*भूमि धोखाधड़ी प्रकरण में थाना कलान पुलिस की बड़ी कार्यवाही, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार ।*
आपको बता दें
वादी मोरपाल पुत्र शिवराज निवासी गोविन्द नगला, थाना उसहैत, जनपद बदायूँ द्वारा दिनांक 05.09.2022 को अभियुक्तगण द्वारा वादी की भूमि गाटा संख्या 418, रकबा 0.898 हे0 में से 0.298 हे0 बैनामाशुदा भूमि को पुनः फर्जी तरीके से बंधक रखकर ₹1,09,500/- का ऋण प्राप्त करने, भूमि को हड़पने की नीयत से ₹1,00,000/- में सौदा कर ₹80,000/- लेकर विपिन के नाम इकरारनामा करने, पुनः ऋण प्राप्त करने तथा वादी के साथ गाली-गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया था। उक्त प्रार्थना पत्र की पूर्व में क्षेत्राधिकारी जलालाबाद द्वारा जांच की गई, जिसमें अभिलेखीय साक्ष्यों के परीक्षण के आधार पर अभियुक्तगण द्वारा धोखाधड़ी किए जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए गए। जिसके आधार पर थाना कलान पर मु0अ0सं0 210/26 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 323, 504, 506 भादवि पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन से अभियुक्त जितेन्द्र कुमार पुत्र नेत्रपाल मौर्य निवासी ग्राम गियुतिया, थाना परौर, जनपद शाहजहाँपुर का नाम प्रकाश में आया। अभियुक्त जितेन्द्र कुमार को दिनांक 04.09.2026 को विवेचना के क्रम में आवश्यक पूछताछ हेतु थाना बुलाया गया। पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पाया जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त को नियमानुसार मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त का विवरणः-
जितेन्द्र कुमार पुत्र नेत्रपाल मौर्य उम्र करीब 31 वर्ष निवासी ग्राम गियुतिया, थाना परौर, जिला शाहजहाँपुर ।
*पंजीकृत अभियोग का विवरणः-*
मु0अ0सं0 210/26 धारा 419,420,467,468,471,323,504,506 भादवि थाना कलान, जनपद शाजहाँपुर ।
*पूछताछ का विवरणः-*
अभियुक्त जितेन्द्र कुमार उपरोक्त ने पूछताछ में बताया कि वह तहसील कलान में प्राइवेट अधिवक्ता के रूप में कार्य करता है। अभियुक्त ने बताया कि जयवीर पुत्र छत्तर निवासी ग्राम बिरिया, थाना कलान, जनपद शाहजहाँपुर द्वारा दिनांक 25.06.2024 को विपिन पुत्र गिरीश निवासी बाराकलां, थाना कलान, जनपद शाहजहाँपुर के पक्ष में अपनी भूमि का ₹1,00,000/- में इकरारनामा कराया गया था, जिसमें विपिन द्वारा अपने बैंक खाते से ₹80,000/- जयवीर के बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए थे तथा शेष ₹20,000/- बैनामा के समय दिया जाना तय हुआ था। उक्त इकरारनामा पर अभियुक्त द्वारा बतौर गवाह हस्ताक्षर किए गए थे तथा इकरारनामा से संबंधित कागजात भी अभियुक्त द्वारा तैयार किए गए थे। अभियुक्त ने यह भी बताया कि इससे पूर्व जयवीर द्वारा उक्त भूमि का बैनामा हाकिम सिंह के पक्ष में किया गया था, जिसके संबंध में कार्यवाही के भय से उसके, जयवीर एवं विपिन द्वारा उक्त इकरारनामा निरस्त करा दिया गया था। अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि पैसों के लालच के कारण उसने उक्त कार्य किया था।