*जनता के लिए मोर्चा संभाला, पत्रकारों को दिया सम्मान का भरोसा*
*नेत्र शिविर में न आ सके एसपी-कलेक्टर, संघ ने ऑफिस जाकर किया आभार*
*ग्वालियर।* कर्तव्य पहले, बाकी सब बाद में। 31 मई को मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार fसंघ के नेत्र शिविर में एसपी और कलेक्टर नहीं आ पाए, तो मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की ग्वालियर जिला इकाई के पदाधिकारियों ने आज खुद उनके ऑफिस पहुंचकर उनका सम्मान किया। दोनों अफसरों ने खेद जताते हुए पत्रकारों के इस अनूठे प्रयास को सलाम किया।
*एसपी धर्मवीर सिंह यादव बोले - "मैदान छोड़ नहीं सकता था"*
दरअसल 31 मई को शहर में देवी अहिल्या को लेकर हुए विवाद के बाद दंगों जैसी स्थिति बन गई थी। एसपी धर्मवीर सिंह यादव ने खुद मोर्चा संभाला और पूरे दिन फील्ड पर डटे रहे। इसी वजह से वे पत्रकारों के रतन ज्योति नेत्रालय में लगे शिविर में नहीं आ पाए।
आज संघ के पदाधिकारियों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर उनका सम्मान किया।
एसपी ने कहा मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने नेत्र शिविर लगाकर सराहनीय कार्य किया है। उस दिन हालात ऐसे थे कि मैं मैदान छोड़ नहीं सकता था। संगठन के कार्यक्रम में न आ पाने का खेद है।
*कलेक्टर रुचिका चौहान बोलीं - "पत्रकार हित का कदम सराहनीय"*
वहीं कलेक्टर रुचिका चौहान 31 मई को आईएसबीटी बस सर्विसेज की महत्वपूर्ण मीटिंग में व्यस्त थीं। जनता से सीधे जुड़े काम के चलते वे भी शिविर में नहीं पहुंच पाई थीं।
संघ की टीम ने कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर उनका भी सम्मान किया।
कलेक्टर मैडम ने कहा संगठन को साधुवाद। रतन ज्योति नेत्रालय की डॉ. भसीन मैडम का भी आभार, जिन्होंने पत्रकारों के हित में नेत्र शिविर लगाकर जो कदम उठाया है वो सराहनीय है। प्रशासन हर कदम पर पत्रकारों के साथ है।
संघ के जिला अध्यक्ष शाहनवाज खान, महासचिव देव करण ने कहा कि दोनों अफसरों ने जनता से जुड़ी ड्यूटी को प्राथमिकता दी, हम इसका सम्मान करते हैं। एसपी-कलेक्टर दोनों ने भरोसा दिलाया कि पत्रकार हित में प्रशासन हमेशा खड़ा रहेगा।
बॉक्स: 31 मई को क्यों छूटा कार्यक्रम?
*एसपी धर्मवीर सिंह यादव:* देवी अहिल्या विवाद के बाद शहर में तनाव फैला। दंगे की आशंका के बीच एसपी ने खुद कमान संभाली।
*कलेक्टर रुचिका चौहान:* आईएसबीटी बस सर्विसेज शुरू करने को लेकर अहम बैठक में व्यस्त रहीं।