मंदिर विवाद में झूठी रिपोर्ट का आरोप, एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
छतरपुर। महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिंहपुर स्थित रामजानकी मंदिर को लेकर चल रहे विवाद में अब एक नया मोड़ सामने आया है। मंदिर से जुड़े सुरेश दास ने पुलिस अधीक्षक छतरपुर को आवेदन देकर रामचरन दास द्वारा उनके खिलाफ 10 सितंबर 2026 को महाराजपुर थाने में दर्ज कराई गई मारपीट की शिकायत को झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सुरेश दास का आरोप है कि वह करीब डेढ़ माह से सिंहपुर गांव में नहीं रह रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर को लेकर पहले से विवाद चल रहा है और इसी विवाद के चलते उन्हें दबाव में लेने के उद्देश्य से उनके खिलाफ कथित तौर पर झूठी शिकायत कराई गई है।
आवेदन में सुरेश दास ने दावा किया है कि उनके गुरु महंत शिवलोचन दास सिंहपुर स्थित रामजानकी मंदिर के महंत थे और उन्होंने अपने जीवनकाल में मंदिर संबंधी वसीयत उनके नाम की थी तथा परंपरा के अनुसार उन्हें महंत घोषित किया था। सुरेश दास के अनुसार मंदिर के स्वामित्व से संबंधित मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।
सुरेश दास ने आरोप लगाया कि रामचरन दास ने छतरपुर के जानराय टौरिया के महंत भगवानदास श्रृंगारी के साथ मिलकर मंदिर पर कब्जा किया और अब उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आवेदन में सुरेश दास ने यह भी कहा है कि जिस समय रामचरन दास द्वारा कथित घटना होने की बात कही जा रही है, उस समय वह अपने गांव के हेमंत तिवारी से मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने पुलिस से मोबाइल रिकॉर्ड और लोकेशन की जांच कर घटना के समय अपनी मौजूदगी की पुष्टि करने की मांग की है।
सुरेश दास ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच एसडीओपी खजुराहो से कराने और निष्पक्ष जांच के आधार पर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस जांच में दोनों पक्षों के दावों में कितनी सच्चाई सामने आती है और मंदिर विवाद से जुड़े इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।