प्रेस नोट
📍 चित्रकूट
चित्रकूट में एक गरीब किसान के मासूम बेटे की कथित रूप से बालू खनन से बने गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो जाने की घटना ने क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
निषाद समाज सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दुखद हादसे के बाद प्रशासन को पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार दिखाना चाहिए था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद संबंधित दरोगा द्वारा पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और संवेदना व्यक्त करने के बजाय बालू खनन को सही ठहराने संबंधी बातें कही गईं, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
समाज के लोगों ने इसे अत्यंत संवेदनहीन रवैया बताते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
निषाद समाज एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मृतक बालक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन कराने और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की गई है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन को पीड़ित परिवार के दुख में सहभागी बनते हुए हर संभव सहायता उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि परिवार को इस कठिन समय में संबल मिल सके।
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