सिद्धपीठ बाबा जहर गिरी आश्रम में चल रहा है संस्कृत सम्भाषण शिविर
भिवानी विभाग में 25 संस्कृत सम्भाषण शिविरों के माध्यम से संस्कृत का प्रचार-प्रसार
भिवानी। संस्कृत भारती हरियाणा न्यास द्वारा संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाने और आमजन को संस्कृत सम्भाषण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से भिवानी विभाग के अंतर्गत कुल 25 संस्कृत सम्भाषण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें भिवानी शहर में 13, महेंद्रगढ़ में 9 तथा दादरी में 3 शिविर चल रहे हैं। ये सभी शिविर 1 सितंबर से 12 सितंबर तक आयोजित किए जा रहे हैं।
चौ. बंसीलाल राजकीय महिला महाविद्यालय तोशाम
के डॉ. जयपाल शास्त्री ने बताया कि इन सभी संस्कृत सम्भाषण शिविरों के संयोजन की जिम्मेदारी उनके द्वारा संभाली जा रही है। उन्होंने कहा कि शिविरों का मुख्य उद्देश्य संस्कृत को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर बोलचाल और दैनिक व्यवहार की भाषा बनाना है। शिविरों में प्रतिभागियों को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से संस्कृत बोलना सिखाया जा रहा है, जिससे उनमें संस्कृत के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि भिवानी विभाग के तीनों जिलों में संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए चार विस्तारक लगातार कार्य कर रहे हैं। भिवानी में सोमेश और नीरज, दादरी में राम तथा महेंद्रगढ़ में अंकित विभिन्न स्थानों पर संस्कृत सम्भाषण शिविरों के माध्यम से लोगों को संस्कृत से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
सिद्ध पीठ बाबा जहर गिरी आश्रम में भी चल रहा संस्कृत सम्भाषण शिविर
हलवास गेट स्थित सिद्ध पीठ बाबा जहर गिरी आश्रम में भी संस्कृत सम्भाषण शिविर जारी है। आश्रम के पीठाधीश्वर अंतरराष्ट्रीय श्री महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज के सानिध्य में चल रहे इस शिविर में प्रतिभागी उत्साहपूर्वक संस्कृत सम्भाषण का अभ्यास कर रहे हैं। आश्रम परिसर में संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रति विशेष जागरूकता का वातावरण देखने को मिल रहा है।
डॉ. जयपाल शास्त्री ने बताया कि संस्कृत भारत की ज्ञान, संस्कृति और परंपरा की महत्वपूर्ण भाषा है। ऐसे शिविरों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आमजन को संस्कृत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी 25 संस्कृत सम्भाषण शिविरों का सामूहिक समापन 13 सितंबर को एक ही स्थान पर किया जाएगा। समापन कार्यक्रम में विभिन्न शिविरों के प्रतिभागी एक साथ संस्कृत सम्भाषण का प्रदर्शन करेंगे।