*जो हमे पसंद नहीं वह व्यवहार दूसरों के साथ मत करो-आचार्य रामदयालजी महाराज*
*आचार्य रामदयाल महाराज के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय विशेष आयोजन शुक्रवार से*
भीलवाड़ा, 23 सितम्बर। जो व्यवहार हमे अपने लिए पसंद नहीं उसे दूसरों के साथ कभी नहीं करे। सम्मान का अमृत अच्छा लगता है तो दूसरों को जहर का प्याला नहीं दे। आंसू नहीं पूछ सकते तो किसी को रूलाना भी नहीं चाहिए। जीवन में परमात्मा से कुछ नहीं छुपता इसलिए ऐसा कोई कार्य नहीं करे कि पछताना पड़े। ये विचार अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज ने ‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत बुधवार को नियमित चातुर्मासिक प्रवचन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सत्ता, सपंति ओर शक्ति प्राप्त हो तो कभी उसका दुरूपयोग नहीं करना चाहिए। सत्ता का सदुपयोग करने वाला जन-जन में लोकप्रिय हो जाता ओर दुरूपयोग करने वाला धिक्कारा जाता है।
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