*परिवर्तन ज़रूरी है' के नारे के साथ भाकपा की पदयात्रा शुरू, संविधान बचाने से लेकर महंगाई-बेरोजगारी तक उठाई बुलंद आवाज़*
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 6 अगस्त से 15 अगस्त तक चलने वाले पदयात्रा अभियान की शुरुआत पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड अंतर्गत भीतहां पंचायत से की गई। पदयात्रा भीतहां, बगही रतनपुर, बैरिया, मियांपुर तिलंगही, तधवानन्दपुर, लौकरिया और बथना पंचायत के विभिन्न गांवों से होकर निकाली गई, जहां पार्टी नेताओं ने आम जनता के बीच पहुंचकर अपने संदेश और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा।
पदयात्रा के दौरान भाकपा नेताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा, बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ व्यापक जनसमर्थन की अपील की। साथ ही अल्पसंख्यकों, दलितों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, किसानों के सभी प्रकार के कर्ज माफ करने, चारों लेबर कोड वापस लेने, गरीबों को उजाड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाने, खाद की कालाबाजारी समाप्त करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था बहाल करने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग को लेकर जनजागरण अभियान चलाया गया।
इस पदयात्रा का नेतृत्व भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति, जिला नेता राधामोहन यादव, अशोक मिश्र, बब्लू दूबे, चन्द्रिका प्रसाद, मनोज साह, राज्य परिषद सदस्य केदार चौधरी, खेत मजदूर नेता राजेन्द्र साह, अच्छे लाल सहनी, इद्रिश, जंगी लाल, यमुना महतो, टुनटुन शुक्ल, राधा साह सहित दर्जनों पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया।
इस दौरान भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने कहा कि देश इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। उनके अनुसार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और देश के करोड़ों लोग आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि युवा, किसान और मजदूर अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुके हैं तथा भाकपा परिवर्तन ज़रूरी है के नारे के साथ जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है।
वहीं अंचल सचिव ज्वाला कांत द्विवेदी ने आरोप लगाया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में घरों पर टैक्स लगाकर लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली आम जनता के प्रति संवेदनशील नहीं रह गई है, जिसके विरोध में भाकपा आने वाले दिनों में व्यापक आंदोलन चलाएगी।
भाकपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त तक चलने वाला यह पदयात्रा अभियान गांव-गांव जाकर जनता को जागरूक करने, जनसमस्याओं को मुखर रूप से उठाने और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर लोगों को संगठित करने का कार्य करेगा।