डायलिसिस मशीन ऑपरेटर के इंतजार में, दो साल बाद भी शुरू नहीं हुई सुविधा
रानीखेत राजकीय चिकित्सालय में मशीन आने के बावजूद मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ, अल्मोड़ा-हल्द्वानी जाने को मजबूर
रानीखेत। गोविंद सिंह राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करीब दो वर्ष पहले डायलिसिस मशीन पहुंची थी, लेकिन ऑपरेटर की तैनाती नहीं होने के कारण आज तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। मशीन अस्पताल में रखे-रखे अब जंग खाने लगी है, जबकि क्षेत्र के किडनी मरीजों को डायलिसिस के लिए अल्मोड़ा या हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
ताड़ीखेत ब्लॉक के कुरिया मटेला गांव निवासी योगेश बिष्ट की दोनों किडनियां फेल हैं। पिछले करीब तीन वर्षों से वह सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस कराने हल्द्वानी जाते हैं। योगेश के मुताबिक पहले सरकार की ओर से आने-जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा मिल जाती थी, लेकिन काफी समय से यह सुविधा भी बंद है। अब उन्हें निजी खर्च पर हल्द्वानी जाना पड़ रहा है, जिससे उपचार के साथ आने-जाने का खर्च भी भारी पड़ रहा है।
योगेश की तरह क्षेत्र के कई अन्य किडनी मरीज भी रानीखेत में डायलिसिस सुविधा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों की ओर से इस समस्या को लेकर उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी तक को पत्र दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद अस्पताल में नई मशीन होने के बाद भी ऑपरेटर की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
मरीजों का कहना है कि सरकार ने मशीन उपलब्ध कराकर सुविधा शुरू करने की दिशा में कदम तो उठाया, लेकिन ऑपरेटर की तैनाती नहीं होने से पूरी व्यवस्था बेकार साबित हो रही है। लंबे समय से इंतजार कर रहे मरीजों का कहना है कि यदि जल्द ऑपरेटर की नियुक्ति कर डायलिसिस सेवा शुरू नहीं की गई तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से अस्पताल में डायलिसिस मशीन का संचालन तत्काल शुरू कराने और मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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Pramod Nainwal Jyoti Adhikari Yashpal Arya @topfans