धनकोली में 17 साल का दबदबा टूटने के आसार, बुनियादी मुद्दों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश
डीडवाना। जिले की मौलासर तहसील स्थित ऐतिहासिक धनकोली ग्राम पंचायत में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। कभी बड़े व्यापारिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान रखने वाले इस गांव में इस बार सियासी फिजा बदली-बदली नजर आ रही है। पिछले 17 वर्षों (15 साल सरपंच व 2 साल प्रशासक) से एक ही परिवार के चले आ रहे दबदबे के खिलाफ ग्रामीणों ने इस बार आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।मौलासर पंचायत समिति क्षेत्र में चौथे चरण में होने वाले मतदान से ठीक पहले राजस्थान की ग्राउंड रिपोर्ट में ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। करीब 6,300 मतदाताओं वाली इस ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की हठधर्मिता सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बन चुकी है।
*सड़कें ऊंची होने से घरों में घुसा पानी, पेयजल संकट गहराया*
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में बनाई गई सड़कें निर्माण खामियों के चलते अत्यधिक ऊंची हो गई हैं, जिससे आसपास बने मकान गहराई में आ गए हैं। मामूली बारिश या जल निकासी का पानी अब सीधे लोगों के घरों में घुस रहा है। इसके अलावा गांव की पुरानी पानी की टंकी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि सरपंच द्वारा निर्माणाधीन नई पानी की टंकी के कार्य पर स्टे लगवाकर काम रुकवा दिया गया, जिससे पूरे गांव में पेयजल का हाहाकार मचा हुआ है।
*आम रास्ते पर डंपिंग यार्ड से बढ़ा बीमारियों का खतरा*
गांव के मुख्य आम रास्ते पर बनाए गए डंपिंग यार्ड को लेकर भी भारी जन आक्रोश है। रिहायशी इलाके और मुख्य मार्ग पर कचरा फेंके जाने से रोजाना गुजरने वाले हजारों राहगीरों को भयंकर बदबू का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बदहाली और गंदगी के कारण गांव अपनी पुरानी व्यापारिक साख खो चुका है।
*इस बार बदलाव तय*
गांव के हर कोने से इस बार नेतृत्व परिवर्तन की आवाज उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 17 साल का लंबा मौका देने के बावजूद गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा। ऐसे में इस बार का पंचायत चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का नहीं, बल्कि गांव के अस्तित्व और विकास को पटरी पर लाने का चुनाव बन गया है।
कॉफी मुद्दे गांव के इस बार नजर आ रहे हैं साथ ही लोगों का यह भी आरोप है कि अब चुनाव आए हैं तो सरपंच साहब विकास कार्य करने में लगे हैं गांव में साफ सफाई करने में लगे हैं इतने दिन कहां थे।
Didwana, Nagaur | Oct 30, 2026