रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव में मजदूरी के विवाद को लेकर चंद्रेश्वर चौधरी की हत्या के बाद हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से 12 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हत्या के मुख्य आरोपी अजीत तिवारी और उसके पुत्र चिंगारी तिवारी को घटना के करीब पांच घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं, आरोपी के घर से 21 कारतूस और घर के बाहर से पांच खोखे बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 की सुबह करीब 6:30 बजे दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव में अजीत तिवारी के घर पर चंद्रेश्वर चौधरी, उम्र 55 वर्ष, निवासी मिल्की मनियारी, की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को बक्सर जिले के सिकरौल थाना क्षेत्र में नहर में फेंक दिया गया था।
घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों और कुछ असामाजिक तत्वों ने अजीत तिवारी के घर, ट्रैक्टर और हार्वेस्टर में आग लगा दी। सूचना मिलने के करीब आधे घंटे के भीतर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें 8 से 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
घटनास्थल पर पहुंचे रोहतास के पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया।
तीन अलग-अलग मामले दर्ज
मृतक चंद्रेश्वर चौधरी की हत्या के मामले में दिनारा थाना कांड संख्या 378/26, दिनांक 5 अगस्त 2026 के तहत अजीत तिवारी सहित पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें हत्या से संबंधित धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस टीम पर हमले के मामले में दिनारा थाना कांड संख्या 379/26 दर्ज किया गया है, जिसमें 16 नामजद तथा 300-400 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
वहीं, अजीत तिवारी की पत्नी द्वारा घर में तोड़फोड़ एवं आगजनी को लेकर दिए गए आवेदन के आधार पर दिनारा थाना कांड संख्या 380/26 दर्ज किया गया है। इसमें भी 16 नामजद और 300-400 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पांच घंटे में गाजीपुर से पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने बताया कि घटना के करीब पांच घंटे के भीतर मुख्य आरोपी अजीत तिवारी और उसके पुत्र चिंगारी तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद 6 अगस्त की सुबह करीब 10:30 बजे चंद्रेश्वर चौधरी का शव बक्सर जिले के सिकरौल थाना क्षेत्र स्थित नहर से बरामद किया गया।
आरोपियों के घर की छापेमारी के दौरान पुलिस ने 21 कारतूस और घर के बाहर से पांच खोखे बरामद किए हैं।
CID ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीम ने भी घटनास्थल की जांच की। पुलिस उप-महानिरीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग जयंतकांत के नेतृत्व में CID की टीम दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव पहुंची और हत्या वाले घटनास्थल के साथ-साथ उस स्थान की भी जांच की, जहां आक्रोशित लोगों द्वारा अजीत तिवारी के घर में आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। CID जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
दोनों गांवों में सुरक्षा बल तैनात
तनाव को देखते हुए मृतक के गांव मिल्की और आरोपी के गांव जोगिया में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। रोहतास के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की ओर से संयुक्त प्रतिनियुक्ति आदेश भी जारी किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मृतक चंद्रेश्वर चौधरी और आरोपी अजीत तिवारी के बीच पुराना संबंध था। करीब दो वर्ष पहले चंद्रेश्वर ने अजीत तिवारी के यहां मजदूरी का काम छोड़ दिया था। पुलिस सभी दर्ज कांडों में निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामाजिक विद्वेष और सौहार्द बिगाड़ने वाले कई पोस्ट हटाए गए हैं। पुलिस के अनुसार करीब 600 पोस्ट टेकडाउन कराए गए हैं। रोहतास साइबर थाना कांड संख्या 40/26 के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों और सामाजिक विद्वेष फैलाने वाले पोस्ट के बहकावे में न आएं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ, भ्रामक एवं विभाजनकारी सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।