पहाड़ की लोकधुनों को समर्पित आवाज को मिला उफतारा सम्मान!
उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक एवं गीतकार वीरेंद्र डंगवाल को उफतारा सम्मान से सम्मानित किया गया। लोकगीतों, गीत लेखन और उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के संरक्षण में लंबे समय से सक्रिय वीरेंद्र डंगवाल ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
उनके गीतों में पहाड़ का लोकजीवन, सामाजिक सरोकार, पलायन, बेरोजगारी, महंगाई, नशा, लोकपर्व और पहाड़ की संस्कृति की झलक दिखाई देती है। उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन से जुड़े गीत भी गाए और लोकभाषा-संस्कृति को अपनी रचनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम किया। उपलब्ध जीवनी के अनुसार उन्होंने कम उम्र से ही मंच पर गायन शुरू किया और बाद में गीतकार, गायक एवं निर्देशक के रूप में भी सक्रिय रहे।
उनके लिखे गीतों को नरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम भरतवाण, गजेंद्र राणा समेत कई लोक कलाकारों ने स्वर दिया है।
उफतारा सम्मान मिलना उनकी लंबी लोक-सांस्कृतिक यात्रा का एक और सम्मानजनक पड़ाव है।
वीरेंद्र डंगवाल जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। 💐