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पति की मौत के बाद उजड़ गया आशियाना, पांच मासूम बच्चों के साथ भूख और बेबसी से जूझ रही विधवा; सरकार से लगाई जीवन बचाने की गुहार हरदोई। हरियावां विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपरी-नेवादा की रहने वाली पूनम सिंह के लिए पति की मौत के बाद जिंदगी मानो थम सी गई है। तीन माह पहले बीमारी से पति सुधीर कुमार सिंह के निधन के बाद अब पांच मासूम बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उनके कमजोर कंधों पर आ गई है। आर्थिक तंगी इस कदर है कि कई बार बच्चों को दिन में केवल एक वक्त का भोजन ही नसीब हो पाता है। पूनम सिंह ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके परिवार के पास न तो रहने के लिए पक्का घर है और न ही आय का कोई स्थायी साधन। चार बेटियों और सात वर्षीय बेटे के पालन-पोषण की चिंता उन्हें हर पल सता रही है। बच्चों की पढ़ाई, भोजन और भविष्य सब कुछ अनिश्चितता के बीच झूल रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी परिवार तक नहीं पहुंच पा रहा है। राशन कार्ड में बच्चों के नाम दर्ज नहीं हैं, जबकि दो बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी अब तक नहीं बन सके हैं। ऐसे में परिवार खाद्यान्न, पेंशन और अन्य सरकारी सहायता से भी वंचित है। पूनम सिंह ने जिलाधिकारी से विधवा पेंशन, राशन कार्ड में बच्चों के नाम दर्ज कराने, आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र बनवाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा परिवार की जांच कर तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। यह मामला केवल एक परिवार की बेबसी नहीं, बल्कि उन सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़ा करता है, जिनका उद्देश्य संकटग्रस्त और असहाय परिवारों को समय पर सहारा देना है। पति की मृत्यु के तीन महीने बाद भी यदि एक विधवा अपने पांच छोटे बच्चों के साथ भूख, अभाव और असुरक्षा में जीवन बिताने को मजबूर है, तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। अब निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि वह इस परिवार की स्थिति का संज्ञान लेकर केवल औपचारिक जांच तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद परिवार को शीघ्र राहत और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ उपलब्ध कराए, ताकि पांच मासूम बच्चों का भविष्य अभाव और भूख की भेंट न चढ़े।

Bilgram, Hardoi | Jul 11, 2026

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विश्व जनसंख्या दिवस पर जागरूकता रैली निकली, 11 से 18 जुलाई तक चलेगा परिवार नियोजन अभियान

हरदोई। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिला पुरुष चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस का उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल परिवार की अवधारणा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि छोटा परिवार न केवल मां और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की आधारशिला है, बल्कि परिवार के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रैली के माध्यम से लोगों को छोटे परिवार के लाभ, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों की जानकारी दी गई। इस दौरान लोगों से परिवार नियोजन अपनाने और जिम्मेदार अभिभावक बनने का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका शुक्ला, परिवार नियोजन काउंसलर गरिमा शुक्ला, स्टाफ नर्स शशि देवी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी इंद्रभूषण सिंह, एफपीएलएमआईएस प्रबंधक किन्दरलाल, स्त्री क्लिनिक संस्था से स्नेहा मिश्रा, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं निर्मला नर्सिंग इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राएं, निर्मला नर्सिंग इंस्टीट्यूट से मृदुल पांडे सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं अधिकारी मौजूद रहे।

11 से 18 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में जनपद में 11 से 18 जुलाई तक परिवार नियोजन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के सुरक्षित एवं प्रभावी साधनों, उनके लाभ तथा छोटे परिवार के महत्व के बारे में जानकारी देंगे।

उन्होंने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधन निःशुल्क उपलब्ध हैं। इच्छुक लाभार्थी अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पर पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से परिवार नियोजन के उपलब्ध साधनों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यकता के अनुसार उनका उपयोग करने तथा स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।

विश्व जनसंख्या दिवस पर जागरूकता रैली निकली, 11 से 18 जुलाई तक चलेगा परिवार नियोजन अभियान हरदोई। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिला पुरुष चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस का उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल परिवार की अवधारणा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि छोटा परिवार न केवल मां और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की आधारशिला है, बल्कि परिवार के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रैली के माध्यम से लोगों को छोटे परिवार के लाभ, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों की जानकारी दी गई। इस दौरान लोगों से परिवार नियोजन अपनाने और जिम्मेदार अभिभावक बनने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका शुक्ला, परिवार नियोजन काउंसलर गरिमा शुक्ला, स्टाफ नर्स शशि देवी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी इंद्रभूषण सिंह, एफपीएलएमआईएस प्रबंधक किन्दरलाल, स्त्री क्लिनिक संस्था से स्नेहा मिश्रा, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं निर्मला नर्सिंग इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राएं, निर्मला नर्सिंग इंस्टीट्यूट से मृदुल पांडे सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं अधिकारी मौजूद रहे। 11 से 18 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में जनपद में 11 से 18 जुलाई तक परिवार नियोजन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के सुरक्षित एवं प्रभावी साधनों, उनके लाभ तथा छोटे परिवार के महत्व के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधन निःशुल्क उपलब्ध हैं। इच्छुक लाभार्थी अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पर पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से परिवार नियोजन के उपलब्ध साधनों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यकता के अनुसार उनका उपयोग करने तथा स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।

Bilgram, Hardoi | Jul 11, 2026

हरदोई में बाल श्रम और मिड-डे मील अनियमितताओं का मामला गरमाया, आयोगों की सख्ती के बीच प्रशासन पर उठे सवाल

हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालय कोटरा, विकास खंड टड़ियावां से जुड़ा बाल श्रम और मिड-डे मील में कथित अनियमितताओं का मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक मंचों तक पहुंच गया है। विद्यालय के सहायक अध्यापक विनोद कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने संज्ञान लेते हुए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई और जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं मामले को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।

शिकायतकर्ता शिक्षक का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों से कई दिनों तक ईंट ढुलवाने और शौचालय का मलबा उठवाने जैसा कार्य कराया गया, जिसके वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं। उनका यह भी आरोप है कि मिड-डे मील योजना के तहत पिछले दो वर्षों से दूध वितरण में अनियमितताएं हुईं और शासन द्वारा निर्धारित मात्रा से कम दूध बच्चों को दिया गया। शिकायत में इन सभी आरोपों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले में आरोपित प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र और एक अन्य कर्मचारी का वेतन बहाल कर दिया गया, जबकि शिकायत उजागर करने वाले शिक्षक तथा विद्यालय की रसोइयों का वेतन अब भी रोका गया है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई प्रतिशोध की भावना से की गई है।

मामले में मानवाधिकार आयोग द्वारा जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए थे। आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत न होने पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 निर्धारित की है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी समय-समय पर संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) तथा सहायक श्रमायुक्त की त्रिसदस्यीय समिति गठित की है। समिति को वित्तीय अभिलेखों, मिड-डे मील से जुड़े रिकॉर्ड तथा बाल श्रम से संबंधित आरोपों की जांच कर निर्धारित अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि इस पूरे प्रकरण में कुछ अहम सवाल अब भी बने हुए हैं। यदि संबंधित अधिकारियों द्वारा पहले ही कुछ तथ्यों की पुष्टि की जा चुकी थी और विभिन्न आयोग लगातार कार्रवाई के निर्देश दे रहे थे, तो अब तक कथित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई? शिकायतकर्ता का वेतन लंबे समय से रोके जाने के पीछे क्या कारण हैं? और सबसे महत्वपूर्ण यह कि क्या नई जांच समिति निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय करेगी?

फिलहाल पूरे मामले पर शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित आयोगों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकार के निर्णय के बाद ही होगी।

हरदोई में बाल श्रम और मिड-डे मील अनियमितताओं का मामला गरमाया, आयोगों की सख्ती के बीच प्रशासन पर उठे सवाल हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालय कोटरा, विकास खंड टड़ियावां से जुड़ा बाल श्रम और मिड-डे मील में कथित अनियमितताओं का मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक मंचों तक पहुंच गया है। विद्यालय के सहायक अध्यापक विनोद कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने संज्ञान लेते हुए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई और जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं मामले को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता शिक्षक का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों से कई दिनों तक ईंट ढुलवाने और शौचालय का मलबा उठवाने जैसा कार्य कराया गया, जिसके वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं। उनका यह भी आरोप है कि मिड-डे मील योजना के तहत पिछले दो वर्षों से दूध वितरण में अनियमितताएं हुईं और शासन द्वारा निर्धारित मात्रा से कम दूध बच्चों को दिया गया। शिकायत में इन सभी आरोपों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले में आरोपित प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र और एक अन्य कर्मचारी का वेतन बहाल कर दिया गया, जबकि शिकायत उजागर करने वाले शिक्षक तथा विद्यालय की रसोइयों का वेतन अब भी रोका गया है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई प्रतिशोध की भावना से की गई है। मामले में मानवाधिकार आयोग द्वारा जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए थे। आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत न होने पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 निर्धारित की है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी समय-समय पर संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) तथा सहायक श्रमायुक्त की त्रिसदस्यीय समिति गठित की है। समिति को वित्तीय अभिलेखों, मिड-डे मील से जुड़े रिकॉर्ड तथा बाल श्रम से संबंधित आरोपों की जांच कर निर्धारित अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस पूरे प्रकरण में कुछ अहम सवाल अब भी बने हुए हैं। यदि संबंधित अधिकारियों द्वारा पहले ही कुछ तथ्यों की पुष्टि की जा चुकी थी और विभिन्न आयोग लगातार कार्रवाई के निर्देश दे रहे थे, तो अब तक कथित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई? शिकायतकर्ता का वेतन लंबे समय से रोके जाने के पीछे क्या कारण हैं? और सबसे महत्वपूर्ण यह कि क्या नई जांच समिति निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय करेगी? फिलहाल पूरे मामले पर शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित आयोगों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकार के निर्णय के बाद ही होगी।

Bilgram, Hardoi | Jul 11, 2026

जनसुनवाई में डीएम ने सुनीं 79 शिकायतें, अधिकारियों को दिए त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

हरदोई। कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी अनुनय झा ने आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 79 शिकायतें प्राप्त हुईं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई के दौरान प्राप्त कुछ शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान कराया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दीपाली भार्गव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जनसुनवाई में डीएम ने सुनीं 79 शिकायतें, अधिकारियों को दिए त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश हरदोई। कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी अनुनय झा ने आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 79 शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त कुछ शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान कराया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दीपाली भार्गव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Bilgram, Hardoi | Jul 10, 2026

राजेश्वरी देवी ने प्रेस वार्ता में लगाया छवि खराब करने का आरोप, पत्रकार पर एकतरफा खबरें प्रकाशित करने का दावा

हरदोई। पूर्व विधायक एवं समाजवादी पार्टी की नेत्री राजेश्वरी देवी ने प्रेस वार्ता कर एक पत्रकार पर उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से तथ्यहीन और एकतरफा खबरें प्रकाशित करने का आरोप लगाया है।

राजेश्वरी देवी ने कहा कि उनका और उनकी पुत्रवधू के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा है, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद पत्रकार राकेश कुमार द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार एकतरफा खबरें प्रसारित कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सभी पक्षों का तथ्य जाने खबरें प्रकाशित की जा रही हैं, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि न्यायालय में लंबित मामलों पर तथ्यों के साथ ही खबर प्रकाशित की जानी चाहिए।

गौरतलब है कि पत्रकार राकेश कुमार पूर्व में भी विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके विरुद्ध शाहाबाद और बिलग्राम में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और बवाल जैसे आरोपों से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा हाल ही में उनकी पत्नी नेहा दीक्षित, जिन्होंने पत्रकारिता छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी, और तत्कालीन सपा जिलाध्यक्ष से जुड़ा विवाद भी चर्चा में रहा था।

राजेश्वरी देवी ने प्रेस वार्ता में लगाया छवि खराब करने का आरोप, पत्रकार पर एकतरफा खबरें प्रकाशित करने का दावा हरदोई। पूर्व विधायक एवं समाजवादी पार्टी की नेत्री राजेश्वरी देवी ने प्रेस वार्ता कर एक पत्रकार पर उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से तथ्यहीन और एकतरफा खबरें प्रकाशित करने का आरोप लगाया है। राजेश्वरी देवी ने कहा कि उनका और उनकी पुत्रवधू के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा है, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद पत्रकार राकेश कुमार द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार एकतरफा खबरें प्रसारित कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सभी पक्षों का तथ्य जाने खबरें प्रकाशित की जा रही हैं, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि न्यायालय में लंबित मामलों पर तथ्यों के साथ ही खबर प्रकाशित की जानी चाहिए। गौरतलब है कि पत्रकार राकेश कुमार पूर्व में भी विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके विरुद्ध शाहाबाद और बिलग्राम में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और बवाल जैसे आरोपों से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा हाल ही में उनकी पत्नी नेहा दीक्षित, जिन्होंने पत्रकारिता छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी, और तत्कालीन सपा जिलाध्यक्ष से जुड़ा विवाद भी चर्चा में रहा था।

Bilgram, Hardoi | Jul 10, 2026