*8 सूत्रीय मांगों को लेकर किसान कल्याण एसोसिएशन का अनिश्चितकालीन धरना व आमरण अनशन शुरू*
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नसीराबाद, रायबरेली।
किसान समस्याओं और क्षेत्रीय जनहित के मुद्दों को लेकर किसान कल्याण एसोसिएशन(अराजनैतिक) के बैनर तले सोमवार को नसीराबाद के शिवनगर स्थित शिव मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन एवं आमरण अनशन शुरू हो गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालता प्रसाद शुक्ल तथा जिलाध्यक्ष सदाशिव पाण्डेय (उमेश) के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि 26 मई 2026 को उपजिलाधिकारी सलोन को लिखित रूप से धरना और आमरण अनशन की सूचना दे दी गई थी। प्रशासन को पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक धरना और अनशन जारी रहेगा। धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष लालता प्रसाद शुक्ल ने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हैं। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि किसानों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है।
धरना स्थल पर रखी गई।
पहली मांग संगठन के कार्यकर्ती बाबा बालकदास उर्फ फूलमती पुत्री संत देवीदास की कुटी और सहन से जुड़ी है। संगठन का आरोप है कि पूरे मंगल सिंह मजरे सण्डहा निवासी संत की कुटी और सहन पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल कब्जा हटवाकर धार्मिक स्थल और संत की संपत्ति को मुक्त कराने की मांग की।
दूसरी प्रमुख मांग छतोह-गांधी नगर मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास से संबंधित है। संगठन का कहना है कि गांधी नगर में रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास का निर्माण लगभग दो वर्षों से अधूरा पड़ा है। मार्ग बंद होने से किसानों, छात्रों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया गया कि निर्माण कार्य लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। आंदोलनकारियों ने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर मार्ग चालू कराने की मांग की।
तीसरी मांग क्षेत्र में खुलेआम बिक रहे कथित अवैध गीले पशु आहार पर रोक लगाने की है। संगठन का आरोप है कि सलोन के मानिकपुर रोड स्थित पूरे लाला क्षेत्र सहित कई स्थानों पर गीला पशु आहार बेचा जा रहा है। नसीराबाद क्षेत्र में भी ट्रकों के माध्यम से खुला पशु आहार लाकर बिक्री की जा रही है। किसानों का कहना है कि इसकी गुणवत्ता और वैधता की जांच कर बिक्री पर रोक लगाई जाए।
चौथी मांग ग्राम पूरे खुशियाल मजरे नसीराबाद देहात की है, जहां गांव के मुख्य खड़ंजा मार्ग पर कथित रूप से दबंगों द्वारा चबूतरा बनाकर रास्ता संकरा कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता संकरा होने के कारण आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और दमकल वाहन गांव के अंदर नहीं पहुंच सकते। संगठन ने अतिक्रमण हटवाने तथा मार्ग की मरम्मत कराने की मांग उठाई।
पांचवीं मांग गेहूं खरीद केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार से संबंधित है। संगठन का आरोप है कि खरीद केन्द्र को ऑनलाइन बोरी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे उन्हें गेहूं बिक्री में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही खरीद केंद्र कुढ़ा और बारा में व्यापक भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। किसानों का कहना है कि यदि समय पर बोरियां उपलब्ध नहीं होंगी तो उन्हें अपनी उपज बेचने में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
छठी मांग सलोन-जगदीशपुर हाईवे और नसीराबाद बाईपास निर्माण से जुड़ी है। धरनारत किसानों का आरोप है कि हाईवे परियोजना के अंतर्गत कई किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई, लेकिन उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा नसीराबाद नगर पंचायत क्षेत्र में बन रहे बाईपास के लिए भी किसानों को न तो समुचित सूचना दी गई और न ही भुगतान किया गया। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खेतों में खड़े पेड़ों को हटाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि भूमि का मुआवजा भी लंबित है। संगठन ने सभी प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाने तथा उनके पेड़ों को हटाने की अनुमति देने की मांग की।
सातवीं मांग ग्राम पूरे महमूद अली मजरे नसीराबाद देहात की सड़क और जल निकासी व्यवस्था से संबंधित है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बनी सीसी रोड से जीवन लाल के घर तक बरसात के दिनों में भारी जलभराव हो जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। संगठन ने वहां नाली निर्माण तथा सड़क को ऊंचा कराने की मांग रखी, ताकि बरसात के दौरान लोगों को परेशानी न हो।
आठवीं और अंतिम मांग विकासखंड छतोह की ग्रामसभा बेवल में बने अंत्येष्टि स्थल (श्मशान घाट) के निर्माण कार्य की जांच से जुड़ी है। संगठन का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। इसके साथ ही वहां लगाई गई सोलर लाइटें महज पंद्रह दिनों के भीतर बंद हो गईं। किसानों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी आठ बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई कर जनता को राहत दिलाई जाए। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरने और आमरण अनशन का संचालन राष्ट्रीय अध्यक्ष लालता प्रसाद शुक्ल तथा जिलाध्यक्ष सदाशिव पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में किसान शिव बहादुर,आलम जहीर, मैकूलाल, चन्द्र चंद्रभान मौर्य, बाबा विमल दास, धर्मदास, घनश्याम सिंह, दयाराम मौर्य मोहम्मद इलियास, गफ्फार खान ,आलमीन, आलम, अखिलेश पांडे कामता प्रसाद, हरिनारायण मिश्र ,राजू मौर्य,चंद्र कुमार विद्याधर मिश्र गुलाम मोहम्मद गुड्डू फारूक सहित, ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे तथा प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते रहे।