बीकानेर के सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के विरोध में 1 जुलाई 2026 को कलेक्ट्री पर विशाल महापड़ाव व धरना
बीकानेर। बीकानेर और इसके सीमावर्ती क्षेत्रों में केन्द्र एवं राज्य सरकार के निर्देश पर प्रशासन द्वारा दिनांकः 20.06.2026 को बिना किसी पूर्व सूचना व कानूनी प्रक्रिया के धार्मिक स्थलों को ढाहे जाने के विरोध में आगामी 1 जुलाई 2026 (बुधवार) को प्रातः 11:00 बजे से कर्मचारी मैदान जिला कलेक्ट्री परिसर, बीकानेर पर एक विशाल एवं शांतिपूर्ण गांधीवादी महापड़ाव व धरना आयोजित किया जा रहा है। जिसमें जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से हजारों की संख्या में 'छत्तीस कौम' के लोग शामिल होंगे।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के संबंध में विचार विमर्श हेतु आज दिनांक 28.06.2026 को गोविन्दराम मेघवाल,पूर्व मंत्री के निवास पर बीकानेर जिले के जनप्रतिनिधि एवं कार्यकताओ की बैठक आयोजित की गई। जिसमें नाजू खां सरपंच, महमूद खा गंगाजली लतीफ खां गंगाजली शकील खान 7 पीएचएम मुमताज कंकराला, खालक खां, सरपंच दंतौर कमल मेधववाल, दतौर, कालू खां, जालवाली फारुक जालवाली जाफर खां, बैरियावाली युनुश खां लबाड़ा, युसुफ सियासर मुकेश बजाज पूगल, मुनीर खा बल्लर,रजाक खां बरजू, रियाज सरपंच 2 पीबी, मुनीर खां 2 पीबी, रोशन दैया दन्तौर, राजेन्द्र सहारण , राजेन्द्र जांगू, सत्तार खां, मम्मी खां, गुलाम सदीक, लालाराम असगर अली श्यामू खां गंगाजली मालाराम मुंड कश्मीर खां मुनीर खां सिधी धोधा लियाकत दहिया हासम खां आरिफ खां रिड़मलसर उपस्थित रहे।
बैठक पश्चात माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार को (जिला कलेक्टर, बीकानेर के माध्यम से) एक विस्तृत ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महो . बीकानेर को व्यक्तिशः दिया जाकर निम्न मांगो के समाधान की पुरजोर मांग की गई है। (प्रति सलग्न है )
प्रमुख मांगें:
· धार्मिक स्थलों का ससम्मान पुनर्निर्माण: ग्राम बांडका की मस्जिद, पहलवान का बैरा की दरगाह और आडूरी की दरगाह का जिला प्रशासन द्वारा शासकीय स्तर पर ससम्मान पुनः निर्माण कराया जाए।
· मनमानी कार्रवाई पर तुरंत रोक: सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी अन्य धार्मिक स्थल को तोड़ने की संभावित कार्रवाई पर तुरंत रोक लगे और बिना पूर्ण कानूनी प्रक्रिया के कोई कदम न उठाया जाए।
· संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष ढांचे की रक्षा: बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के मूल विचारों की रक्षा की जाए। राजनीतिक व सामाजिक संगठनों द्वारा एक सोची-समझी रणनीति के तहत संविधान के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को कमजोर करने के जो प्रयास किए जा रहे हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से रोका जाए।
· धार्मिक स्थलों में वित्तीय अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में हुई 200 करोड़ रुपये की कथित लूट की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली कमेटी या सीबीआई (CBI) से कराई जाए। इसी तर्ज पर काशी और मथुरा जैसे अन्य बड़े धार्मिक स्थलों में भी राशि की लूट व चोरी संबंधी शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
· पट्टे जारी करने हेतु विशेष कैंप: बीकानेर जिले के जिन धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों (मस्जिद, मंदिर, दरगाह, गुरुद्वारा, ईदगाह, मदरसा, श्मशान व कब्रिस्तान) के पट्टे स्वीकृत नहीं हैं, उनके लिए राज्य सरकार जिला प्रशासन को निर्देशित कर एक विशेष अभियान (कैंप) चलाए और त्वरित रूप से नियमानुसार पट्टे जारी करे।
· रिहायशी क्षेत्रों को 'आबादी भूमि' घोषित कर मालिकाना हक देना: जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में वर्षों से आबादी भूमि स्वीकृत न होने के कारण लोग पक्के मकान बनाकर रहने के बावजूद पट्टे और ऋण (लोन) जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। प्रशासन तत्काल विशेष अभियान चलाकर इन रिहायशी क्षेत्रों का सर्वे व सीमांकन करे, इन्हें आधिकारिक रूप से 'आबादी क्षेत्र' घोषित करे और काबिज परिवारों को पट्टे जारी करे ताकि उनके सिर से हमेशा बने रहने वाले बेदखली के डर को समाप्त किया जा सके।
कार्यक्रम कमेटी के प्रवक्ता मुमताज अली, कंकराला ने बताया कि 1 जुलाई 2026 को होने वाला यह महापड़ाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से होगा, जहाँ सभी नागरिक भारत के संविधान को अक्षुण्ण रखने का दृढ़ संकल्प लेंगे। उपस्थित सभी प्रबुद्धजनों ने आम जन से महापड़ाव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।