जी.एस.एस.एस. साच के विद्यार्थियों ने किया आईटीआई किलाड़ का एक्सपोजर विजिट
पीपीटी प्रस्तुति और संवाद सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों ने समझे भविष्य के करियर अवसर और चुनौतियां
किलाड़ (पांगी), 8 सितंबर। जी.एस.एस.एस. साच, पांगी के विद्यार्थियों ने मंगलवार को प्री-वोकेशनल, वोकेशनल एवं राष्ट्रीय आविष्कार अभियान (RAA) के तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) किलाड़ का एक दिवसीय शैक्षणिक एक्सपोजर विजिट किया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास, बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं तथा भविष्य के करियर अवसरों से परिचित करवाना रहा।
इस दौरान आईटीआई किलाड़ के कंप्यूटर प्रशिक्षक अमरेश शर्मा ने विद्यार्थियों के लिए विशेष पीपीटी प्रस्तुति एवं विचारोत्तेजक संवाद सत्र आयोजित किया। प्रस्तुति में विद्यार्थियों को इंडस्ट्री 4.0 एवं 5.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और भविष्य के रोजगार अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों को केवल नौकरी प्राप्त करने के बजाय अपनी रुचि, क्षमता और कौशल के आधार पर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही कक्षा 9वीं और 10वीं से ही अपनी रुचियों एवं प्रतिभाओं को पहचानने तथा +1 और +2 के बाद अकादमिक, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के विभिन्न विकल्पों पर विचार करने की सलाह दी गई।
विद्यार्थियों को 21वीं सदी के चार महत्वपूर्ण कौशल—Critical Thinking, Creativity, Collaboration और Communication—के महत्व से भी अवगत करवाया गया। इसके अलावा भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए Plan A और Plan B तैयार रखने तथा आईटीआई में उपलब्ध विभिन्न इंजीनियरिंग एवं नॉन-इंजीनियरिंग ट्रेडों के अवसरों की जानकारी दी गई।
सत्र को संवादात्मक बनाने के लिए विद्यार्थियों से एआई, इंटरनेट, डिग्री, कौशल और भविष्य के करियर से जुड़े कई विचारोत्तेजक प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने चर्चा में सक्रिय भाग लेते हुए कहा कि एआई के बढ़ते दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान, रचनात्मकता, समस्या समाधान, नेतृत्व क्षमता और निरंतर सीखने की आदत सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी।
विद्यार्थियों ने यह भी माना कि तकनीक को विकास के साधन के रूप में अपनाना जरूरी है, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार बदलती परिस्थितियों के साथ स्वयं को लगातार अपडेट करते रहना और जीवनभर सीखते रहना भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण कौशलों में से एक है।
समापन अवसर पर कंप्यूटर प्रशिक्षक अमरेश शर्मा ने विद्यार्थियों को अपने पसंदीदा क्षेत्र के विशेषज्ञों और अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, सकारात्मक सोच, निरंतर सीखने और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने की क्षमता से हासिल होगी।
इस अवसर पर जी.एस.एस.एस. साच के शिक्षक कार्तिक शर्मा, प्रवक्ता भौतिक विज्ञान, बिट्टू राम, टीजीटी आर्ट्स, मिस छडेल, टीजीटी नॉन-मेडिकल तथा जीवन कुमार, आईटीईएस शिक्षक उपस्थित रहे। प्रवक्ता भौतिक विज्ञान कार्तिक शर्मा ने शैक्षणिक आयोजन की अनुमति प्रदान करने एवं समय देने के लिए एसडीएम सह-प्रधानाचार्य का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आईटीआई किलाड़ के कंप्यूटर प्रशिक्षक अमरेश शर्मा का भी ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सत्र के सफल संचालन के लिए धन्यवाद किया।
यह एक्सपोजर विजिट विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और भविष्य के करियर विकल्पों को समझने के साथ-साथ बदलती तकनीकी दुनिया के लिए स्वयं को तैयार करने का महत्वपूर्ण अनुभव रहा।
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Saach, Chamba | Sep 8, 2026