18 साल बाद शेखपुरा लौटे पूर्व एसडीओ व आईएएस आर. लक्ष्मणन का भव्य स्वागत, प्रशासनिक अधिकारियों ने किया सम्मानित।
बिहार कैडर के 2004 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री आर. लक्ष्मणन का 18 साल बाद शेखपुरा आगमन हुआ। अपने प्रशासनिक करियर में लंबी पारी खेलने और केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालयों में अपनी सेवाएं देने के बाद, उनकी गृह कैडर में वापसी हुई है। इस गौरवपूर्ण क्षण में उन्होंने अपने पुराने कार्यक्षेत्र शेखपुरा की यादें ताजा कीं।
शेखपुरा से जुड़ाव और स्वर्णिम इतिहास
आईएएस आर. लक्ष्मणन का शेखपुरा से गहरा नाता रहा है। वे दिनांक 01 अगस्त 2006 से 31 जनवरी 2008 तक शेखपुरा के अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर तैनात थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने एडीएम (अपर समाहर्ता) के रूप में भी अपनी प्रशासनिक दक्षता का लोहा मनवाया था। उनके कार्यों और जनहित से जुड़ी नीतियों को आज भी शेखपुरा के लोग याद करते हैं।
प्रशासनिक उपलब्धियों का सफर
श्री लक्ष्मणन का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने बिहार स्टेट हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक और दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी के रूप में राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था, जो उनके 100% विद्युतीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रति समर्पण का प्रमाण है। हाल ही में, वे बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार में संयुक्त सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने 18 साल बाद शेखपुरा पहुंचे श्री लक्ष्मणन का जिले के आला अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर
जिला पदाधिकारी शेखपुरा द्वारा उन्हें भगवान् विष्णु जी स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अपर समाहर्ता द्वारा उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया गया।
अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल देकर सम्मानित किया गया।
स्वागत समारोह के बाद, श्री लक्ष्मणन ने जिले के ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल गिरहिंडा पहाड़ का भी भ्रमण किया। उन्होंने वहां की भौगोलिक स्थिति और विकास की संभावनाओं को देखा।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित जिले के अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। श्री लक्ष्मणन का यह दौरा पुराने दिनों की स्मृतियों को ताजा करने के साथ-साथ जिले के अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक रहा।