उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का महाकुंभ! 51 ढोल, 11 रणसिंघे और 2,000 कलाकारों के साथ 24 अक्टूबर से गूंजेगा ठोऊड़ा महोत्सव-2026!
देवभूमि की संस्कृति, परंपरा और लोककला का भव्य संगम!
51 ढोलों की गूंज, 11 रणसिंघों की गर्जना और 2,000 छात्र-छात्राओं व लोक कलाकारों की रंगयात्रा... देहरादून में सजने जा रहा है उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का अनूठा उत्सव!
📍 स्थान: परेड ग्राउंड, देहरादून
📅 दिनांक: 24 से 27 अक्टूबर 2026
ठोऊड़ा महोत्सव-2026 में जौनसारी, गढ़वाली, रवांई-जौनपुर, कुमाऊंनी, गोरखाली और पंजाबी संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिलेगी। लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस महोत्सव को खास बनाएंगी।
24 अक्टूबर को निकलेगी 'संस्कृति बचाओ और स्वच्छता अपनाओ' की भव्य सांस्कृतिक यात्रा। परेड ग्राउंड से गांधी पार्क, घंटाघर और दर्शनलाल चौक होते हुए निकलने वाली यह यात्रा लोकसंस्कृति के संरक्षण के साथ स्वच्छता का संदेश भी देगी।
खास आकर्षण होगा पारंपरिक ठोऊड़ा और बिरूड़ी नृत्य! करीब 14 फीट लंबे बांस से बने हाथी और पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ इस लोकपरंपरा की झलक दर्शकों को अपनी संस्कृति की जड़ों से जोड़ेगी।
महोत्सव के पहले दिन सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन की संस्थापक गीता धामी सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज सहित कई गणमान्य अतिथियों के शामिल होने का कार्यक्रम है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष कुंदन सिंह चौहान एवं उनके सहयोगियों की ओर से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को एक मंच पर लाना और आने वाली पीढ़ियों तक अपनी विरासत पहुंचाना है।
आइए, अपनी संस्कृति से जुड़ें, अपनी विरासत पर गर्व करें और लोकपरंपराओं के संरक्षण में सहभागी बनें
ठोऊड़ा महोत्सव-2026 में आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं
रैबार पहाड़ का | अपनी माटी, अपनी संस्कृति, अपनी पहचान
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