गढ़वाली सिनेमा के ‘आशू’ को उफतारा सम्मान, अभिनय से निर्देशन तक बनाई खास पहचान
देहरादून। उत्तराखंड के क्षेत्रीय सिनेमा में लंबे समय से सक्रिय अभिनेता, लेखक एवं निर्देशक अशोक चौहान ‘आशू’ को उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एवं रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) की ओर से उफतारा सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। देहरादून में आयोजित दो दिवसीय उफतारा सम्मान एवं फिल्म फेस्टिवल के दौरान फिल्म, लोक संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता और कला जगत से जुड़ी करीब 100 विभूतियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों की सूची में अशोक चौहान का नाम भी शामिल रहा।
अशोक चौहान ‘आशू’ माहेश्वरी फिल्म्स से जुड़े हैं और उत्तराखंड के क्षेत्रीय सिनेमा में निर्माता-निर्देशक के रूप में सक्रिय रहे हैं। उत्तराखंड सरकार के सूचना विभाग की फिल्म संबंधी सूची में भी उन्हें माहेश्वरी फिल्म्स के निर्माता-निर्देशक के रूप में दर्ज किया गया है। उनके नाम के साथ गढ़वाली फिल्म ‘खैरी का दिन’ का उल्लेख है।
क्षेत्रीय सिनेमा में उनके निर्देशन से जुड़ी फिल्मों में ‘खैरी का दिन’ और ‘पधानी जी’ प्रमुख हैं। ‘खैरी का दिन’ का निर्देशन अशोक चौहान ‘आशू’ ने किया था। वहीं ‘पधानी जी’ के प्रोमो लॉन्च के दौरान भी उन्हें फिल्म के निर्देशक के रूप में उल्लेखित किया गया।
अशोक चौहान और उनकी टीम ने इससे पहले ‘बटोई’, ‘औंसी की रात’, ‘जुन्याली रात’, ‘जन्मू कू साथ’, ‘गंगा का मैती गढ़वाली’, ‘सात फेरों का सातों बचन’, ‘गढ़ गौरव’, ‘विक्रम बेताल’ (गढ़वाली) और ‘फिर ऐगे याद तेरी’ (कुमाऊंनी) सहित कई फिल्मों और वीडियो एलबमों पर काम किया है।
उनके निर्देशन से जुड़ी हाल की फिल्मों में ‘मां सुरकंडा’ का भी उल्लेख मिलता है। फिल्म के निर्देशन की कमान अशोक चौहान ने संभाली थी।
उफतारा सम्मान मिलने पर क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े लोगों ने इसे उत्तराखंड की बोली-भाषा, लोकजीवन और संस्कृति को फिल्मों के माध्यम से आगे बढ़ाने वाले कलाकारों के योगदान की पहचान बताया। उफतारा के सम्मान समारोह में प्रदेश की फिल्म, लोक संस्कृति और कला से जुड़ी अनेक हस्तियों को सम्मानित किया गया।