गांव प्रेमनगर हाई स्कूल में दिव्यांग बच्चों का सम्मान, पुरस्कार देकर बढ़ाया हौसला, किया पौधारोपण
दिव्यांग, वृद्ध और बीमार की सेवा ही ईश्वर सेवा है : पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा
भिवाणी, 03 अक्तूबर : दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास पैदा करने और उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोडऩे के उद्देश्य से एक अनुकरणीय पहल देखने को मिली है। गांव प्रेमनगर स्थित हाई स्कूल में पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा ने न केवल दिव्यांग बच्चों और अध्यापकों को अपनी तरफ से आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया, बल्कि सामाजिक सहभागिता का परिचय देते हुए उनके साथ मिलकर पौधारोपण भी किया। पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा ने इस अवसर पर सामाजिक सहभागिता और संवेदनशीलता पर बल देते हुए कहा कि दिव्यांग व्यक्ति भी समाज का अभिन्न अंग हैं और उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती। बस जरूरत है तो उन्हें सही सामाजिक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने की। यदि उन्हें उचित अवसर मिले, तो वे सामान्य व्यक्तियों से भी बेहतर कार्य करके दिखा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग, वृद्ध, लाचार और बीमार व्यक्ति की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों एवं अध्यापकों से अपील की कि वे ऐसे व्यक्तियों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें और उन्हें सामाजिक संबल प्रदान करें। इस विशेष अवसर पर पूर्व प्राचार्य द्वारा अपनी ओर से दिव्यांग छात्र चिराग और दिव्यांग अध्यापक राजसिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मुन्नी देवी, राजसिंह घणघस, कांता रोहिला, सुषमा गिल, सोनिया, विकास, भूपसिंह सहित विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं एवं अध्यापकगण उपस्थित रहे।