मध्यस्थता से विवादों का आपसी सहमति से होता है समाधान – प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी
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मध्यस्थता प्रक्रिया से समय और धन दोनों की होती है बचत, दोनों पक्षों की होती है जीत
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पॉक्सो एक्ट एवं निःशुल्क विधिक सहायता सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी
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खरगोन 31 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर द्वारा जिला न्यायालय मण्डलेश्वर के सभाकक्ष में पक्षकारों के लिए मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डलेश्वर श्री अखिलेश जोशी ने मध्यस्थता प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच आपसी विवाद को सुलझाकर सहमति के आधार पर प्रकरण का निराकरण कराना है।
श्री जोशी ने कहा कि मध्यस्थता प्रक्रिया में दोनों पक्ष मध्यस्थ के समक्ष स्वतंत्र रूप से अपनी बात रख सकते हैं। इस दौरान कही गई बातें गोपनीय रखी जाती हैं। संबंधित प्रकरण की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश से अलग किसी अन्य मध्यस्थ को नियुक्त किया जाता है, जो दोनों पक्षों से अलग-अलग चर्चा कर सर्वमान्य समाधान तक पहुंचने का प्रयास करता है। इस प्रक्रिया से समय और धन दोनों की बचत होती है तथा दोनों पक्षों को संतुष्टि के साथ न्याय मिलता है। सरल शब्दों में, आपसी बातचीत और समझाइश के माध्यम से विवाद का समाधान करना ही मध्यस्थता है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मण्डलेश्वर सुश्री प्रीति जैन ने पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बालक-बालिकाओं के विरुद्ध लैंगिक अपराध होने पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि गलत नीयत से घूरना, पीछा करना, सोशल मीडिया पर परेशान करना तथा अश्लील टिप्पणियां करना भी परिस्थितियों के अनुसार अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसी किसी भी घटना की स्थिति में पुलिस से शिकायत अवश्य करनी चाहिए। पीड़ित बालिका की शिकायत महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दर्ज की जाती है तथा उसका नाम और पता गोपनीय रखा जाता है। उन्होंने मध्यप्रदेश अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना, 2015 के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी।
जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों एवं कार्यों की जानकारी देते हुए निःशुल्क विधिक सलाह और सहायता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिन पात्र व्यक्तियों के पास अपना अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होता, उन्हें विधिक सहायता के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने जन उपयोगी स्थायी लोक अदालत की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से बिजली, पानी, डाक, टेलीफोन, परिवहन, अस्पताल, बैंकिंग एवं बीमा जैसी सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवादों का निराकरण किया जाता है।
इस अवसर पर 21 नवम्बर 2026 को आयोजित होने वाली चेक बाउंस संबंधी लोक अदालत तथा 12 दिसम्बर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन एलएडीसीएस असिस्टेंट सुश्री निशा कौशल ने किया। अंत में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मण्डलोई ने उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एलएडीसीएस डिप्टी श्री रूपेश शर्मा सहित पक्षकारगण उपस्थित रहे।
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