चांग में सीेजेपी के अल्टीमेटम का असर : धरने से पहले टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात, बांटे लड्डू
सीजेपी का अल्टीमेटम : 2 अक्टूबर तक जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ तो होगा बड़ा निर्णय
भिवानी, 10 सितंबर : गांव चांग के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नए भवन की वर्षों पुरानी मांग को लेकर ग्रामीणों और युवाओं के संघर्ष को बड़ी सफलता मिली है। सीजेपी द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने और आज स्कूल के बाहर धरने की तैयारी के बीच सरकार की ओर से रात में नए भवन की टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई।
गौरतलब है कि सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान और किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष एवं सीजेपी नेता लोकेश भिवानी ने ग्रामीणों के साथ 29 अगस्त को स्कूल का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान जर्जर भवन, कमरों की कमी और छात्राओं को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया गया। हालांकि टेंडर की राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। खबरों में 3 करोड़ 30 लाख रुपये की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की बात कही जा रही है, जबकि सामने आए आधिकारिक दस्तावेज में 2 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि दिखाई दे रही है। सीजेपी ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से वास्तविक राशि, टेंडर जारी होने की तारीख तथा निर्माण की समयसीमा स्पष्ट करने की मांग की है।
सीजेपी ने स्पष्ट किया कि सिर्फ टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा पर्याप्त नहीं है। 2 अक्टूबर 2026 तक स्कूल की जमीन पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो संगठन ग्रामीणों के साथ मिलकर अगला बड़ा निर्णय लेगा। उनका कहना था कि चांग की 287 बेटियों को अब आश्वासन नहीं, बल्कि निर्माण शुरू होने और भवन पूरा होने की निश्चित तारीख चाहिए। सीजेपी के स्कूल ठीक करो अभियान के तहत इस मामले को सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर उठाया गया। विद्यालय में पर्याप्त कक्ष नहीं होने के कारण कक्षाएं दो शिफ्टों में संचालित हो रही हैं। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने कहा कि चांग की बेटियां वर्षों से बेहतर स्कूल भवन का इंतजार कर रही हैं। टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की बात संघर्ष की पहली सफलता है, लेकिन अब सरकार को टेंडर की वास्तविक राशि और निर्माण की समयसीमा स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर तक जमीन पर काम शुरू होना चाहिए। किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष एवं सीजेपी नेता लोकेश भिवानी ने कहा कि चांग के ग्रामीणों और युवाओं की एकजुटता से यह मुद्दा सरकार तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि धरने से पहले टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात सामने आना संघर्ष की पहली जीत है, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई। 287 बेटियों का भविष्य फाइलों में नहीं अटकने देंगे। 2 अक्टूबर तक काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को अगले स्तर पर ले जाएंगे।
सीजेपी सदस्य मनीष रंगा, रोहित दहिया, पंकज धनुष, प्रदीप बेरवाल, सोमबीर तंवर, दिनेश सभरवाल और सनी दादमे ने संयुक्त रूप से कहा कि टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात सकारात्मक कदम है, लेकिन अब किसी और देरी की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि लड्डू बांटकर खुशी जरूर मनाई गई है, लेकिन असली खुशी स्कूल की जमीन पर निर्माण शुरू होने के दिन होगी। युवाओं ने सरकार से टेंडर की वास्तविक राशि सार्वजनिक करने, निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने और भवन पूरा होने की निश्चित तारीख बताने की मांग की।
इस दौरान हनुमान, लोकेश ग्रेवाल, लक्की, महेश, अंकित, मयंक, ऋषि तंवर, चिराग़, विकास सहित अन्य युवा साथी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।