ग्रामीण युवाओं के कौशल प्रशिक्षण का किया गया शुभारंभ
कृषि विज्ञान केंद्र चंदनगांव में 35 युवाओं को 25 दिवसीय प्रशिक्षण, नर्सरी प्रबंधन एवं पौध उत्पादन की तकनीक सिखाएंगे वैज्ञानिक
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कार्यालय परियोजना संचालक आत्मा छिंदवाड़ा द्वारा आत्मा परियोजना के सहयोग से आज कृषि विज्ञान केंद्र चंदनगांव में 35 ग्रामीण युवाओं के लिए 25 दिवसीय ग्रामीण युवा कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण का विषय “नर्सरी प्रबंधन एवं पौध उत्पादन” रखा गया है।
प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण युवाओं को नर्सरी प्रबंधन एवं पौध उत्पादन से संबंधित वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। इसमें उन्नत पौध उत्पादन तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं पौध सामग्री का चयन, नर्सरी की स्थापना एवं प्रबंधन, पौधों की सिंचाई एवं पोषण प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा पौधों की उचित देखभाल आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं में आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल का विकास कर उन्हें स्वरोजगार एवं आय के स्थायी अवसरों से जोड़ना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत युवा नर्सरी स्थापित कर पौध उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाने तथा कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ लेने तथा प्राप्त तकनीकी ज्ञान को अपने क्षेत्र में लागू करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री मोरिश नाथ, उपसं चालक उद्यानिकी श्री एम.एल. उईके, वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. आर.के. झाड़े, परियोजना संचालक आत्मा श्री धीरज कुमार ठाकुर, उप परियोजना संचालक श्रीमती प्राची कौतू, सहायक संचालक श्री दीपक चौरसिया, कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक श्रीमती सरिता सिंह एवं श्रीमती चंचल भार्गव, आंचलिक कृषि अनुसंधान केंद्र से वैज्ञानिक डॉ. गौरव महाजन एवं डॉ. श्रीमती हेमलता अहिरवार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
उप संचालक कृषि श्री नाथ ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर ग्रामीण युवा बेहतर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. आर.के. झाड़े ने कहा कि नर्सरी प्रबंधन एवं पौध उत्पादन एक महत्वपूर्ण एवं संभावनाशील क्षेत्र है, जिसमें गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार कर युवा स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं।
परियोजना संचालक श्री धीरज कुमार ठाकुर ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित कौशल से जोड़ना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण युवाओं को कौशल विकास के साथ-साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
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Chhindwara, Madhya Pradesh | Sep 28, 2026