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लालू यादव की सुरक्षा हटाए जाने पर गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा सुरक्षा सरकार है जिम्मा Jitan Ram Manjhi Tejashwi Yadav #bodhgayakepublic #gayakepublic #viralreelsシ #viralreels #बिहार #BiharPolitics

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एमएलसी चुनाव 2026: अशरफ अंसारी को प्रत्याशी बनाए जाने पर उत्सव सेठ ने दी बधाई

गया: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) द्विवार्षिक चुनाव-2026 के लिए पार्टी का प्रत्याशी बनाए जाने पर गया जिला कार्यकारी जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ट उत्सव सेठ ने उनसे मुलाकात कर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

शनिवार को हुई इस मुलाकात के दौरान उत्सव सेठ ने कहा कि अशरफ अंसारी को पार्टी द्वारा एमएलसी चुनाव का उम्मीदवार बनाए जाना संगठन के कार्यकर्ताओं के लिए गर्व और उत्साह का विषय है। उन्होंने कहा कि अंसारी लंबे समय से पार्टी संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा जनहित के मुद्दों को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी संगठनात्मक क्षमता, संघर्षशीलता और पार्टी के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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एमएलसी चुनाव 2026: अशरफ अंसारी को प्रत्याशी बनाए जाने पर उत्सव सेठ ने दी बधाई गया: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) द्विवार्षिक चुनाव-2026 के लिए पार्टी का प्रत्याशी बनाए जाने पर गया जिला कार्यकारी जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ट उत्सव सेठ ने उनसे मुलाकात कर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शनिवार को हुई इस मुलाकात के दौरान उत्सव सेठ ने कहा कि अशरफ अंसारी को पार्टी द्वारा एमएलसी चुनाव का उम्मीदवार बनाए जाना संगठन के कार्यकर्ताओं के लिए गर्व और उत्साह का विषय है। उन्होंने कहा कि अंसारी लंबे समय से पार्टी संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा जनहित के मुद्दों को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी संगठनात्मक क्षमता, संघर्षशीलता और पार्टी के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। #बिहार #gayakepublic #bodhgayakepublic #viralreels #viralreelsシ #मस्ती #poltices

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 6, 2026

मगध मेडिकल में डॉक्टरों की हुंकार, मरीजों पर पड़ा भारी असर: ओपीडी ठप, सैकड़ों लौटे मायूस

मांगों पर अड़े जूनियर डॉक्टर, अस्पताल में मरीजों की बढ़ी मुश्किलें"

"मगध मेडिकल में सुविधाओं की लड़ाई, मरीजों पर पड़ा आंदोलन का वार"

"ओपीडी पर ताला, वार्डों में बेचैनी: डॉक्टरों के आंदोलन से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई"

"हॉस्टल-मेस की मांग पर डॉक्टरों का प्रदर्शन, इलाज के इंतजार में भटके मरीज"

गया। मगध प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान अनुग्रह मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को उस समय स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं, जब जूनियर डॉक्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन पर उतर आए। डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन का सीधा असर अस्पताल की ओपीडी सेवाओं पर पड़ा, जिसके कारण इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों मरीजों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के ही वापस लौटना पड़ा। अस्पताल परिसर में सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और मरीजों के साथ उनके परिजनों की परेशानी साफ दिखाई दी।

अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में गया समेत आसपास के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। शनिवार को भी सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं। कई लोग दूर-दराज के गांवों से घंटों का सफर तय कर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों के आंदोलन के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी। ओपीडी सेवाएं बाधित होने से मरीजों को न तो चिकित्सकीय सलाह मिल सकी और न ही आवश्यक उपचार। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लोगों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार अस्पताल आना उनके लिए आसान नहीं है और इस तरह की स्थिति से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब मरीजों को उठाना पड़ता है।

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल में पर्याप्त एयर कंडीशनिंग व्यवस्था नहीं होने के कारण भीषण गर्मी में काम करना बेहद कठिन हो गया था। ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी गर्मी के कारण कार्य प्रभावित हो रहा था। हालांकि हाल के विरोध के बाद कुछ स्थानों पर एयर कंडीशनर की व्यवस्था की गई है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उनकी कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें अब भी अधूरी हैं।
आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने हॉस्टल व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रथम वर्ष के कई छात्र-छात्राओं को अब तक हॉस्टल उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके कारण उन्हें निजी मकानों में रहकर पढ़ाई और प्रशिक्षण करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक और शैक्षणिक दोनों तरह की परेशानियां बढ़ रही हैं। वहीं पुराने हॉस्टल भवनों की स्थिति भी जर्जर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि भवनों की मरम्मत और नए आवासीय परिसरों का निर्माण समय की मांग है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं।

विरोध प्रदर्शन का असर केवल ओपीडी तक सीमित नहीं रहा। अस्पताल की रजिस्ट्रेशन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। शुरुआती घंटों में कुछ मरीजों का पंजीकरण किया गया, लेकिन बाद में प्रक्रिया बाधित हो गई। इससे मरीजों को जांच, परामर्श और अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं प्राप्त करने में कठिनाई हुई। कई मरीज घंटों तक काउंटर और विभागों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी।
जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर की आधारभूत संरचना को लेकर भी प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल और हॉस्टल परिसर की सड़कें खराब स्थिति में हैं। बारिश के दिनों में जलजमाव और खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया। डॉक्टरों का आरोप है कि कार्यस्थल और आवासीय परिसर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को जल्द सामान्य करने का भरोसा दिलाया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और प्रशासन लगातार उनके साथ संवाद बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी के साथ भी इस संबंध में बातचीत चल रही है।

फिलहाल अस्पताल में मरीजों और डॉक्टरों के बीच बनी यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बन गई है। एक ओर डॉक्टर बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मरीज इलाज के लिए परेशान हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और डॉक्टरों के बीच चल रही वार्ता पर टिकी है।

मगध मेडिकल में डॉक्टरों की हुंकार, मरीजों पर पड़ा भारी असर: ओपीडी ठप, सैकड़ों लौटे मायूस मांगों पर अड़े जूनियर डॉक्टर, अस्पताल में मरीजों की बढ़ी मुश्किलें" "मगध मेडिकल में सुविधाओं की लड़ाई, मरीजों पर पड़ा आंदोलन का वार" "ओपीडी पर ताला, वार्डों में बेचैनी: डॉक्टरों के आंदोलन से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई" "हॉस्टल-मेस की मांग पर डॉक्टरों का प्रदर्शन, इलाज के इंतजार में भटके मरीज" गया। मगध प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान अनुग्रह मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को उस समय स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं, जब जूनियर डॉक्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन पर उतर आए। डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन का सीधा असर अस्पताल की ओपीडी सेवाओं पर पड़ा, जिसके कारण इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों मरीजों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के ही वापस लौटना पड़ा। अस्पताल परिसर में सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और मरीजों के साथ उनके परिजनों की परेशानी साफ दिखाई दी। अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में गया समेत आसपास के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। शनिवार को भी सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं। कई लोग दूर-दराज के गांवों से घंटों का सफर तय कर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों के आंदोलन के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी। ओपीडी सेवाएं बाधित होने से मरीजों को न तो चिकित्सकीय सलाह मिल सकी और न ही आवश्यक उपचार। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लोगों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार अस्पताल आना उनके लिए आसान नहीं है और इस तरह की स्थिति से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब मरीजों को उठाना पड़ता है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल में पर्याप्त एयर कंडीशनिंग व्यवस्था नहीं होने के कारण भीषण गर्मी में काम करना बेहद कठिन हो गया था। ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी गर्मी के कारण कार्य प्रभावित हो रहा था। हालांकि हाल के विरोध के बाद कुछ स्थानों पर एयर कंडीशनर की व्यवस्था की गई है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उनकी कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें अब भी अधूरी हैं। आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने हॉस्टल व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रथम वर्ष के कई छात्र-छात्राओं को अब तक हॉस्टल उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके कारण उन्हें निजी मकानों में रहकर पढ़ाई और प्रशिक्षण करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक और शैक्षणिक दोनों तरह की परेशानियां बढ़ रही हैं। वहीं पुराने हॉस्टल भवनों की स्थिति भी जर्जर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि भवनों की मरम्मत और नए आवासीय परिसरों का निर्माण समय की मांग है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं। विरोध प्रदर्शन का असर केवल ओपीडी तक सीमित नहीं रहा। अस्पताल की रजिस्ट्रेशन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। शुरुआती घंटों में कुछ मरीजों का पंजीकरण किया गया, लेकिन बाद में प्रक्रिया बाधित हो गई। इससे मरीजों को जांच, परामर्श और अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं प्राप्त करने में कठिनाई हुई। कई मरीज घंटों तक काउंटर और विभागों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी। जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर की आधारभूत संरचना को लेकर भी प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल और हॉस्टल परिसर की सड़कें खराब स्थिति में हैं। बारिश के दिनों में जलजमाव और खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया। डॉक्टरों का आरोप है कि कार्यस्थल और आवासीय परिसर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को जल्द सामान्य करने का भरोसा दिलाया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और प्रशासन लगातार उनके साथ संवाद बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी के साथ भी इस संबंध में बातचीत चल रही है। फिलहाल अस्पताल में मरीजों और डॉक्टरों के बीच बनी यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बन गई है। एक ओर डॉक्टर बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मरीज इलाज के लिए परेशान हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और डॉक्टरों के बीच चल रही वार्ता पर टिकी है।

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 6, 2026

नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में कई अहम फैसले, नाले की सफाई और राजस्व वृद्धि पर विशेष जोर: हर वार्ड में खुलेगा आधुनिक पुस्तकालय, प्रस्ताव पारित, गांधी मैदान में लगेंगे स्मोक टॉवर

सात सरोवरों का सौंदर्यीकरण प्रारंभ, कामों को तेजी लाने का निर्देश

गया। गया नगर निगम सभागार में शनिवार को मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। जबकि बैठक का संचालन समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। इस बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, प्रदूषण नियंत्रण, राजस्व वृद्धि, विकास योजनाओं की प्रगति, पुस्तकालय निर्माण तथा सरोवरों के सौंदर्यीकरण जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद कई निर्णय पारित हुआ। बैठक में लिए गए प्रस्तावों को सोमवार को आयोजित होने वाली नगर निगम बोर्ड की बैठक में अंतिम स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।

बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, मनोज कुमार, चुन्नु खान, सरिका कुमारी, उपेंद्र कुमार, विनोद कुमार यादव, तबस्सुम परवीन समेत अन्य सदस्य एवं अधिकारी मौजूद रहे।

मानसून से पहले नाला सफाई पूरी करने का निर्देश

बैठक में सबसे अधिक चर्चा शहर की नाला एवं नाली सफाई व्यवस्था को लेकर हुई। मेयर वीरेंद्र कुमार ने स्पष्ट कहा कि मानसून का आगमन निकट है, ऐसे में जलजमाव की समस्या से बचने के लिए सभी बड़े और छोटे नालों की सफाई समय पर पूरी होना अत्यंत आवश्यक है।
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#NagarNigamGaya

नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में कई अहम फैसले, नाले की सफाई और राजस्व वृद्धि पर विशेष जोर: हर वार्ड में खुलेगा आधुनिक पुस्तकालय, प्रस्ताव पारित, गांधी मैदान में लगेंगे स्मोक टॉवर सात सरोवरों का सौंदर्यीकरण प्रारंभ, कामों को तेजी लाने का निर्देश गया। गया नगर निगम सभागार में शनिवार को मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। जबकि बैठक का संचालन समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। इस बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, प्रदूषण नियंत्रण, राजस्व वृद्धि, विकास योजनाओं की प्रगति, पुस्तकालय निर्माण तथा सरोवरों के सौंदर्यीकरण जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद कई निर्णय पारित हुआ। बैठक में लिए गए प्रस्तावों को सोमवार को आयोजित होने वाली नगर निगम बोर्ड की बैठक में अंतिम स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, मनोज कुमार, चुन्नु खान, सरिका कुमारी, उपेंद्र कुमार, विनोद कुमार यादव, तबस्सुम परवीन समेत अन्य सदस्य एवं अधिकारी मौजूद रहे। मानसून से पहले नाला सफाई पूरी करने का निर्देश बैठक में सबसे अधिक चर्चा शहर की नाला एवं नाली सफाई व्यवस्था को लेकर हुई। मेयर वीरेंद्र कुमार ने स्पष्ट कहा कि मानसून का आगमन निकट है, ऐसे में जलजमाव की समस्या से बचने के लिए सभी बड़े और छोटे नालों की सफाई समय पर पूरी होना अत्यंत आवश्यक है। #gayakepublic #bodhgayakepublic. #viralreelsシ #viralreels #NagarNigamGaya

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 6, 2026