💥 देहरादून: बुलेट चुराकर 'किराए' पर चलाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश! 'ऑपरेशन प्रहार' में 13 लग्जरी गाड़ियां बरामद 💥
राजधानी देहरादून के बाइक प्रेमियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दून पुलिस के 'ऑपरेशन प्रहार' ने शहर में आतंक मचाने वाले एक बेहद शातिर वाहन चोर गिरोह की कमर तोड़ दी है। पुलिस ने हरिद्वार के रहने वाले दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं, जिनमें 7 महंगी रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
यह गिरोह देहरादून के पटेलनगर, क्लेमेंटाउन और नेहरू कॉलोनी जैसे व्यस्त इलाकों से रेकी कर गाड़ियां उड़ाता था।
🚨 सीसीटीवी कैमरों और सटीक मुखबिरी से टूटी चोरों की घेराबंदी
एक के बाद एक चोरियां: वादी आदित्य और दीपक सिंघल द्वारा अपनी बुलेट गाड़ियों की चोरी की शिकायत दर्ज कराने के बाद, कोतवाली पटेलनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस की पैनी नजर: एसएसपी देहरादून के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक विनोद सिंह गुसाईं के नेतृत्व में टीमों का गठन हुआ। पुलिस ने दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
रंगे हाथों गिरफ्तारी: 10 अगस्त 2026 की शाम को सटीक सूचना पर आईएसबीटी चौकी प्रभारी और पुलिस टीम ने हरिद्वार बाईपास रोड पर कबाड़ी बाजार के पास घेराबंदी की। दो संदिग्धों को चोरी की 2 चमचमाती बुलेट के साथ दबोच लिया गया।
🔍 झाड़ियों और खंडहरों से बरामद हुआ गाड़ियों का जखीरा
जब पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उनकी निशानदेही पर गुप्त ठिकानों (झाड़ियों और खंडहरों) से 11 और गाड़ियां बरामद हुईं।
बरामद वाहनों का कुल विवरण:
लग्जरी बुलेट: 7 मोटरसाइकिलें (यू0के0-07-डीएक्स 2536, यू0के0-07-एफजे-9383 सहित अन्य)
एक्टिवा स्कूटी: 3 गाड़ियां
स्प्लेंडर: 2 मोटरसाइकिलें
सीटी-100: 1 मोटरसाइकिल
(नोट: आरोपियों ने कबूला कि उनकी 1 बुलेट हरिद्वार के श्यामपुर और 1 हरियाणा के पानीपत में पुलिस पहले ही सीज़ कर चुकी है।)
🎭 गिरफ्तार आरोपी और उनका चौंकाने वाला 'मोडस ऑपरेंडी'
आरोपियों की पहचान: विवेक सिंह विश्नोई (उम्र 23 वर्ष) और गुरप्रीत सिंह (उम्र 20 वर्ष)। दोनों हरिद्वार के श्यामपुर कांगड़ी इलाके के रहने वाले हैं।
चोरी का तरीका: दोनों दिन में सुनसान जगहों पर खड़ी महंगी बुलेट की रेकी करते थे और मौका पाकर लॉक तोड़ देते थे।
पहचान छुपाने का पैंतरा: सीसीटीवी और पुलिस से बचने के लिए ये तुरंत नंबर प्लेट उखाड़ कर फेंक देते थे और मुख्य हाईवे के बजाय गलियों के रास्तों से भागते थे।
शौक के लिए 'किराए' पर गाड़ियां: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब तक गाड़ियों को राज्य से बाहर बेचने का सौदा पक्का नहीं होता था, तब तक ये अपने शौक और जेब खर्च के लिए इन चोरी की गाड़ियों को अपने जान-पहचान वालों को 'किराए' पर दे देते थे।
👮 Commercial/Legal Action: पुलिस टीम को नकद पुरस्कार, आरोपियों पर सख्त धाराएं
इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने वाली टीम (प्रभारी निरीक्षक विनोद सिंह गुसाईं, व0उ0नि0 प्रमोद शाह, उ0नि0 प्रवीन पुण्डीर, उ0नि0 जयवीर सिंह आदि) को एसएसपी देहरादून ने ₹2,500 के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
दोनों अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 317(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
💬 आपकी राय और सुरक्षा के लिए सबक
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