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मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस कर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा मानसिक समस्याओं के लक्षणों की समय पर पहचान एवं उपचार के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में मनकक्ष नोडल अधिकारी डॉ. अर्शी सदफ, नर्सिंग ऑफिसर रेशमा कुरैशी एवं उमंग काउंसलर ममतेश राठौर द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने प्रतिभागियों को डिप्रेशन, तनाव, एंजायटी, ड्रग एब्यूज, मोबाइल एडिक्शन तथा आत्महत्या की रोकथाम जैसे विषयों के संबंध में जागरूक किया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य संबंधी निशुल्क परामर्श के लिए उपलब्ध टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 एवं 1800-891-4416 की जानकारी दी गई और 'मनहित' ऐप की उपयोगिता एवं इसके माध्यम से उपलब्ध सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इस अवसर परर एसआई श्री राहुल श्रीवास्तव सहित 46 पुलिस कर्मी उपस्थित थे। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

1 views | Sehore, Madhya Pradesh | Jul 23, 2026

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• अमर शहीद कुंवर चैन सिंह के शहादत दिवस पर विशेष

• 24 जुलाई 1824 को अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे अमर शहीद कुंवर चैन सिंह

                 देश में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ पहली सशस्त्र क्रांति 1858 में प्रारंभ हुई और देश भर में अंग्रेजो के खिलाफ क्रांति की मशाल जलाई गयी तथा अनेक वीर सपूतों ने अंग्रेजी सेना से लड़ाई करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस क्रांति का नायक शहीद मंगल पाण्डे को माना जाता है। मेरठ क्रांति के 33 साल पहले ही इस क्रांति की शुरूआत हो चुकी थी। मालवा अंचल में अनेक वीरों ने अंग्रेजी सेना से बगावत कर युद्ध लड़ा और अपने प्राणों का बलिदान किया। स्वतंत्रता के इतिहास में सीहोर जिले की अन्य घटनाओं के साथ ही अमर शहीद कुंवर चैन सिंह की शहादत भी स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। सीहोर स्थित कुंवर चैन सिंह की छतरी पर गॉड ऑफ ऑनर की परम्परा मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2015 से शुरू की।

      सन् 1818 में ईस्ट इंडिया कंपनी और भोपाल के तत्कालीन नवाब के बीच हुए समझौते के बाद कंपनी ने सीहोर में एक हजार सैनिकों की छावनी बनाई। कंपनी द्वारा नियुक्त पॉलिटिकल एजेंट मैडॉक को इस फौजी टुकड़ी की कमान सौंपी गई। समझौते के तहत मैडॉक को भोपाल सहित नरसिंहगढ़, खिलचीपुर और राजगढ़ रियासत से संबंधित राजनीतिक अधिकार दिए गए। इस फैसले को नरसिंहगढ़ रियासत के युवराज अमर शहीद कुंवर चैन सिंह ने गुलामी की निशानी मानते हुए स्वीकार नहीं किया और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह कर दिया। उन्होंने अंग्रेजो के वफादार दीवान आनंदराम बख्शी और मंत्री रूपराम बोहरा को मार दिया। इन दोनों की हत्या के अभियोग से बचने के लिए अंग्रेजो ने कुछ शर्तें रखी जिसे कुंवर चैन सिंह ने ठुकरा दिया।

      अमर शहीद कुंवर चैन सिंह 24 जुलाई 1824 की दोपहर अपने घोड़े पर बैठकर कैम्प से बाहर जाने लगे तब अंग्रेजों के कर्मचारियों ने उन्हें यह कहते हुए रोका दिया कि आपको कैम्प से बाहर जाने की इजाजत नहीं है। इससे कुंवर चैन सिंह का स्वाभिमान आहत हुआ। उन्हें ब्रिटिश हुकुमत की गुलामी कतई स्वीकार नहीं थी। वे मेडॉक और जॉनसन के आदेश की अवहेलना कर कैम्प से बाहर चले गये। मना करने के बाद भी कुंवर चैन सिंह के बाहर चले जाने से युद्ध की आशंका के चलते मेडॉक ने सेना को बुलाने का प्रबंध किया और यह सेना डाबरी की छावनी, सीहोर की छावनी, भोपाल तथा होशंगाबाद से बुलाई थी। लगभग 5 से 6 हजार सैनिक सीहोर पहुंच चुके थे।

      अंग्रेजी सेना ने 24 जुलाई 1824 की रात्रि में कुंवर चैन सिंह के कैम्प को घेर लिया और अंग्रेजी फौज द्वारा आक्रमण कर दिया गया। कुंवर चैन सिंह अपने विश्वस्त साथी हिम्मत खां और बहादुर खां सहित 43 सैनिकों के साथ अंग्रेजी फौज का वीरता पूर्वक सामना करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का आगाज किया।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• अमर शहीद कुंवर चैन सिंह के शहादत दिवस पर विशेष • 24 जुलाई 1824 को अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे अमर शहीद कुंवर चैन सिंह देश में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ पहली सशस्त्र क्रांति 1858 में प्रारंभ हुई और देश भर में अंग्रेजो के खिलाफ क्रांति की मशाल जलाई गयी तथा अनेक वीर सपूतों ने अंग्रेजी सेना से लड़ाई करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस क्रांति का नायक शहीद मंगल पाण्डे को माना जाता है। मेरठ क्रांति के 33 साल पहले ही इस क्रांति की शुरूआत हो चुकी थी। मालवा अंचल में अनेक वीरों ने अंग्रेजी सेना से बगावत कर युद्ध लड़ा और अपने प्राणों का बलिदान किया। स्वतंत्रता के इतिहास में सीहोर जिले की अन्य घटनाओं के साथ ही अमर शहीद कुंवर चैन सिंह की शहादत भी स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। सीहोर स्थित कुंवर चैन सिंह की छतरी पर गॉड ऑफ ऑनर की परम्परा मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2015 से शुरू की। सन् 1818 में ईस्ट इंडिया कंपनी और भोपाल के तत्कालीन नवाब के बीच हुए समझौते के बाद कंपनी ने सीहोर में एक हजार सैनिकों की छावनी बनाई। कंपनी द्वारा नियुक्त पॉलिटिकल एजेंट मैडॉक को इस फौजी टुकड़ी की कमान सौंपी गई। समझौते के तहत मैडॉक को भोपाल सहित नरसिंहगढ़, खिलचीपुर और राजगढ़ रियासत से संबंधित राजनीतिक अधिकार दिए गए। इस फैसले को नरसिंहगढ़ रियासत के युवराज अमर शहीद कुंवर चैन सिंह ने गुलामी की निशानी मानते हुए स्वीकार नहीं किया और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह कर दिया। उन्होंने अंग्रेजो के वफादार दीवान आनंदराम बख्शी और मंत्री रूपराम बोहरा को मार दिया। इन दोनों की हत्या के अभियोग से बचने के लिए अंग्रेजो ने कुछ शर्तें रखी जिसे कुंवर चैन सिंह ने ठुकरा दिया। अमर शहीद कुंवर चैन सिंह 24 जुलाई 1824 की दोपहर अपने घोड़े पर बैठकर कैम्प से बाहर जाने लगे तब अंग्रेजों के कर्मचारियों ने उन्हें यह कहते हुए रोका दिया कि आपको कैम्प से बाहर जाने की इजाजत नहीं है। इससे कुंवर चैन सिंह का स्वाभिमान आहत हुआ। उन्हें ब्रिटिश हुकुमत की गुलामी कतई स्वीकार नहीं थी। वे मेडॉक और जॉनसन के आदेश की अवहेलना कर कैम्प से बाहर चले गये। मना करने के बाद भी कुंवर चैन सिंह के बाहर चले जाने से युद्ध की आशंका के चलते मेडॉक ने सेना को बुलाने का प्रबंध किया और यह सेना डाबरी की छावनी, सीहोर की छावनी, भोपाल तथा होशंगाबाद से बुलाई थी। लगभग 5 से 6 हजार सैनिक सीहोर पहुंच चुके थे। अंग्रेजी सेना ने 24 जुलाई 1824 की रात्रि में कुंवर चैन सिंह के कैम्प को घेर लिया और अंग्रेजी फौज द्वारा आक्रमण कर दिया गया। कुंवर चैन सिंह अपने विश्वस्त साथी हिम्मत खां और बहादुर खां सहित 43 सैनिकों के साथ अंग्रेजी फौज का वीरता पूर्वक सामना करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का आगाज किया। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 23, 2026

• संयुक्त संचालक ने किया वन स्टॉप सेंटर एवं आंगनबाड़ी का निरीक्षण

• बैठक आयोजित कर की विभागीय कार्यों की समीक्षा

                        महिला एवं बाल विकास भोपाल संभाग के संयुक्त संचालक श्री हरिकृष्ण शर्मा ने सीहोर स्थित वन स्टॉप सेंटर और बिलकिसगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां महिलाओं के लिए उपलब्ध सभी सुविधाओं की जानकारी ली और हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, काउंसलिंग सहित समस्त सेवाएं नियमानुसार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

      इसके साथ ही कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित कर पोषण कार्यक्रमों, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मिशन वात्सल्य, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, सक्षम आंगनवाड़ी सहित विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री ज्ञानेश खरे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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• संयुक्त संचालक ने किया वन स्टॉप सेंटर एवं आंगनबाड़ी का निरीक्षण • बैठक आयोजित कर की विभागीय कार्यों की समीक्षा महिला एवं बाल विकास भोपाल संभाग के संयुक्त संचालक श्री हरिकृष्ण शर्मा ने सीहोर स्थित वन स्टॉप सेंटर और बिलकिसगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां महिलाओं के लिए उपलब्ध सभी सुविधाओं की जानकारी ली और हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, काउंसलिंग सहित समस्त सेवाएं नियमानुसार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित कर पोषण कार्यक्रमों, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मिशन वात्सल्य, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, सक्षम आंगनवाड़ी सहित विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री ज्ञानेश खरे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 20, 2026

• जिले के वॉटरफॉल एवं जोखिमपूर्ण स्थानों पर जा रहे लोगों को लौटाया जा रहा वापस

• कलेक्टर ने वर्षाकाल में जोखिमपूर्ण स्थलों पर न जाने की नागरिकों से की अपील

                         कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार वर्षाकाल में नागरिकों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिले के सभी वॉटरफॉल, डैम, जल पर्यटन स्थलों एवं अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी हैं। इन स्थानों पर वर्षा के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए राजस्व, वन, पुलिस तथा अन्य विभागों के मैदानी अमले की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोका जा सके तथा उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके।

      कलेक्टर के निर्देशानुसार अमरगढ़, दिंगंबर और कालियादेव वॉटरफॉल सहित इन सभी दुर्घटना संभावित स्थलों पर नागरिकों को जाने से रोकने के लिए इनके पहुंच मार्गों पर टीमें तैनात की गई हैं। टीम द्वारा इन स्थानों पर जा रहे लोगों को प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी देकर वापस लौटाया जा रहा है।

      कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें। नागरिकों का जीवन एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्षाकाल में जिले के इन पर्यटन स्थलों पर सीहोर के साथ-साथ भोपाल से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। कलेक्टर ने सभी नागरिकों से प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने तथा सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की है।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• जिले के वॉटरफॉल एवं जोखिमपूर्ण स्थानों पर जा रहे लोगों को लौटाया जा रहा वापस • कलेक्टर ने वर्षाकाल में जोखिमपूर्ण स्थलों पर न जाने की नागरिकों से की अपील कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार वर्षाकाल में नागरिकों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिले के सभी वॉटरफॉल, डैम, जल पर्यटन स्थलों एवं अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी हैं। इन स्थानों पर वर्षा के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए राजस्व, वन, पुलिस तथा अन्य विभागों के मैदानी अमले की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोका जा सके तथा उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। कलेक्टर के निर्देशानुसार अमरगढ़, दिंगंबर और कालियादेव वॉटरफॉल सहित इन सभी दुर्घटना संभावित स्थलों पर नागरिकों को जाने से रोकने के लिए इनके पहुंच मार्गों पर टीमें तैनात की गई हैं। टीम द्वारा इन स्थानों पर जा रहे लोगों को प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी देकर वापस लौटाया जा रहा है। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें। नागरिकों का जीवन एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्षाकाल में जिले के इन पर्यटन स्थलों पर सीहोर के साथ-साथ भोपाल से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। कलेक्टर ने सभी नागरिकों से प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने तथा सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की है। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 20, 2026