"हर स्कूल तक पहुँचा 'प्लास्टिक मुक्त भारत' का संदेश – नन्हीं पर्यावरण योद्धा श्रेया कुमावत प्रधानमंत्री के हरित भारत संकल्प को बना रही हैं जनआंदोलन"
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-अखिल विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय, कोठार मोहल्ला, शाहपुरा में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवा बाल पर्यावरण योद्धा ग्रीन लिटिल बेबी नाम से प्रशिद्ध श्रेया कुमावत ने विद्यार्थियों को "प्लास्टिक मुक्त भारत – हरित भारत" अभियान के अंतर्गत दैनिक जीवन में प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
श्रेया कुमावत ने विद्यार्थियों से कहा कि "प्लास्टिक जितनी सस्ती दिखाई देती है, उसके दुष्परिणाम उतने ही गंभीर और घातक होते हैं। हमें आवश्यकता के अनुसार ही प्लास्टिक का उपयोग करना चाहिए तथा घरों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को सड़कों, नालियों या खुले स्थानों पर फेंकने के बजाय अलग-अलग एकत्र कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजना चाहिए।"
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि राजस्थान के पाली जिले के बिलासपुर गांव में प्रकति प्रेमी काना राम मेवाड़ा द्वारा स्थापित राज्य का पहला प्लास्टिक रीसाइक्लिंग केंद्र पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुका है। वहां बेकार प्लास्टिक से फर्नीचर, टेबल, बेंच, डस्टबिन, गमले सहित अनेक उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इस पहल से आसपास के गांवों में प्लास्टिक कचरा काफी हद तक कम हुआ है और लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक हुए हैं।
श्रेया ने बच्चों से आह्वान किया कि वे अपने घरों में आने वाले प्लास्टिक को अलग से एकत्र करें, बाजार जाते समय कपड़े का थैला साथ रखें, सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बचें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी प्लास्टिक रीसाइक्लिंग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के कारण पशु-पक्षी इसे खाकर बीमार हो जाते हैं, नालियां जाम होती हैं और शहरों-गांवों की स्वच्छता प्रभावित होती है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए तो हमारा शहर और देश स्वच्छ, सुंदर और हराभरा बन सकता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य कपिल निम्बार्क ने श्रेया कुमावत को दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा उनके पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान बच्चों में प्रकृति और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
उल्लेखनीय है कि श्रेया कुमावत पिछले कई वर्षों से विद्यालयों, सार्वजनिक मंचों एवं विभिन्न सरकारी और सामाजिक आयोजनों में पहुंचकर पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त भारत, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए जनजागरण अभियान चला रही हैं। हर विद्यालय की प्रार्थना सभा में पहुंचकर बच्चों को प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों और रीसाइक्लिंग के महत्व एवं प्रतेक बच्चे को एक पेड़ लगाकर बडा होने तक सरक्षण करने का सकल्प दिलाया के बारे में जागरूक करना उनका विशेष मिशन बन चुका है।
हाल हीं मे माननीय मुख्यमंत्री द्वारा श्रेया के कार्यों की जमकर राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम के खुले मंच पर प्रशंसा किया है।