शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में जैविक खेती प्रशिक्षण का पांचवां दिन, विशेषज्ञों ने बताया समय की मांग
अवकाश के दिन भी लगी कक्षाएं, युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर; जल्द होगी फील्ड विजिट
मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में आयोजित एक माह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम “ऑर्गेनिक फार्मिंग: इसकी आवश्यकता और वैश्विक संभावनाएं” का पांचवां दिन ज्ञानवर्धक रहा। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को जैविक खेती की तकनीकों के साथ इसके रोजगार और वैश्विक बाजार में संभावनाओं की जानकारी दी गई।
अवकाश के दिन भी संचालित हुईं कक्षाएं
विद्यार्थियों के कौशल विकास और निर्धारित समय-सीमा को देखते हुए अवकाश के दिन भी प्रशिक्षण कक्षाएं संचालित की गईं। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रशिक्षण को रोजगारोन्मुखी बनाने के साथ विद्यार्थियों को जैविक खेती की व्यावहारिक जानकारी देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विद्यार्थियों ने भी प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जैविक खेती से रोजगार के अवसरों पर जोर
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राम अभिषेक तिवारी ने कहा कि जैविक खेती भूमि की सेहत सुधारने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर सकती है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के मुख्य सत्र में विषय विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू एवं प्रकाश झारिया ने जैविक खेती से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि डिंडौरी जैसे जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत और वर्मी कंपोस्ट के माध्यम से मृदा की गुणवत्ता सुधारने की तकनीकों पर जानकारी साझा की।
कोदो-कुटकी को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर चर्चा
विशेषज्ञों ने वैश्विक बाजार में जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग पर भी प्रकाश डाला। डिंडौरी के कोदो-कुटकी को ‘नर्मदा मिलेट्स’ ब्रांड से जोड़कर किसानों और युवाओं के लिए आर्थिक अवसर विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
जल्द होगी फील्ड विजिट
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर, सहायक प्राध्यापक सांख्यिकी, ने प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम को पूरी तरह रोजगारोन्मुखी बनाया गया है। आगामी दिनों में विद्यार्थियों को फील्ड विजिट कराई जाएगी, जहां उन्हें जीवामृत, वर्मी कंपोस्ट, गोबर गैस, अग्नीअस्त्र, दशपर्णी अर्क और जैविक कीटनाशक तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
#OrganicFarming #Shahpura #Dindori #MadhyaPradesh #Millets