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#बालाघाट कलेक्टर ने वारासिवनी में खंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं की समीक्षा की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं महिला-बाल विकास विभाग को दिए सख्त निर्देश वारासिवनी की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक को निलंबित करने के निर्देश कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने शुक्रवार को सांदीपनि विद्यालय वारासिवनी में विकासखंड के सभी विभागों के खंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे, श्री डी.पी. बर्मन, एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल सहित सभी विभागों के जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा से हुई। कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के अनमोल पोर्टल पर पंजीयन एवं चार एएनसी जांच की प्रगति का परीक्षण किया। ग्राम वाला, उमरवाड़ा, थानेगांव, सिंगोड़ी एवं मंगेझरी की एएनएम एवं सीएचओ से खराब प्रगति का कारण पूछा गया तथा तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। नगर क्षेत्र वारासिवनी के वार्ड क्रमांक 5 एवं 14 की आशा कार्यकर्ताओं को भी चेतावनी दी गई कि उनके क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का प्रसव निजी अस्पतालों में होने पर उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। कलेक्टर श्री मीना ने सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन, नियमित एएनसी जांच एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड के सभी पांच प्रसव केंद्रों का व्यवस्थित संचालन तथा प्रसूति सहायता योजना एवं जननी सुरक्षा योजना की राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कहा। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मेंढकी, रामपायली एवं झालीवाड़ा सेक्टर में पोषण ट्रैकर एप पर बच्चों के पंजीयन, कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई। नगर क्षेत्र वारासिवनी में अत्यंत खराब प्रगति पाए जाने पर संबंधित आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों को शीघ्र भुगतान करने तथा स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग के सभी कर्मचारियों को सार्थक एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन का आहरण सार्थक एप की उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा। शिक्षा विभाग की समीक्षा में शालाओं में विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत नामांकन एवं पाठ्यपुस्तकों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के गणितीय एवं बौद्धिक स्तर पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित जनशिक्षकों को तत्काल सुधार लाने की चेतावनी दी। राजस्व विभाग की समीक्षा में फार्मर रजिस्ट्री में कम प्रगति वाले पटवारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। नगर क्षेत्र में कृषि भूमि पर बने आवासीय भवनों से डायवर्सन शुल्क की वसूली नहीं होने पर वारासिवनी तहसीलदार को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उद्यानिकी फसलों को गिरदावरी में दर्ज कराने के लिए तहसीलदार एवं उद्यानिकी विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा गया। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान अमानक खाद एवं बीज विक्रय करने वालों के विरुद्ध जांच कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। ड्रिप, स्प्रिंकलर, सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने तथा पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किसानों को जागरूक करने एवं नियमों के अनुसार जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों को भी सार्थक एप से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग की समीक्षा में क्षीरधारा योजना के अंतर्गत वारा, बुदबुदा एवं रमरमा क्षेत्र की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई। एफएमडी टीकाकरण का लक्ष्य समय पर पूरा करने तथा कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के उपयोग में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि बालाघाट प्रदेश का सर्वाधिक पशुधन वाला जिला है, इसलिए यहां इन योजनाओं में उत्कृष्ट प्रगति दिखाई देनी चाहिए। बैठक में मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अधिक से अधिक घरों में सोलर पैनल स्थापित कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि वारासिवनी क्षेत्र में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं, जिनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। इसके अलावा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को संबल योजना में पात्र हितग्राहियों का पंजीयन एवं अनुग्रह सहायता के प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत सचिवों को जलकर, संपत्ति कर एवं अन्य स्थानीय करों की प्रभावी वसूली कर पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए भी निर्देशित किया गया। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #healthminmp #minprdd #mp_wcdmp

61 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 26, 2026

MORE NEWS

#बालाघाट 
सीतापठोर और सुकली के 09 किसानों ने सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से की 45 एकड़ में धान की बोनी

नई तकनीक अपनाकर लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में किसानों का कदम

      बालाघाट जिले के विकासखंड कटंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकली के ग्राम सीतापठोर एवं सुकली में किसानों द्वारा धान की खेती में आधुनिक डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अब तक 09 प्रगतिशील किसानों ने सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

     कृषि विस्तार अधिकारी श्री विशेष बागड़े के मार्गदर्शन में ग्राम सीतापठोर के उन्नत कृषक श्री राकेश सूर्यवंशी ने विभागीय धान किस्म जेआर-21 की 10 एकड़ में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति द्वारा बुवाई की। इस तकनीक का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, पानी की बचत करना तथा उत्पादन में वृद्धि करना है।

     श्री सूर्यवंशी ने अपने खेत पर अन्य किसानों को भी डीएसआर तकनीक के लाभों की जानकारी दी। इससे प्रेरित होकर श्री वेंकट/हरिकिशन चौधरी ने 10 एकड़, श्री प्रवीण सिंगारे ने 2 एकड़ तथा राहंगडाले परिवार ने भी अपने खेतों में डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई की तैयारी की है।

      इसी क्रम में कृषि विस्तार अधिकारी श्री विशेष बागड़े के मार्गदर्शन में श्री वैभव पालिवाल ने 5 एकड़, श्री मुन्नालाल जैसवाल ने 5 एकड़, श्री तुकाराम राहंगडाले ने 4 एकड़, श्री आत्माराम सोनी ने 5 एकड़, श्री मुरलीधर सोनगड़े ने 2 एकड़ तथा श्री नरेंद्र जैतवार ने 2 एकड़ क्षेत्र में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर तकनीक अपनाकर धान की बुवाई की है।

     कृषि विभाग द्वारा किसानों को खेत पर ही डीएसआर तकनीक के व्यावहारिक लाभों की जानकारी दी जा रही है। इस तकनीक से बीज एवं श्रम लागत में कमी, सिंचाई जल की बचत, समय पर बुवाई तथा बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ती है। किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए क्षेत्र के अन्य कृषक भी डीएसआर पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

      कृषि विभाग ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की अपील की है।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minmpkrishi

#बालाघाट सीतापठोर और सुकली के 09 किसानों ने सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से की 45 एकड़ में धान की बोनी नई तकनीक अपनाकर लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में किसानों का कदम बालाघाट जिले के विकासखंड कटंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकली के ग्राम सीतापठोर एवं सुकली में किसानों द्वारा धान की खेती में आधुनिक डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अब तक 09 प्रगतिशील किसानों ने सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। कृषि विस्तार अधिकारी श्री विशेष बागड़े के मार्गदर्शन में ग्राम सीतापठोर के उन्नत कृषक श्री राकेश सूर्यवंशी ने विभागीय धान किस्म जेआर-21 की 10 एकड़ में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति द्वारा बुवाई की। इस तकनीक का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, पानी की बचत करना तथा उत्पादन में वृद्धि करना है। श्री सूर्यवंशी ने अपने खेत पर अन्य किसानों को भी डीएसआर तकनीक के लाभों की जानकारी दी। इससे प्रेरित होकर श्री वेंकट/हरिकिशन चौधरी ने 10 एकड़, श्री प्रवीण सिंगारे ने 2 एकड़ तथा राहंगडाले परिवार ने भी अपने खेतों में डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई की तैयारी की है। इसी क्रम में कृषि विस्तार अधिकारी श्री विशेष बागड़े के मार्गदर्शन में श्री वैभव पालिवाल ने 5 एकड़, श्री मुन्नालाल जैसवाल ने 5 एकड़, श्री तुकाराम राहंगडाले ने 4 एकड़, श्री आत्माराम सोनी ने 5 एकड़, श्री मुरलीधर सोनगड़े ने 2 एकड़ तथा श्री नरेंद्र जैतवार ने 2 एकड़ क्षेत्र में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर तकनीक अपनाकर धान की बुवाई की है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को खेत पर ही डीएसआर तकनीक के व्यावहारिक लाभों की जानकारी दी जा रही है। इस तकनीक से बीज एवं श्रम लागत में कमी, सिंचाई जल की बचत, समय पर बुवाई तथा बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ती है। किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए क्षेत्र के अन्य कृषक भी डीएसआर पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की अपील की है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

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