सीबीएलयू में विभिन्न समस्याओं को लेकर एनएसयूआई ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, एबीवीपी-प्रशासन की मिलीभगत की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
विश्वविद्यालय किसी एक संगठन की जागीर नहीं, पक्षपात की हो निष्पक्ष जांच : मनजीत लांग्यान
भिवानी, 25 अगस्त : चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय में व्याप्त विभिन्न शैक्षणिक व प्रशासनिक समस्याओं तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली के विरोध में एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष मंजीत लांगयान के नेतृत्व में मंगलवार को विद्यार्थियों ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस बल की मौजूदगी के बीच छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर कुलपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान मंजीत लांगयान ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विश्वविद्यालय किसी एक छात्र संगठन की जागीर नहीं है, बल्कि यह सभी विद्यार्थियों का है। उन्होंने कुलसचिव द्वारा एक राजनीतिक छात्र संगठन (एबीवीपी) के कार्यक्रम में उनका पटका पहनने के मामले को प्रमुखता से उठाया। लांगयान ने कहा कि रजिस्ट्रार जैसे जिम्मेदार और वैधानिक पद पर बैठे अधिकारी से सभी संगठनों के प्रति निष्पक्षता और तटस्थ व्यवहार की उम्मीद की जाती है। एबीवीपी और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कथित मिलीभगत, पक्षपात और विशेष संरक्षण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी नियम या सेवा आचरण का उल्लंघन हुआ है, तो उस पर सख्त कार्रवाई हो। इस दौरान ज्ञापन के माध्यम से एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मनजीत लांग्यान ने मांग उठाई कि परीक्षा परिणामों में नाम, अंक या किसी भी विश्वविद्यालय स्तर की त्रुटि का सुधार नि:शुल्क और समयबद्ध किया जाए। पुनर्मूल्यांकन का परिणाम 20 दिनों के भीतर घोषित हो और लंबित डीएमसी तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। डीएमसी को डिजिलॉकर पर भी अपलोड किया जाए। री-अपीयर फॉर्म भरते समय आ रही तकनीकी खामियों को दूर कर अंतिम तिथि बढ़ाई जाए। साथ ही, बढ़ी हुई परीक्षा और री-अपीयर फीस को तुरंत वापस लिया जाए। प्रेमनगर स्थित नवीन परिसर के लिए भिवानी बस स्टैंड से पर्याप्त बसों का संचालन, ई-रिक्शा की सुविधा और पुराने परिसर में स्वच्छ व सस्ती कैंटीन की व्यवस्था की जाए। एक पारदर्शी और जवाबदेह छात्र सहायता केंद्र की स्थापना की जाए, जहां शिकायतों का 7 दिनों के भीतर समाधान हो। मंजीत लांगयान ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने केवल खोखले आश्वासन देने के बजाय लिखित में स्पष्ट समय सीमा तय कर समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो एनएसयूआई विद्यार्थियों के अधिकारों और सम्मान के लिए उग्र एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस प्रदर्शन में तोशाम, भिवानी, बवानी खेड़ा, लोहारू सहित विभिन्न क्षेत्रों के कॉलेजों एवं चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थी मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर छात्रहित की मांगों को बुलंद किया।