रा.मा.सं.सी.सै. स्कूल में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा जनजागरण अभियान का आयोजन
माता-पिता, गुरुजनों व बुजुर्गों का आदर ही है वास्तविक उन्नति की पहली सीढ़ी : गोपाल तंवर
युवा पीढ़ी संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति को बनाए जीवन का आधार : गोपाल तंवर
भिवानी, 25 अगस्त : आधुनिकता की दौड़ में जब युवा पीढ़ी तेजी से तकनीक और पश्चिमी प्रभाव की ओर बढ़ रही है, तब उन्हे अपनी जड़ों, गौरवशाली परंपराओं और उच्च मानवीय मूल्यों से जोडऩे की एक विशेष पहल भिवानी में देखने को मिली। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल भिवानी द्वारा चलाए जा रहे विशेष जनजागरण अभियान के तहत स्थानीय राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सैकेंडरी स्कूल में एक प्रेरणादायी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं के भीतर सनातन मूल्यों, नैतिक संस्कारों और देशप्रेम की अलख जगाना था। संवाद के बाद बच्चों को नशा मुक्ति और संस्कार के प्रति शपथ दिलाई गई कि बच्चे नशे से और बुरी संगत से दूर रहे। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला मंत्री तथा श्री देवसर धाम जनकल्याण सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य गोपाल तंवर ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका का बोध कराया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिला मंत्री गोपाल तंवर ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक भू-भाग नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। आज की युवा पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ अपनी सनातन जड़ों, नैतिक मूल्यों और मैं नहीं, राष्ट्र पहले के भाव को आत्मसात करना होगा। देश हमें पहचान, सुरक्षा और संसाधन सब कुछ प्रदान करता है, ऐसे में हमारा भी यह परम दायित्व बनता है कि हम समाज और राष्ट्र के कल्याण में अपना सर्वोच्च योगदान दें। उन्होंने विद्यार्थियों के दैनिक जीवन में संस्कारों के व्यावहारिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि माता-पिता, गुरुजनों और बुजुर्गों का आदर ही किसी भी व्यक्ति की वास्तविक उन्नति की पहली सीढ़ी है। उन्होंने युवाओं को समयबद्धता, अनुशासन और सत्य के मार्ग पर चलने की सीख दी। साथ ही, उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण, जल और वृक्षों के संरक्षण को प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताया। डिजिटल युग की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल और इंटरनेट का सीमित व जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और ऑनलाइन शिष्टाचार बनाए रखने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त मानसिक एकाग्रता और शारीरिक सुदृढ़ता के लिए दैनिक जीवन में योग एवं प्राणायाम को अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या सविता घनघस, उपप्राचार्य राकेश रोहिल्ला, देवांशी, जितेंद्र शास्त्री, राकेश वाधवा, मनोज शर्मा, आशुतोष शर्मा, राजेंद्र शर्मा, सुमन पूनिया, राजकुमार, विनय कुमार, हेमंत, रितु शास्त्री, प्रवीन शास्त्री, अनीता सहित पूरा शिक्षक स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।