भिवानी में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा
वादाखिलाफी और पुलिसिया दमन से भडक़े कर्मचारी, 26 को डीसी दफ्तर का करेंगे घेराव, आर-पार की लड़ाई का ऐलान
कर्मचारियों से हुए समझौते को लागू करने की बजाए बेशर्मी से नकारते हुए तानाशाही पर उतर आई सरकार : सुमेर आर्य
भिवानी, 25 अगस्त : हरियाणा सरकार की हठधर्मिता, वादाखिलाफी और शांतिपूर्ण हड़ताल कर रहे निकाय कर्मचारियों पर हो रहे पुलिसिया दमन के खिलाफ सर्व कर्मचारी संघ में भारी आक्रोश है। 13 मई को हुए समझौते को लागू न करने से भडक़े विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। इसी कड़ी में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला भिवानी कीब बैठक मंगलवार को स्थानीय नगर पालिका कर्मचारी संघ के कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में कड़े शब्दों में सरकार की निंदा करते हुए ऐलान किया गया कि निकाय कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में आगामी 26 अगस्त को उपायुक्त कार्यालय का जोरदार घेराव किया जाएगा।
बैठक में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के देशव्यापी आह्वान पर प्रदर्शन की रणनीति तय की गई। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुमेर सिंह आर्य, जिला सचिव धर्मवीर सिंह भाटी और ब्लॉक प्रधान अशोक गोयत ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार ने 13 मई को नगरपालिका कर्मचारी महासंघ के साथ जो समझौता किया था, उसे बेशर्मी से दरकिनार कर दिया गया है। समझौते को लागू करने की बजाय सरकार तानाशाही पर उतर आई है और हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की गिरफ्तारियां कर पुलिसिया दमन चक्र चला रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि 26 अगस्त के विशाल प्रदर्शन के जरिए हरियाणा सरकार के सफाई कर्मचारियों के प्रति इस शत्रुतापूर्ण और उपेक्षापूर्ण रवैये को पूरे देश के सामने बेनकाब किया जाएगा।
सरकार के तानाशाही रवैये पर कड़ा रोष जताते हुए सीटू नेता सुखदेव और हरियाणा विद्यालय के राज्य संगठन सचिव ने कहा कि सरकार बातचीत से समाधान निकालने की बजाय पुलिस बल के दम पर हड़ताल को कुचलना चाहती है। कई जिलों में महिला कर्मचारियों तक को नहीं बख्शा गया और सैकड़ों हड़ताली कर्मचारियों को गिरफ्तार कर उनके उत्पीडऩ की घोर निंदनीय कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि इस तरह की दमनात्मक कार्रवाई से हालात सुधरने की बजाय और बिगड़ेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी इस अंधी और गूंगी सरकार की होगी।
इस मौके पर पूर्व जिला प्रधान सूरजभान जटासरा ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को सरकार का एक बड़ा धोखा करार दिया। उन्होंने कहा कि निगम की अधिसूचना से साफ है कि इसके तहत लगा कर्मचारी कभी रेगुलर होने या समान काम-समान वेतन का दावा नहीं कर सकता। 58 साल की जॉब सिक्योरिटी का दावा महज एक सफेद झूठ और कर्मचारियों को जीवन भर कच्चा रखने की गहरी साजिश है। जटासरा ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे 6 अगस्त से चल रही इस हड़ताल पर अपनी रहस्यमयी चुप्पी तोड़ें और तुरंत हस्तक्षेप करें। वहीं बिजली विभाग से राज्य सचिव व कर्मचारी नेता लोकेश ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार इस हड़ताल को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। पिछली दो बैठकों से संबंधित विभाग के मंत्री ही गायब रहे हैं, जो सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
नेता लोकेश ने यह भी स्पष्ट किया कि 10-15 सालों से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा समाप्त करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी इस संदर्भ में कई आदेश दे चुके हैं। असल में सरकार इस डर से कांप रही है कि यदि एक विभाग के कर्मचारियों को पक्का किया, तो बाकी विभागों में भी यह मांग जोर पकड़ेगी।
बैठक में सरकार की इस दमनकारी नीति के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए नगर पालिका कर्मचार संघ के राज्य उपप्रधान पुरूषोत्तम दानव, जनस्वास्थ्य विभाग से अनिल बागड़ी, राजकुमार, बिजली बोर्ड से लोकेश, राजकुमार, बिजली बोर्ड से लोकेश, नगर पालिका से प्रधान जय ङ्क्षहद, फायर बिग्रेड से अजय श्योराण, नरेंद्र, गौरव शर्मा, रवि, प्रदीप, सुशील सिवानी प्रधान, गोविंद बुला, प्रवीण, रमेश सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक जंग लडऩे का संकल्प लिया।