सड़क सुरक्षा ज्ञान प्रतियोगिता: स्कूल स्तर पर अव्वल रहे विद्यार्थियों ने अब ब्लॉक स्तर पर दी परीक्षा, करीब 2000 छात्रों ने लिया हिस्सा- नरेंद्र खटाना, डीएसपी मुख्यालय पलवल।*
Aonenews अरविन्द बक्शी
*यातायात नियमों की जानकारी ही सुरक्षित भविष्य की नींव, पहले राउंड के विजेता छात्र बने सड़क सुरक्षा के रोल मॉडल- नरेंद्र खटाना, डीएसपी मुख्यालय।
पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, आईपीएस का संदेश: बचपन में सीखे गए नियम जीवनभर बनाते हैं सुरक्षित, विद्यार्थी बनें समाज में ट्रैफिक अनुशासन के अग्रदूत।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात एवं हाईवे (हरियाणा) करनाल के दिशा-निर्देशों के अनुसार तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. दीप्ति गर्ग, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन में जिला में चलाई जा रही सड़क सुरक्षा मुहिम के तहत 14 अक्टूबर को ब्लॉक स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए श्री नरेंद्र खटाना, डीएसपी मुख्यालय पलवल एवं थाना यातायात प्रभारी निरीक्षक रविकांत द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
जानकारी देते हुए श्री नरेंद्र खटाना, डीएसपी मुख्यालय पलवल ने बताया कि गत 31 अगस्त को आयोजित प्रथम राउंड (स्कूल स्तर) की परीक्षा में जिला के 1114 शिक्षण संस्थानों से 2 लाख 25 हज़ार 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। प्रथम राउंड में आयोजित तीनों लेवल (लेवल-1, लेवल-2 एवं लेवल-3) में अपनी-अपनी कक्षाओं व स्कूलों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों ने ही आज दूसरे राउंड के तहत ब्लॉक स्तरीय परीक्षा में हिस्सा लिया। पूरे जिले के विभिन्न ब्लॉकों से करीब 2000 चयनित विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ यातायात नियमों पर आधारित यह परीक्षा दी।
डीएसपी मुख्यालय ने कहा कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को बचपन से ही यातायात नियमों व सड़क सुरक्षा के प्रति सजग व जिम्मेदार नागरिक बनाना है। स्कूल स्तर पर अव्वल रहकर ब्लॉक स्तर पर पहुंचे ये सभी विद्यार्थी सड़क सुरक्षा अभियान के सच्चे ब्रांड एंबेसडर हैं। इस ब्लॉक स्तरीय परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा और उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
*पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, आईपीएस का संदेश:*
पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, आईपीएस ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विषय या परीक्षा नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का अनिवार्य संस्कार है। उन्होंने कहा, "विद्यार्थी हमारे समाज की रीढ़ और आने वाला कल हैं। बचपन में सीखे गए यातायात नियम और अनुशासन जीवनपर्यंत सुरक्षित राह दिखाते हैं। मुझे गर्व है कि जिले के करीब सवा दो लाख बच्चों में से चयनित होकर लगभग 2000 मेधावी छात्र ब्लॉक स्तर पर पहुंचे हैं। ये सभी बच्चे अपने-अपने क्षेत्रों में ट्रैफिक नियमों के पालन का संदेश लेकर एक सुरक्षित समाज के निर्माण में अग्रदूत साबित होंगे।" एसपी महोदया ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नियमों की पालना करने के साथ-साथ अपने अभिभावकों, परिजनों और पड़ोसियों को भी हेलमेट, सीट बेल्ट के प्रयोग और गति सीमा का ध्यान रखने के लिए निरंतर प्रेरित करें।
डीएसपी मुख्यालय पलवल ने विद्यार्थियों व अभिभावकों को पुनः सचेत करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के छात्र-छात्राएं किसी भी सूरत में वाहन न चलाएं। अंडर-एज ड्राइविंग न केवल गैर-कानूनी है बल्कि जानलेवा भी साबित होती है। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते पाया जाता है तो वाहन मालिक व अभिभावक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने अपील की कि दोपहिया वाहन चालक हमेशा मानक हेलमेट पहनें, रॉन्ग साइड ड्राइविंग न करें, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट अवश्य लगाएं।