राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह: 15वें दिन पलवल पुलिस ने 'इन्वेस्टमेंट व ट्रेडिंग फ्रॉड' के प्रति आमजन व विद्यार्थियों को किया सतर्क।
Aonenews अरविन्द बक्शी
डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा सुरक्षा चक्र है-दीप्ति गर्ग, एसपी पलवल ।
पलवल: पुलिस अधीक्षक पलवल दीप्ति गर्ग, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन में जिला पुलिस द्वारा पूरे अक्टूबर माह को राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाते हुए मेगा साइबर जागरूकता अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अभियान के 15वें दिन (15 अक्टूबर) को "इन्वेस्टमेंट व ट्रेडिंग फ्रॉड" (Investment & Trading Fraud) विषय पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए जिला के विभिन्न महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
*अभियान के 15वें दिन के निर्धारित विषय के तहत जागरूकता:*
अभियान के 15वें दिन के निर्धारित थीम के अनुसार, पुलिस टीमों ने नागरिकों, युवाओं और कॉलेज के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ट्रेडिंग और फर्जी निवेश योजनाओं के खतरों से सावधान किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठग व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए लोगों को आकर्षित करते हैं, जहां वे फर्जी प्रोफाइल्स बनाकर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे के झूठे स्क्रीनशॉट साझा करते हैं। साइबर अपराधी सेबी (SEBI) से अपंजीकृत फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन और पोर्टफोलियो बनाकर दिखाते हैं कि पीड़ित को बहुत बड़ा मुनाफा हो रहा है।
शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए ठग पीड़ितों को छोटी रकम निकालने की अनुमति देते हैं, लेकिन जैसे ही व्यक्ति लालच में आकर मोटी रकम का निवेश करता है, वे निकासी पर रोक लगा देते हैं और टैक्स या कमीशन के नाम पर और पैसों की मांग कर पूरी पूंजी हड़प लेते हैं। पुलिस टीमों ने स्पष्ट किया कि बिना जोखिम के गारंटीड भारी रिटर्न का दावा हमेशा वित्तीय धोखाधड़ी का संकेत होता है। नागरिकों को हमेशा सेबी द्वारा अधिकृत और विनियमित प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ही निवेश करने की सलाह दी गई।
-राजकीय कन्या महाविद्यालय बडोली (चांदहट) क्षेत्र: चांदहट थाना प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कुमार की टीम ने राजकीय कन्या महाविद्यालय बदोली में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं और कॉलेज स्टाफ को ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया सेफ्टी और निवेश से जुड़े घोटालों के प्रति विस्तार से जागरूक किया गया।
*डॉ. बी.आर. अम्बेडकर कॉलेज पलवल: साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पलवल की विशेषज्ञ टीम द्वारा डॉ. बी.आर. अम्बेडकर कॉलेज पलवल में विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कॉलेज के विद्यार्थियों को फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स, पार्ट-टाइम जॉब स्कैम और डिजिटल वित्तीय सुरक्षा के नियमों से अवगत कराया।
1930 हेल्पलाइन नंबर और त्वरित कार्रवाई का महत्व:
विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित युवाओं को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक साइबर पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस ने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो बिना किसी झिझक या देरी के तुरंत 1930 पर कॉल करें। प्रारंभिक घंटों यानी गोल्डन आवर्स में शिकायत मिलने पर ठगी गई राशि को त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक स्तर पर होल्ड या रिकवर कराया जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, आईपीएस ने बताया कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा सुरक्षा चक्र है। पलवल पुलिस का यह साइबर जागरूकता अभियान पूरे माह लगातार जारी रहेगा ताकि जिले के प्रत्येक नागरिक और युवा को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखा जा सके।