दस्तावेज नहीं तो एक्स-रे से तय होगी उम्र, कैन-बेतवा प्रभावितों को मिलेगा मुआवजा
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में कैन-बेतवा लिंक परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास और मुआवजे को लेकर सरकार लगातार सर्वे कर रही है। खास बात यह है कि जिन ग्रामीणों के पास उम्र से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनकी उम्र अब मेडिकल जांच के आधार पर तय की जा रही है जिसके बाद वंचित ग्रामीणों को मिलेगा मुआवजा हर एक पात्र हितग्राही को मुआवजा देने के लिये जिला के कलेक्टर सहित जिले के तमाम अधिकारी घर -घर जाकर मुआवजे के लिये नाम निकाल रहें हैं....कैन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत विस्थापित और प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा और पुनर्वास पैकेज देने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसी दौरान ऐसे कई ग्रामो के ग्रामीण सामने आए हैं, खासकर वे लोग जो कभी स्कूल नहीं गए और उनके पास जन्मतिथि या उम्र से संबंधित कोई दस्तावेज मौजूद नहीं है। ऐसे मामलों में पात्रता तय करने में आ रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने मेडिकल जांच का सहारा लिया है। जिला चिकित्सालय में ऐसे लोगों का एक्स-रे और बोन डेंसिटी टेस्ट कराया जा रहा है, जिसके आधार पर डॉक्टरों की रिपोर्ट से उनकी उम्र निर्धारित की जाएगी। इसके बाद पात्र पाए जाने वाले ग्रामीणों को नियमानुसार मुआवजा और पुनर्वास पैकेज का लाभ दिया जाएगा। प्रशासन की टीम लगातार घर-घर जाकर छूटे हुए हितग्राहियों का सर्वे कर रही है। जिला पंचायत सीईओ के मुताबिक अब तक करीब 180 लोगों की मेडिकल जांच कराई जा चुकी है और आगे भी ऐसे प्रकरण सामने आने पर जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी। शासन का उद्देश्य साफ है कि दस्तावेजों की कमी के कारण परियोजना से प्रभावित कोई भी पात्र हितग्राही मुआवजे और पुनर्वास के लाभ से वंचित न रहे।केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीण का कहना है कि आधार तो है मगर उसको भेज नहीं माना जा रहा है जिसके चलते सभी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है ताकि जो हम लोग परिवार के रह गए हैं वह जैसे वंचित उनको भी मुआवजा मिल सके हालांकि यहां दिक्कत हो रही है....
हिमांशु अग्रवाल
छतरपुर