पुरानी पेंशन बहाली को लेकर गरजे शिक्षक-कर्मचारी, तिरंगा यात्रा निकाल डीएम कार्यालय पहुंचे
निजीकरण के विरोध में अटेवा का जोरदार प्रदर्शन, पुरानी पेंशन बहाली को बताया कर्मचारियों का अधिकार
संतकबीरनगर। पुरानी पेंशन योजना की बहाली, निजीकरण के विरोध तथा शिक्षकों-कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अटेवा के आह्वान पर शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार तिरंगा यात्रा निकाली गई। जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के प्रांगण से शुरू हुई यात्रा जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंची, जहां संगठन की ओर से मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।तिरंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य पुरानी पेंशन बहाल कराने, निजीकरण का विरोध करने और पुराने शिक्षकों को वेतन की अनिश्चितता से मुक्त कराने की मांग को प्रमुखता से उठाना रहा। हाथों में तिरंगा लेकर शिक्षक-कर्मचारियों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए अटेवा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार चौधरी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली अटेवा का संकल्प है। जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी अपने भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।
मंडलीय मंत्री डॉ. मुकेश कुमार यादव ने कहा कि शिक्षक-कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली और अन्य महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान के लिए अटेवा संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जा चुकी है, ऐसे में उत्तर प्रदेश में भी कर्मचारियों की इस मांग पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
वक्ताओं ने निजीकरण पर भी सवाल उठाए। अटेवा जिला महामंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सेवाओं में निजीकरण का बढ़ता प्रभाव आम जनता के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। निजीकरण के कारण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रभावित होने की बात भी उठाई गई।
वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं बल्कि उनके बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। इसलिए सरकार को कर्मचारियों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।तिरंगा यात्रा में राजेश कुमार मौर्य, परमेश्वर गौतम, ग्राम पंचायत कर्मचारी अध्यक्ष, अरुण, शशांक सिंह, अजय प्रसाद, अर्जुन सरकार, क्षितिज पाठक, संजीव यादव, विवेकानंद, अमरेश चौधरी, रवि, राकेश, राजेश पांडेय, संतोष कुमार, नीरज, सुरेंद्र कुमार, आनंद, उपेंद्राज यादव, प्रदीप कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, आरपी यादव, उमेश पाठक, संत कुमार मौर्य, कन्हैयालाल, कन्हैयालाल लाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अंत में संगठन की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया तथा पुरानी पेंशन बहाली तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।