पहुंचाया।
वहां प्रभु श्रीराम और वानर राज सुग्रीव का मिलन एवं मित्रता का प्रसंग मंचित किया गया। इस भावपूर्ण दृश्य के दौरान पूरा पांडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और दर्शक भावविभोर हो गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वी.के. शर्मा, शाहपुरा महाविद्यालय की व्याख्याता डॉ. रिचा अंगिरा, भारत विकास परिषद के जयशंकर पाराशर एवं पदम कुमार जैन रहे।
इस दौरान आयोजन समिति के संरक्षक रघुनाथ प्रसाद वैष्णव, सह-संरक्षक ठाकुर शक्ति सिंह परिहार, चंद्रप्रकाश जोशी, अशोक चास्टा, रामेश्वर लाल धाकड़, सुभाष व्यास, नरेश व्यास, अमर सिंह चौहान, सीताराम चौधरी एवं मुकेश कुमावत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया गया। अतिथियों ने प्रभु श्रीराम एवं श्री हनुमान जी महाराज की आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।