दुष्कर्म के एक पुराने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पटना हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा को रद्द करते हुए आरोपी को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की एकलपीठ ने आपराधिक अपील स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया।