Public App Logo
#भरतपुर। देश में राई-सरसों की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाकर भारत को खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोमवार को सेवर स्थित भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान द्वारा दो दिवसीय वार्षिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शुभारंभ समारोह में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट ने जलवायु परिवर्तन, तना गलन और ओरोबैंकी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रतिरोधी किस्मों के विकास पर जोर दिया। ​बैठक के दौरान संस्थान ने स्पीड ब्रीडिंग अनुसंधान के लिए कामदेवगिरी क्रॉप साइंस और बीपीएम-11 तथा एनआरसीएचबी-101 किस्मों के व्यवसायीकरण के लिए गुजरात की क्रोपांटा महालक्ष्मी बायोसाइंस के साथ समझौते किए। इस अवसर पर उप महानिदेशक डॉ. देवेर कुमार यादव और संस्थान के निदेशक डॉ. विजय वीर सिंह सहित प्रमुख वैज्ञानिकों ने आधुनिक जीनोमिक्स, जीन-एडिटिंग और जैव-प्रौद्योगिकी के जरिए सरसों की गुणवत्तापूर्ण किस्में विकसित करने की रणनीतियों पर चर्चा की। - Bharatpur News